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पर्चा न मिलने पर धरने पर बैठे पूर्व विधायक
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खैराबाद/सीतापुर। खैराबाद ब्लॉक प्रमुख का पर्चा न मिलने पर पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल ब्लॉक परिसर में धरने पर बैठे गए। करीब दो घंटे तक धरना दिया। उसके बाद पुलिस ने उनको समझाकर वहां से हटवाया। एसडीएम ने बताया कि पर्चा सभी को दिए जा रहे हैं। अब तक चार पर्चे बिक चुके हैं। पूर्व विधायक का आरोप निराधार है।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव का नामांकन पत्र न मिलने पर पूर्व सदर विधायक राधेश्याम जायसवाल ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रशासन व सत्तारूढ़ सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। पूर्व विधायक का कहना है कि सुबह 11 बजे ब्लॉक पर अपने दो प्रत्याशियों को पर्चा दिलाने आया था। लेकिन यहां पर केवल भाजपाइयों को ही पर्चा दिया जा रहा है।
सभी प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह करते रहे पर आवेदन पत्र नहीं दिए गए। तीन बजते ही पुलिस की गाड़ी में बिठाकर हमें आवास छोड़ दिया गया। आवास के बाहर पुलिस लगा दी है। ऐसा अत्याचार राजनीति के कैरियर में किसी की सरकार में नहीं हुआ है। यह लोकतंत्र की हत्या है।
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एसडीएम सदर अमित भट्ट का कहना है कि पूर्व विधायक का आरोप निराधार है। हमारे अधिकारी वहां मौजूद थे। मैं स्वयं वहां था। थोड़ी देर के लिए एक बैठक में गया था। अगर वह आवेदन लेने गये थे तो लिया क्यों नहीं। अगर ऐसा होता तो चार आवेदन कैसे बिकते।
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव का नामांकन पत्र न मिलने पर पूर्व सदर विधायक राधेश्याम जायसवाल ने सपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रशासन व सत्तारूढ़ सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। पूर्व विधायक का कहना है कि सुबह 11 बजे ब्लॉक पर अपने दो प्रत्याशियों को पर्चा दिलाने आया था। लेकिन यहां पर केवल भाजपाइयों को ही पर्चा दिया जा रहा है।
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सभी प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह करते रहे पर आवेदन पत्र नहीं दिए गए। तीन बजते ही पुलिस की गाड़ी में बिठाकर हमें आवास छोड़ दिया गया। आवास के बाहर पुलिस लगा दी है। ऐसा अत्याचार राजनीति के कैरियर में किसी की सरकार में नहीं हुआ है। यह लोकतंत्र की हत्या है।
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एसडीएम सदर अमित भट्ट का कहना है कि पूर्व विधायक का आरोप निराधार है। हमारे अधिकारी वहां मौजूद थे। मैं स्वयं वहां था। थोड़ी देर के लिए एक बैठक में गया था। अगर वह आवेदन लेने गये थे तो लिया क्यों नहीं। अगर ऐसा होता तो चार आवेदन कैसे बिकते।