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सरयू किनारे बसे 15 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
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रेउसा (सीतापुर)। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से सरयू व शारदा नदियों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। शनिवार को सरयू का बहाव आबादी के करीब पहुंचने से ग्रामीण भयभीत हो गए हैं। तटवर्ती करीब 15 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इन गांवों से महज 50 से 100 मीटर की दूरी पर सरयू की लहरें हिलोरें मार रही हैं। हालांकि जलस्तर बढ़ने से कटान थम गया है।
जिले के गांजरी इलाके में सरयू का उफान हर साल तबाही की नई इबारत लिख जाता है। सैकड़ों आशियानों व हजारों बीघा फसलें बाढ़ व कटान की भेंट चढ़ जाती हैं। शासन-प्रशासन बाढ़ व कटान की स्थायी रोकथाम को लेकर दावे तो खूब करता है लेकिन हालात जस के तस ही बने हुए हैं। मानसून आने के बाद पहाड़ों पर लगातार होने वाली बारिश के साथ सरयू व शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से गांजर के हालात बिगड़ने लगे हैं।
शनिवार को जटपुरवा गांव से महज 50 मीटर की दूरी पर सरयू की लहरें हिलोरें मारती नजर आईं। लगातार आबादी के करीब पहुंच रहे पानी के बहाव से दुर्गापुरवा, नगीनापुरवा तथा समयदीनपुरवा समेत करीब 15 तटवर्ती मजरों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सरयू के किनारे बसे इन मजरों से नदी का बहाव कहीं 50 मीटर तो कहीं 80 मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। संभावित बाढ़ को लेकर इन गांवों के लोग खौफजदा हैं। ज्यादातर बाशिंदे अपने घरों का सामान समेटकर सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचने लगे हैं।
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बाढ़ का खतरा कई गांवों पर मंडराने लगा है। किसी भी समय उफनाई लहरें गांव में घुस सकती हैं। ग्रामीण बाढ़ की आशंका को देखते हुए ऊंची जगहों पर ठिकाना बनाने में जुट गए हैं। इसके बाद भी इलाके में कहीं बाढ़ राहत चौकियां नजर नहीं आ रही हैं।
एसडीएम बिसवां सुरेश कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। नदियों का जलस्तर अपने दायरे में है। इसके बाद भी क्षेत्र में लेखपालों को नजर रखने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। बराबर नजर रखी जा रही है।
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जिले के गांजरी इलाके में सरयू का उफान हर साल तबाही की नई इबारत लिख जाता है। सैकड़ों आशियानों व हजारों बीघा फसलें बाढ़ व कटान की भेंट चढ़ जाती हैं। शासन-प्रशासन बाढ़ व कटान की स्थायी रोकथाम को लेकर दावे तो खूब करता है लेकिन हालात जस के तस ही बने हुए हैं। मानसून आने के बाद पहाड़ों पर लगातार होने वाली बारिश के साथ सरयू व शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से गांजर के हालात बिगड़ने लगे हैं।
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शनिवार को जटपुरवा गांव से महज 50 मीटर की दूरी पर सरयू की लहरें हिलोरें मारती नजर आईं। लगातार आबादी के करीब पहुंच रहे पानी के बहाव से दुर्गापुरवा, नगीनापुरवा तथा समयदीनपुरवा समेत करीब 15 तटवर्ती मजरों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सरयू के किनारे बसे इन मजरों से नदी का बहाव कहीं 50 मीटर तो कहीं 80 मीटर की दूरी पर पहुंच गया है। संभावित बाढ़ को लेकर इन गांवों के लोग खौफजदा हैं। ज्यादातर बाशिंदे अपने घरों का सामान समेटकर सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचने लगे हैं।
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बाढ़ का खतरा कई गांवों पर मंडराने लगा है। किसी भी समय उफनाई लहरें गांव में घुस सकती हैं। ग्रामीण बाढ़ की आशंका को देखते हुए ऊंची जगहों पर ठिकाना बनाने में जुट गए हैं। इसके बाद भी इलाके में कहीं बाढ़ राहत चौकियां नजर नहीं आ रही हैं।
एसडीएम बिसवां सुरेश कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। नदियों का जलस्तर अपने दायरे में है। इसके बाद भी क्षेत्र में लेखपालों को नजर रखने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। बराबर नजर रखी जा रही है।