{"_id":"69fe2f074195aa78a20a2be4","slug":"electricity-system-derailed-in-1000-villages-even-two-days-after-the-storm-sitapur-news-c-102-1-slko1053-155589-2026-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: आंधी के दो दिन बाद भी 1000 गांवों में बिजली व्यवस्था बेपटरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: आंधी के दो दिन बाद भी 1000 गांवों में बिजली व्यवस्था बेपटरी
Sat, 09 May 2026 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 09 May 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक करता कर्मचारी।
सीतापुर। जिले में बृहस्पतिवार व बुधवार को आई आंधी और बारिश ने ऐसा दर्द दिया कि दो दिन बाद भी जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। शुक्रवार को भी करीब एक हजार गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। इस वजह से लोग उमस भरी गर्मी में बेहाल हैं। बिजली न आने से व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। नाराज उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को अधिकारियों से शिकायत की। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द आपूर्ति बहाल न हुई तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
रेउसा क्षेत्र में बभनेवा उपकेंद्र से जुड़े 250 गांवों में दो दिनों से बिजली का संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासी मोहित और राकेश ने बताया कि रेउसा से आने वाली मुख्य लाइन के खंभे और तार टूट गए हैं। शिकायत के बावजूद अब तक कोई मरम्मत करने नहीं पहुंचा है। मोबाइल डिस्चार्ज होने से लोगों का आपस में संपर्क भी कट गया है।
रामपुर मथुरा के बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े 200 गांवों में बिजली न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और कुटीर उद्योग प्रभावित हैं। व्यापारी हर्ष के मुताबिक, चक्की और अन्य छोटे उद्योग जनरेटर न होने के कारण बंद पड़े हैं। इससे ऑर्डर लंबित हैं। पिसावां के 150 गांवों में संकट बरकरार है।
विज्ञापन
उधर, सिधौली के मास्टरबाग, खुर्दा और कुरसंडा बेहड़ में तीन दिनों से बिजली गुल है। यहां की करीब 20 हजार आबादी बिजली विभाग की लापरवाही से परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से पंखे, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। जब अधिकारी से शिकायत की जाती है तो वे फाॅल्ट होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। तंबौर, लहरपुर और हरगांव जैसे इलाकों के गांवों में भी स्थिति बेहद खराब है।
विज्ञापन
रेउसा क्षेत्र में बभनेवा उपकेंद्र से जुड़े 250 गांवों में दो दिनों से बिजली का संकट बना हुआ है। स्थानीय निवासी मोहित और राकेश ने बताया कि रेउसा से आने वाली मुख्य लाइन के खंभे और तार टूट गए हैं। शिकायत के बावजूद अब तक कोई मरम्मत करने नहीं पहुंचा है। मोबाइल डिस्चार्ज होने से लोगों का आपस में संपर्क भी कट गया है।
विज्ञापन
रामपुर मथुरा के बांसुरा उपकेंद्र से जुड़े 200 गांवों में बिजली न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और कुटीर उद्योग प्रभावित हैं। व्यापारी हर्ष के मुताबिक, चक्की और अन्य छोटे उद्योग जनरेटर न होने के कारण बंद पड़े हैं। इससे ऑर्डर लंबित हैं। पिसावां के 150 गांवों में संकट बरकरार है।
विज्ञापन
उधर, सिधौली के मास्टरबाग, खुर्दा और कुरसंडा बेहड़ में तीन दिनों से बिजली गुल है। यहां की करीब 20 हजार आबादी बिजली विभाग की लापरवाही से परेशान है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से पंखे, कूलर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। जब अधिकारी से शिकायत की जाती है तो वे फाॅल्ट होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। तंबौर, लहरपुर और हरगांव जैसे इलाकों के गांवों में भी स्थिति बेहद खराब है।