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नजर दूल्हा-दुल्हन पर, चर्चा चुनाव परिणाम की
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सीतापुर। फूलों से सजे स्टेज पर बैठे दूल्हा-दुल्हन...। मंडप में कॉफी, चाय या फिर ठंडा के साथ पकौड़ी, काजू नमकीन, फिंगर चिप्स आदि का आनंद लेते बराती...। नजर दूल्हा-दुल्हन पर और चर्चा चुनाव की...। जी हां, रविवार रात शादी के मंडपों में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। मंडप में बैठे मेहमानों की जुबान पर दूल्हा-दुल्हन से ज्यादा चर्चा चुनावी परिणाम की रही।
इस वेडिंग सीजन में दो मई बड़ी लग्नों में से एक थी। इस दिन हजारों शादियां निपटीं। दो मई की शादियों में जो खास रहा वो थी चुनावी चर्चा। यूं जयमाल के मंडप में आमतौर पर दूल्हा-दुल्हन की चर्चा होती है। कोई जोड़ी की चर्चा करता है तो कोई आवभगत की, लेकिन गुरुवार रात मंडपों पर नए जोड़े से ज्यादा चुनावी जोड़ घटाने पर चर्चा हुई।
गरम व शीतल पेय के साथ पकवानों का मजा लेते हुए मेहमानों ने पंचायत चुनावों के परिणामों पर चर्चा की। कुछ अपनी-अपनी गणित बताने में जुटे थे। मछरेहटा के गांव परसदा के बाबू मौर्य के बेटे की बरात ओयल लखीमपुर गई थी। द्वारचार होने तक गांव के प्रधानी का रिजल्ट आउट नहीं हो पाया था। बरातियों को परिणाम जानने को बेताब थे।
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ऐसे में में वे बार-बार गांव के लोगों को फोन मिलाकर मतगणना का हाल ले रहे थे और चुनावी गुणा-भाग लगा रहे थे। सोमवार भोर करीब साढ़े चार बजे परसदा का परिणाम न घोषित होने तक बराती चुनाव पर ही चर्चा करते रहे। परिणाम घोषित होने के बाद वोटरों के रुख पर चर्चा होने लगी। हर कोई अपना-अपना तर्क देकर वोटों की गणित समझा रहा था।
कुछ तो चेहरा दिखाकर ही लौट आए
एक तो कोविड का डर, दूसरे जल्द से जल्द परिणाम जानने का जुनून। ऐसे में जो बरात दस-बीस किलोमीटर के दायरे में थीं, उनके बराती दावत खाने के बाद दोबारा काउंटिंग स्थलों पर वापस आ गए। पुलिस ने उन्हें मतगणना स्थलों के आसपास भटकने नहीं दिया। ऐसे में वे परिचितों के दरवाजों पर एकत्र होकर मतगणना का हालचाल लेते रहे। इस दौरान उन्हें कई बार पुलिस के कोपभाजन का शिकार भी होना पड़ा। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए पुलिस ने कई मतगणना स्थलों के पास वाले गांवों के अंदर लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया।
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इस वेडिंग सीजन में दो मई बड़ी लग्नों में से एक थी। इस दिन हजारों शादियां निपटीं। दो मई की शादियों में जो खास रहा वो थी चुनावी चर्चा। यूं जयमाल के मंडप में आमतौर पर दूल्हा-दुल्हन की चर्चा होती है। कोई जोड़ी की चर्चा करता है तो कोई आवभगत की, लेकिन गुरुवार रात मंडपों पर नए जोड़े से ज्यादा चुनावी जोड़ घटाने पर चर्चा हुई।
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गरम व शीतल पेय के साथ पकवानों का मजा लेते हुए मेहमानों ने पंचायत चुनावों के परिणामों पर चर्चा की। कुछ अपनी-अपनी गणित बताने में जुटे थे। मछरेहटा के गांव परसदा के बाबू मौर्य के बेटे की बरात ओयल लखीमपुर गई थी। द्वारचार होने तक गांव के प्रधानी का रिजल्ट आउट नहीं हो पाया था। बरातियों को परिणाम जानने को बेताब थे।
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ऐसे में में वे बार-बार गांव के लोगों को फोन मिलाकर मतगणना का हाल ले रहे थे और चुनावी गुणा-भाग लगा रहे थे। सोमवार भोर करीब साढ़े चार बजे परसदा का परिणाम न घोषित होने तक बराती चुनाव पर ही चर्चा करते रहे। परिणाम घोषित होने के बाद वोटरों के रुख पर चर्चा होने लगी। हर कोई अपना-अपना तर्क देकर वोटों की गणित समझा रहा था।
कुछ तो चेहरा दिखाकर ही लौट आए
एक तो कोविड का डर, दूसरे जल्द से जल्द परिणाम जानने का जुनून। ऐसे में जो बरात दस-बीस किलोमीटर के दायरे में थीं, उनके बराती दावत खाने के बाद दोबारा काउंटिंग स्थलों पर वापस आ गए। पुलिस ने उन्हें मतगणना स्थलों के आसपास भटकने नहीं दिया। ऐसे में वे परिचितों के दरवाजों पर एकत्र होकर मतगणना का हालचाल लेते रहे। इस दौरान उन्हें कई बार पुलिस के कोपभाजन का शिकार भी होना पड़ा। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए पुलिस ने कई मतगणना स्थलों के पास वाले गांवों के अंदर लाठियां फटकार कर भीड़ को तितर-बितर किया।