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पंचायत चुनाव में 50 लाख का नाश्ता खा गए अफसर
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Thu, 17 Dec 2015 11:25 PM IST
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पंचायत चुनाव में अफसरों ने जमकर धन लुटाया। पंचायत चुनाव में नामांकन से लेकर मतगणना तक टेंट, बैरीकेडिंग, कुर्सियां, साउड सिस्टम आदि पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए। अकेले तीन करोड़ रुपये मतदान व मतगणना में लगे कर्मचारियों के भत्ते के मद में खप गए।
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चुनाव ड्यूटी में लगे अफसर सिर्फ 50 लाख रुपये नाश्ता ही उड़ा गए। डीडीसी, बीडीसी व प्रधानी के चुनाव में प्रशासन ने करीब छह करोड़ रुपये खर्च कर दिए।
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जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व प्रधान के चुनाव में आयोग के निर्देश पर व्यवस्था का कार्य जिला प्रशासन द्वारा कराया गया था। जिला निर्वाचन कार्यालय ने टेंडर के बाद कार्य कराया। जिसके तहत सभी ब्लॉकों में नामांकन प्रक्रिया व मतगणना की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।
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ब्लॉकों व जिला पंचायत में लाइट, टेंट, बैरिकेडिंग, कुर्सी व जाली लगाने का कार्य किया गया। इन मदों में निर्वाचन कार्यालय ने दो करोड़ रुपये का बिल तैयार किया है।
निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक कार्मिकों को भुगतान किया गया है। दोनों बार की निर्वाचन प्रक्रिया में करीब तीन करोड़ रुपये भुगतान हुआ। आयोग द्वारा मांग के अनुरूप 50 प्रतिशत धनराशि जिले को जारी की गई है। वहीं ब्लॉकों में लाइट, टेंट, बैरिकेडिंग, कुर्सी एवं जाली के नाम पर दो करोड़ रुपये खर्च कर दिए।
प्रधान व सदस्य की गणना में खर्च हो गए 65 लाख
डीडीसी व बीडीसी पदों की मतगणना करीब तीन हजार कार्मिक लगाए गए थे। जबकि प्रधान व सदस्य पदों की मतगणना में करीब 13 हजार कार्मिक लगाए गए। जिसके चलते जहां डीडीसी व बीडीसी की गणना में दस लाख रुपये खर्च हुए वहीं प्रधान व सदस्य की गणना में 65 लाख रुपये खपा दिए गए।
गाड़ियों के डीजल पर 75 लाख खर्च
दो बार हुई पंचायत निर्वाचन प्रक्रिया में प्रशासन ने नाश्ते पर करीब 50 लाख रुपए खर्च किए। इसमें 26 लाख के बिल प्राप्त होने पर उसका भुगतान किया जा चुका है।
वहीं लगभग 24 लाख के बिल अभी तक निर्वाचन कार्यालय को प्राप्त नहीं हुए हैं। बिल मिलते ही इनके भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं प्रशासन ने डीजल के भुगतान पर 75 लाख का व्यय किया है। इसमें 53 लाख का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान के लिए बिलों का इंतजार किया जा रहा है।