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लापरवाह कर्मियों पर दर्ज करा दो मुकदमा
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सीतापुर। नवागत जिलाधिकारी अनुज सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। सुबह 10.30 बजे पर्चा काउंटर पर महज 800 पर्चे बनने पर पूछा कि आखिर कितना लोड है। अस्पताल में हर तरफ गंदगी देखकर सीएमएस से कहा कि दो दिन में सुधार लाने को कहा। ऐसा न होने पर उन्होंने लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा लिखवाने के निर्देश दिए। जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर स्पष्टीकरण तलब किया। वैक्सीन इंचार्ज की खराब कार्यशैली पर फटकार लगाई।
डीएम जिला अस्पताल में दाखिल होते ही सबसे पहले पर्चा काउंटर पर पहुंचे। वहां पर्चा बनने की जानकारी पूछी। महज 800 पर्चे सुबह 10:30 बजे तक बनने पर हैरानी जताई। कहा, पर्चे देखकर लग रहा है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक आ रही है। इसके बाद मुख्य औषधि भंडार कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, एनआरसी, ओपीडी, पीडियाट्रिक वार्ड, अन्नपूर्णा रसोई घर, ह्दय रोग विभाग, पंजीकरण कक्ष, कोविड वार्ड, ड्यूटी रूम, भर्ती वार्ड, वैक्सीन कक्ष आदि का निरीक्षण किया।
डीएम जिला क्षय रोग केंद्र पहुंचे। जिला क्षय अधिकारी डॉ. मुसाफिर यादव गैरहाजिर मिले। जिला क्षय रोग अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया। वैक्सीन स्टोर रूम में डीफ्रिजर खराब मिलने पर वैक्सीन इंचार्ज जेसी गुप्ता को फटकार लगाई। बोले एक सप्ताह से खराब है और आप कुछ नहीं कर पा रहे हैं। कार्यशैली सुधारने की सख्त चेतावनी दी। जिला अस्पताल में गंदगी देख सीएमएस डॉ. आरके सिंह से कहा कि दो दिन के अंदर सफाई व्यवस्था सही करवा लीजिए।
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सफाई कर्मचारी लापरवाही बरते रहे है तो एफआईआर दर्ज करवा दीजिए। कोविड लैब में जाकर रोजाना हो रही जांचों के संबंध में जानकारी ली। डायलिसिस व्यवस्था भी जल्द शुरू कराने की बात कही। डीएम के तेवरों को देखकर चिकित्सक व कर्मचारी दंग रह गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों को बाहर से दवा न लानी पड़ी, यह भी तय किया जाए। बेडशीट नियमित रूप से बदलवाई जाए।
कौन है चिकित्सक, किसकी लगी है नेम प्लेट
डीएम ने ह्दय रोग विभाग में चल रही ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। इस कक्ष में डॉ. जेएन सिंह के नाम की पट्टिका लगी हुई है। जेएन सिंह इस समय छुट्टी पर चल रहे हैं। डीएम के पूछने दूसरा नाम बताया। इस पर सीएमएस से कहा कि जब डॉ. जेएन सिंह नहीं है तो यह पट्टिका हटवाओ। ओपीडी में जो भी चिकित्सक देखे उसके नाम की पट्टिका लगवाओ।
अस्पताल के अंदर न आए बाइकें
जिलाधिकारी टीबी वार्ड पहुंचे तो वहां पर तमाम बाइकें वार्ड के अंदर खड़ी थी। डीएम ने पूछा कि ये बाइकें किसकी है और अंदर कैसे आ गई। इमरजेंसी, मेडिकल व अन्य जगहों पर बाइकें अंदर खड़ी मिली। सीएमएस से बाइकों को हटवाने को कहा। वार्ड में कोई भी बाइक न आए।
अल्ट्रासाउंड जांच की समस्या होगी दूर
जिलाधिकारी महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की जांच की व्यवस्था बंद होने के सवाल पर बोले कि इसकी जानकारी नहीं है। फिर भी महिला अस्पताल में जांच की व्यवस्था जल्द शुरू कराई जाएगी। अस्पताल आने वाली महिलाओं को पूरा इलाज दिलवाया जाएगा।
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डीएम जिला अस्पताल में दाखिल होते ही सबसे पहले पर्चा काउंटर पर पहुंचे। वहां पर्चा बनने की जानकारी पूछी। महज 800 पर्चे सुबह 10:30 बजे तक बनने पर हैरानी जताई। कहा, पर्चे देखकर लग रहा है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक आ रही है। इसके बाद मुख्य औषधि भंडार कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, एनआरसी, ओपीडी, पीडियाट्रिक वार्ड, अन्नपूर्णा रसोई घर, ह्दय रोग विभाग, पंजीकरण कक्ष, कोविड वार्ड, ड्यूटी रूम, भर्ती वार्ड, वैक्सीन कक्ष आदि का निरीक्षण किया।
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डीएम जिला क्षय रोग केंद्र पहुंचे। जिला क्षय अधिकारी डॉ. मुसाफिर यादव गैरहाजिर मिले। जिला क्षय रोग अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया। वैक्सीन स्टोर रूम में डीफ्रिजर खराब मिलने पर वैक्सीन इंचार्ज जेसी गुप्ता को फटकार लगाई। बोले एक सप्ताह से खराब है और आप कुछ नहीं कर पा रहे हैं। कार्यशैली सुधारने की सख्त चेतावनी दी। जिला अस्पताल में गंदगी देख सीएमएस डॉ. आरके सिंह से कहा कि दो दिन के अंदर सफाई व्यवस्था सही करवा लीजिए।
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सफाई कर्मचारी लापरवाही बरते रहे है तो एफआईआर दर्ज करवा दीजिए। कोविड लैब में जाकर रोजाना हो रही जांचों के संबंध में जानकारी ली। डायलिसिस व्यवस्था भी जल्द शुरू कराने की बात कही। डीएम के तेवरों को देखकर चिकित्सक व कर्मचारी दंग रह गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों को बाहर से दवा न लानी पड़ी, यह भी तय किया जाए। बेडशीट नियमित रूप से बदलवाई जाए।
कौन है चिकित्सक, किसकी लगी है नेम प्लेट
डीएम ने ह्दय रोग विभाग में चल रही ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया। इस कक्ष में डॉ. जेएन सिंह के नाम की पट्टिका लगी हुई है। जेएन सिंह इस समय छुट्टी पर चल रहे हैं। डीएम के पूछने दूसरा नाम बताया। इस पर सीएमएस से कहा कि जब डॉ. जेएन सिंह नहीं है तो यह पट्टिका हटवाओ। ओपीडी में जो भी चिकित्सक देखे उसके नाम की पट्टिका लगवाओ।
अस्पताल के अंदर न आए बाइकें
जिलाधिकारी टीबी वार्ड पहुंचे तो वहां पर तमाम बाइकें वार्ड के अंदर खड़ी थी। डीएम ने पूछा कि ये बाइकें किसकी है और अंदर कैसे आ गई। इमरजेंसी, मेडिकल व अन्य जगहों पर बाइकें अंदर खड़ी मिली। सीएमएस से बाइकों को हटवाने को कहा। वार्ड में कोई भी बाइक न आए।
अल्ट्रासाउंड जांच की समस्या होगी दूर
जिलाधिकारी महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की जांच की व्यवस्था बंद होने के सवाल पर बोले कि इसकी जानकारी नहीं है। फिर भी महिला अस्पताल में जांच की व्यवस्था जल्द शुरू कराई जाएगी। अस्पताल आने वाली महिलाओं को पूरा इलाज दिलवाया जाएगा।