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Sitapur News: पांच बीघा कृषि योग्य भूमि सरयू में समाई
Fri, 28 Aug 2026 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:28 AM IST
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श्रीरामपुरवा में बाढ़ बचाव कार्य का निरीक्षण करते सिंचाई विभाग के अधिकारी। - संवाद
रामपुर मथुरा। सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को भी 118 मीटर पर स्थिर रहा। पानी खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रहा है। कटान की गति कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन इससे राहत नहीं मिली है। बृहस्पतिवार को नागेश्वरपुरवा में करीब पांच बीघा कृषि योग्य जमीन कटकर सरयू में समा गई। तीनों बैराजों से बृहस्पतिवार को 2.45 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
सरयू का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात सुधरने लगे हैं। रास्तों व लोगों के घरों में भरा बाढ़ का पानी निकल गया है। हांलाकि, अभी कीचड़ भरा होने के कारण स्थितियां पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई हैं। पानी घटने से कटान लगातार हो रहा है।
नागेश्वरपुरवा के पास गुलामचंद्र, मौजीलाल, रमेश, केशवराम, रामसिंह, रजपतिया व दयाराम की जमीन को नदी की धारा काट रही है। लगभग कुल पांच बीघा कृषि योग्य जमीन फसल समेत कटकर सरयू में समा गई है। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीण चिंतित हैं।
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गुलाम चंद्र ने बताया कि आशियाना खत्म होने के बाद कहीं बसने के लिए प्रशासन भूमि अवश्य उपलब्ध कराएगा, किंतु जमीन कटने के बाद परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो जाएगी। रमेश ने बताया कि पिछले वर्षों की बाढ़ व कटान में जिन्होंने अपनी जमीन खोई है, उनका जीवन अब पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर हो गया है।
दयाराम ने बताया कि बाढ़ व कटान होने तक तो सारे अधिकारी ख्याल रखते हैं, इसके बाद कोई नहीं पूछता कि हम लोगों के परिवार कैसे चल रहे हैं। रजपतिया ने बताया कि हमने बाढ़ व कटान में बहुत से सम्पन्न परिवारों की हैसियत मिटते हुए देखी है। जब उनकी खेती योग्य जमीन नदी की धारा में कट गई तब से वह अत्यंत गरीबी की हालत में जी रहे हैं। खानाबदोशों जैसा जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
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बाढ़ पीड़ितों को बांटी गई राशन किट
बाढ़ पीड़ितों को अस्थायी रूप से जहां शिफ्ट किया गया है, वहां हैंडपंप की तीन बोरिंग कराई गई है, ताकि स्वच्छ पेयजल मिल सके। सभी पीड़ितों को चिकित्सीय सुविधा दी जा रही है। 59 राशन किट वितरित की गई हैं। कटान पीड़ितों के स्थायी पट्टा आवंटन के लिए जमीन का तलाश की जा रही है।
-अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम, महमूदाबाद
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बाढ़ बचाव कार्य का किया निरीक्षण
शारदा नदी का पानी खतरे के निशान से 0.79 मीटर नीचे है। लहरपुर तहसील क्षेत्र में खानामरोड़ व रायमरोड तथा बिसवां क्षेत्र के म्याेडीछोलहा के मजरा श्रीरामपुरवा में चल रहे बाढ़ बचाव कार्य का निरीक्षण किया गया है। कार्यों के संबंध में सहायक अभियंता व जूनियर इंजीनियर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी जगह स्थितियां सामान्य हैं।
-विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता. सिंचाई
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सरयू का जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात सुधरने लगे हैं। रास्तों व लोगों के घरों में भरा बाढ़ का पानी निकल गया है। हांलाकि, अभी कीचड़ भरा होने के कारण स्थितियां पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई हैं। पानी घटने से कटान लगातार हो रहा है।
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नागेश्वरपुरवा के पास गुलामचंद्र, मौजीलाल, रमेश, केशवराम, रामसिंह, रजपतिया व दयाराम की जमीन को नदी की धारा काट रही है। लगभग कुल पांच बीघा कृषि योग्य जमीन फसल समेत कटकर सरयू में समा गई है। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीण चिंतित हैं।
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गुलाम चंद्र ने बताया कि आशियाना खत्म होने के बाद कहीं बसने के लिए प्रशासन भूमि अवश्य उपलब्ध कराएगा, किंतु जमीन कटने के बाद परिवार के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो जाएगी। रमेश ने बताया कि पिछले वर्षों की बाढ़ व कटान में जिन्होंने अपनी जमीन खोई है, उनका जीवन अब पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर हो गया है।
दयाराम ने बताया कि बाढ़ व कटान होने तक तो सारे अधिकारी ख्याल रखते हैं, इसके बाद कोई नहीं पूछता कि हम लोगों के परिवार कैसे चल रहे हैं। रजपतिया ने बताया कि हमने बाढ़ व कटान में बहुत से सम्पन्न परिवारों की हैसियत मिटते हुए देखी है। जब उनकी खेती योग्य जमीन नदी की धारा में कट गई तब से वह अत्यंत गरीबी की हालत में जी रहे हैं। खानाबदोशों जैसा जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
बाढ़ पीड़ितों को बांटी गई राशन किट
बाढ़ पीड़ितों को अस्थायी रूप से जहां शिफ्ट किया गया है, वहां हैंडपंप की तीन बोरिंग कराई गई है, ताकि स्वच्छ पेयजल मिल सके। सभी पीड़ितों को चिकित्सीय सुविधा दी जा रही है। 59 राशन किट वितरित की गई हैं। कटान पीड़ितों के स्थायी पट्टा आवंटन के लिए जमीन का तलाश की जा रही है।
-अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम, महमूदाबाद
बाढ़ बचाव कार्य का किया निरीक्षण
शारदा नदी का पानी खतरे के निशान से 0.79 मीटर नीचे है। लहरपुर तहसील क्षेत्र में खानामरोड़ व रायमरोड तथा बिसवां क्षेत्र के म्याेडीछोलहा के मजरा श्रीरामपुरवा में चल रहे बाढ़ बचाव कार्य का निरीक्षण किया गया है। कार्यों के संबंध में सहायक अभियंता व जूनियर इंजीनियर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी जगह स्थितियां सामान्य हैं।
-विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता. सिंचाई