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घाघरा व शारदा नदियों का जलस्तर स्थिर पर मुसीबतें नहीं हो रहीं कम
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रेउसा (सीतापुर)। घाघरा व शारदा नदियों का जलस्तर गुरुवार को स्थिर होने के बाद भी तटीय क्षेत्र के लोगों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। संपर्क मार्गों पर भरा पानी घटने के बाद कीचड़ के कारण ग्रामीणों का आवागमन दुश्वार है। उधर, बैराजों से गुरुवार को फिर 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे बड़े पैमाने पर पानी से घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। गुरुवार को फौजदार पुरवा और चौकीपुरवा के रास्तों पर पानी भरा रहा।
पानी घटने के बाद भी कीचड़ के कारण आवागमन में ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक नदियों का जलस्तर स्थिर होने के बाद भी खतरा टला नहीं है। बैराजों से पानी छोड़े जाने पर हालात फिर बेकाबू हो सकते हैं।
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तहसीलदार बिसवां राजकुमार गुप्ता ने बताया कि पहले के सापेक्ष बैराजों से काफी कम पानी छोड़ा गया है। इससे नदियों का जलस्तर घटा है। हालातों पर नजर रखी जा रही है।
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बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे बड़े पैमाने पर पानी से घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का क्रम जारी है। गुरुवार को फौजदार पुरवा और चौकीपुरवा के रास्तों पर पानी भरा रहा।
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पानी घटने के बाद भी कीचड़ के कारण आवागमन में ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक नदियों का जलस्तर स्थिर होने के बाद भी खतरा टला नहीं है। बैराजों से पानी छोड़े जाने पर हालात फिर बेकाबू हो सकते हैं।
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तहसीलदार बिसवां राजकुमार गुप्ता ने बताया कि पहले के सापेक्ष बैराजों से काफी कम पानी छोड़ा गया है। इससे नदियों का जलस्तर घटा है। हालातों पर नजर रखी जा रही है।