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Sitapur News: पांच ग्रामीणों ने बना दिया बांस-बल्ली का पुल, आसान हुई हजारों की राह
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बांस के पुल से गुजरते लोग।
सीतापुर। कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तबीयत से उछालो यारों...। दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां इलाके के पांच ग्रामीणों पर सटीक बैठती हैं। इन ग्रामीणों ने अपनी मशक्कत की बदौलत दो ब्लॉकों को जोड़ने वाले रास्ते में सरायं नदी पर बांस बल्लियों का पुल बनाकर हजारों ग्रामीणों की राहें आसान कर दी हैं।
आजादी के 78 साल बाद इलाके में विकास की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो ब्लाॅकों को जोड़ने वाले मार्ग पर अभी तक पुल नहीं बना है। विकासखंड मछरेहटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सेनपुर के करीब से निकली सरायं नदी पर ग्रामीणों ने श्रमदान कर पुल का निर्माण कर दिया। बांस बल्ली से बनाए गए इस पुल में करीब 20 हजार की लागत भी आई है। पुल बन जाने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिली है।
इन पांच ग्रामीणों के हौसले को सलाम
पुल न होने के कारण लोगों को आवागमन में हो रही दिक्कत को देखते हुए हुसैनपुर निवासी श्याम किशोर, कौशल, किशुन, नन्हकू और गुरैनी के निवासी सुरेंद्र ने नदी पर पुल बनाने की ठान ली। ग्रामीणों के मुताबिक बीते दिसंबर माह में पुल का निर्माण शुरू किया था। पानी की तेज धार में धीरे-धीरे कार्य चला, नतीजतन जनवरी के दूसरे सप्ताह में बांस बल्ली से पुल तैयार हो गया। बताया कि इस पुल से निकलने वाले साइकिल सवार से 5 और बाइक सवार से 10 रुपये देने का अनुरोध रहता है ताकि मरम्मत की व्यवस्था की जा सके, इसके लिए कोई प्रतिबंध नहीं है।
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इन गांव के लोगों को मिलेगा लाभ
इस पुल से सेनपुर, गुजरापुर, धरहटी, कूड़ापुरवा, पचपेड़िया, अंधपुर, गुरैनी, बेलंदापुर, हुसैनपुर, कैथाभारी, रमुवापुर, कैमहरा आदि गांव के किसान व मजदूर प्रतिदिन गुजरते है। यहां के हजारों ग्रामीणों को इस पुल का लाभ मिलेगा।
मछरेहटा व खैराबाद ब्लॉक क्षेत्र को जोड़ा
सरायं नदी पर जहां पुल बनाया गया है, वहां नदी के एक तरफ विकासखंड मछरेहटा का क्षेत्र आता है, दूसरी तरफ विकासखंड खैराबाद का क्षेत्र पड़ता है। मछरेहटा क्षेत्र के ग्रामीण 14 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके खैराबाद तक पहुंचते हैं, इस पुल से गुजरने पर महज पांच किलोमीटर की दूरी में ही खैराबाद तक का सफर तय हो जाता है।
बोले ग्रामीण
रमुवापुर के मेवालाल राजवंशी का कहना है कि साइकिल से पुल पार करके आए हैं, इसके पहले काफी घूमकर आना होता था। अटरिया के रहने वाले राजू ने बताया कि बाइक से पुलिस के जरिये निकले हैं अब काफी कम समय लगता है। ग्राम पंचायत सेनपुर के प्रधान प्रतिनिधि काजू यादव ने डीएम से जल्द पुल का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हो सके।
धरना प्रदर्शन के बाद भी जिम्मेदार मौन
बीते दिसंबर माह में भारतीय किसान यूनियन राष्ट्र शक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी उमाशंकर यादव के नेतृत्व में संगठन के लोगों ने जल सत्याग्रह कर धरना प्रदर्शन किया था, काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए थे। क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि कई बार धरना प्रदर्शन किया जा चुका है लेकिन हर बार पुल निर्माण का सिर्फ आश्वासन ही मिला।
एक सप्ताह में शुरू होगा पुल का निर्माण
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जयप्रकाश भारती ने बताया कि टेंडर पास हो चुका है, एक सप्ताह के अंदर पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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आजादी के 78 साल बाद इलाके में विकास की गति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दो ब्लाॅकों को जोड़ने वाले मार्ग पर अभी तक पुल नहीं बना है। विकासखंड मछरेहटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सेनपुर के करीब से निकली सरायं नदी पर ग्रामीणों ने श्रमदान कर पुल का निर्माण कर दिया। बांस बल्ली से बनाए गए इस पुल में करीब 20 हजार की लागत भी आई है। पुल बन जाने से क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिली है।
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इन पांच ग्रामीणों के हौसले को सलाम
पुल न होने के कारण लोगों को आवागमन में हो रही दिक्कत को देखते हुए हुसैनपुर निवासी श्याम किशोर, कौशल, किशुन, नन्हकू और गुरैनी के निवासी सुरेंद्र ने नदी पर पुल बनाने की ठान ली। ग्रामीणों के मुताबिक बीते दिसंबर माह में पुल का निर्माण शुरू किया था। पानी की तेज धार में धीरे-धीरे कार्य चला, नतीजतन जनवरी के दूसरे सप्ताह में बांस बल्ली से पुल तैयार हो गया। बताया कि इस पुल से निकलने वाले साइकिल सवार से 5 और बाइक सवार से 10 रुपये देने का अनुरोध रहता है ताकि मरम्मत की व्यवस्था की जा सके, इसके लिए कोई प्रतिबंध नहीं है।
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इन गांव के लोगों को मिलेगा लाभ
इस पुल से सेनपुर, गुजरापुर, धरहटी, कूड़ापुरवा, पचपेड़िया, अंधपुर, गुरैनी, बेलंदापुर, हुसैनपुर, कैथाभारी, रमुवापुर, कैमहरा आदि गांव के किसान व मजदूर प्रतिदिन गुजरते है। यहां के हजारों ग्रामीणों को इस पुल का लाभ मिलेगा।
मछरेहटा व खैराबाद ब्लॉक क्षेत्र को जोड़ा
सरायं नदी पर जहां पुल बनाया गया है, वहां नदी के एक तरफ विकासखंड मछरेहटा का क्षेत्र आता है, दूसरी तरफ विकासखंड खैराबाद का क्षेत्र पड़ता है। मछरेहटा क्षेत्र के ग्रामीण 14 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके खैराबाद तक पहुंचते हैं, इस पुल से गुजरने पर महज पांच किलोमीटर की दूरी में ही खैराबाद तक का सफर तय हो जाता है।
बोले ग्रामीण
रमुवापुर के मेवालाल राजवंशी का कहना है कि साइकिल से पुल पार करके आए हैं, इसके पहले काफी घूमकर आना होता था। अटरिया के रहने वाले राजू ने बताया कि बाइक से पुलिस के जरिये निकले हैं अब काफी कम समय लगता है। ग्राम पंचायत सेनपुर के प्रधान प्रतिनिधि काजू यादव ने डीएम से जल्द पुल का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा हो सके।
धरना प्रदर्शन के बाद भी जिम्मेदार मौन
बीते दिसंबर माह में भारतीय किसान यूनियन राष्ट्र शक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी उमाशंकर यादव के नेतृत्व में संगठन के लोगों ने जल सत्याग्रह कर धरना प्रदर्शन किया था, काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए थे। क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि कई बार धरना प्रदर्शन किया जा चुका है लेकिन हर बार पुल निर्माण का सिर्फ आश्वासन ही मिला।
एक सप्ताह में शुरू होगा पुल का निर्माण
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता जयप्रकाश भारती ने बताया कि टेंडर पास हो चुका है, एक सप्ताह के अंदर पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।