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Sitapur News: तीन दिन बाद भी 500 गांवों की बिजली गुल
Fri, 23 May 2025 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 23 May 2025 11:52 PM IST
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सीतापुर। आंधी के कारण पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था तीन दिन बाद धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। हालांकि अभी भी करीब 500 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। अफसर व कर्मचारी बहाल करने में जुटे हुए हैं।
रामपुर मथुरा के बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों में तीन दिन से बिजली गुल है। सबसे अधिक दिक्कत खंभे टूटने की वजह से हो रही है। नए खंभे लगने में देरी की वजह से बिजली ठप है। कंदुनी उपकेंद्र के रामपुर घेरवा, छावन, तिरकोलिया, लन्घनिया, रमपुरवा, सिकंदरपुर, पेंडरा, अल्लीपुर व मारूछी में चार दिन से बिजली नहीं आ रही है।
ग्रामीण परमेश्वर दयाल, रामदास, शिवशंकर, महेंद्र कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी में बिजली न आने से बेहद परेशान हूं। फ्रिज, कूलर, पंखे बंद पड़े हैं। सेवता उपकेंद्र से जुड़े गांवों में भी बिजली का संकट बना हुआ है। महमूदाबाद उपकेंद्र से जुड़े 100 से अधिक गांवों में बिजली नहीं आ रही है।
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हड़ताल का दिखा मिलाजुला असर
संविदा कर्मचारियों ने छंटनी के विरोध में 72 घंटे की हड़ताल शुरू की थीं। यह समय सीमा बृहस्पतिवार रात पूरी हो गई। इससे उम्मीद थी कि शुक्रवार को सभी कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। लेकिन अधिकारिक तौर पर जिलाध्यक्ष ने हड़ताल समाप्त होने की कोई घोषणा नहीं की। इससे कुछ कर्मचारी काम पर लौटे तो कुछ अभी भी नहीं पहुंचे है। बिजली विभाग के अफसर इनकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
20 कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर अफसरों ने शिकंजा कसा। हड़ताल में शामिल करीब 20 कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी गई है। इन कर्मचारियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है।
हड़ताल की वजह से नहीं चार्ज हो पा रहे ई रिक्शे
सीतापुर। संविदाकर्मियों की हड़ताल से जिले की बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। इसका असर ई रिक्शा चालकों पर भारी पड़ा है। ग्रामीण इलाके में बिजली न आने से इनके पहिए थम गए है। इससे शहर में सड़कों पर इनकी संख्या कम हुई है। इससे इनकी रोजी रोटी प्रभावित हुई है।
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रामपुर मथुरा के बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों में तीन दिन से बिजली गुल है। सबसे अधिक दिक्कत खंभे टूटने की वजह से हो रही है। नए खंभे लगने में देरी की वजह से बिजली ठप है। कंदुनी उपकेंद्र के रामपुर घेरवा, छावन, तिरकोलिया, लन्घनिया, रमपुरवा, सिकंदरपुर, पेंडरा, अल्लीपुर व मारूछी में चार दिन से बिजली नहीं आ रही है।
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ग्रामीण परमेश्वर दयाल, रामदास, शिवशंकर, महेंद्र कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी में बिजली न आने से बेहद परेशान हूं। फ्रिज, कूलर, पंखे बंद पड़े हैं। सेवता उपकेंद्र से जुड़े गांवों में भी बिजली का संकट बना हुआ है। महमूदाबाद उपकेंद्र से जुड़े 100 से अधिक गांवों में बिजली नहीं आ रही है।
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हड़ताल का दिखा मिलाजुला असर
संविदा कर्मचारियों ने छंटनी के विरोध में 72 घंटे की हड़ताल शुरू की थीं। यह समय सीमा बृहस्पतिवार रात पूरी हो गई। इससे उम्मीद थी कि शुक्रवार को सभी कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। लेकिन अधिकारिक तौर पर जिलाध्यक्ष ने हड़ताल समाप्त होने की कोई घोषणा नहीं की। इससे कुछ कर्मचारी काम पर लौटे तो कुछ अभी भी नहीं पहुंचे है। बिजली विभाग के अफसर इनकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
20 कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर अफसरों ने शिकंजा कसा। हड़ताल में शामिल करीब 20 कर्मचारियों की संविदा समाप्त कर दी गई है। इन कर्मचारियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है।
हड़ताल की वजह से नहीं चार्ज हो पा रहे ई रिक्शे
सीतापुर। संविदाकर्मियों की हड़ताल से जिले की बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। इसका असर ई रिक्शा चालकों पर भारी पड़ा है। ग्रामीण इलाके में बिजली न आने से इनके पहिए थम गए है। इससे शहर में सड़कों पर इनकी संख्या कम हुई है। इससे इनकी रोजी रोटी प्रभावित हुई है।