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कोविड प्रोटोकॉल का पालन करके बीएड में प्रवेश की तय की मंजिल
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फोटो-01 जीआईसी स्कूल से बीएड की परीक्षा देने के बाद निकलते परीक्षार्थी। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। शुक्रवार को कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार जिले के 14 केंद्रों पर बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षार्थियों को मॉस्क लगाने पर प्रवेश दिया गया। प्रशासन व पुलिस के अफसर परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहे। वहीं, परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्रों से संतुष्ट दिखे। विद्यार्थियों ने मेरिट बढ़िया आने की उम्मीद जताई।
बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए शहर में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 4740 विद्यार्थी पंजीकृत थे। दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले विद्यार्थी अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। लिस्ट में अपना नाम व कक्ष संख्या देखी। उसके बाद कॉलेज में भेजा गया। गेट पर ही विद्यार्थियों की तलाशी ली गई। उनको मॉस्क लगाने के निर्देश दिए गए है। कुछ विद्यार्थी बिना मॉस्क के आए थे। लेकिन शिक्षकों ने मॉस्क लगाकर आने वाले परीक्षार्थी को ही प्रवेश दिया। कॉलेज में सीटिंग प्लान भी कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार बनाया गया था।
कई कॉलेज केंद्रों पर विद्यार्थियों के हैंड सैनिटाइज कराकर ही जाने की अनुमति दी गई। प्रत्येक दो केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई थी। यह मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहे। कहीं पर भी कोई दिक्कत सामने नहीं आई। वहीं प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा।
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कॉलेज के बाहर गाड़ियों की दिखी लाइनें
शहर में बनाए गए 14 परीक्षा केंद्रों के बाहर वाहनों की काफी संख्या दिखाई दी। अधिकांश विद्यार्थी अपने परिजन व दोस्तों के साथ परीक्षा देने आए थे। वह किराये के बजाए अपने वाहनों से आए थे। इसकी वजह से परीक्षा केंद्रों के बाहर दो पहिया व चार पहिया वाहनों की काफी भीड़ रही। जब प्रश्नपत्र छूटा तो सड़कों पर जाम जैसी समस्या उत्पन्न हो गई। एक साथ दो पहिया व चार पहिया वाहन निकलने से कई लोग जाम में फंसे नजर आए।
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बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए शहर में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 4740 विद्यार्थी पंजीकृत थे। दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले विद्यार्थी अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। लिस्ट में अपना नाम व कक्ष संख्या देखी। उसके बाद कॉलेज में भेजा गया। गेट पर ही विद्यार्थियों की तलाशी ली गई। उनको मॉस्क लगाने के निर्देश दिए गए है। कुछ विद्यार्थी बिना मॉस्क के आए थे। लेकिन शिक्षकों ने मॉस्क लगाकर आने वाले परीक्षार्थी को ही प्रवेश दिया। कॉलेज में सीटिंग प्लान भी कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार बनाया गया था।
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कई कॉलेज केंद्रों पर विद्यार्थियों के हैंड सैनिटाइज कराकर ही जाने की अनुमति दी गई। प्रत्येक दो केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई थी। यह मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहे। कहीं पर भी कोई दिक्कत सामने नहीं आई। वहीं प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा।
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शहर में बनाए गए 14 परीक्षा केंद्रों के बाहर वाहनों की काफी संख्या दिखाई दी। अधिकांश विद्यार्थी अपने परिजन व दोस्तों के साथ परीक्षा देने आए थे। वह किराये के बजाए अपने वाहनों से आए थे। इसकी वजह से परीक्षा केंद्रों के बाहर दो पहिया व चार पहिया वाहनों की काफी भीड़ रही। जब प्रश्नपत्र छूटा तो सड़कों पर जाम जैसी समस्या उत्पन्न हो गई। एक साथ दो पहिया व चार पहिया वाहन निकलने से कई लोग जाम में फंसे नजर आए।