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सीबीएसई की बिना मान्यता समाज शास्त्र की छात्राओं को दी शिक्षा
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सीतापुर। राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय रहीमाबाद का संचालन जिमेदार मनमाने ढंग से कर रहे हैं। तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य व समाजशास्त्र प्रवक्ता की लापरवाही से छात्राओं का भविष्य अधर मेें है। कक्षा 11 में बिना सीबीएसई की मान्यता लिए समाजशास्त्र की छात्राओं का बीते सत्र में प्रवेश लेकर शिक्षा दी गई। मान्यता न होने से इस वर्ष संबंधित छात्राओं को इंटर की परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है।
राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय रहीमाबाद शिक्षा सत्र 2017-18 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होकर जवाहर नवोदय विद्यालय का पैटर्न पर संचालित हो रहा है। जिसमें तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य मिथिलेश रावत एवं अधिकारी द्वारा विभिन्न विषयों की मान्यता सीबीएसई से ली गई। लेकिन शिक्षा सत्र 2019-20 में समाजशास्त्र की मान्यता सीबीएसई से नहीं ली गई। इनके द्वारा समाजशास्त्र की संविदा प्रवक्ता शशि यादव से समाज शास्त्र विषय का शिक्षण कार्य अनाधिकृत रूप से पूर्ण सहभागिता से कराया गया।
कक्षा 11 में समाजशास्त्र विषय में छात्राओं का प्रवेश लेकर अध्ययन कार्य कराया गया जो कि चालू शिक्षा सत्र में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगी। लेकिन मान्यता न होने के कारण उन्हें सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में वंचित होना पड़ेगा। जिससे संबंधित छात्राओं का भविष्य अंधकारमय होगा।
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आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय में 11 टीचर कार्यरत हैं। इसके बाद भी शिक्षा का स्तर ठीक नहीं है। शिक्षा सत्र 2019-20 में सीबीएसई हाई स्कूल की परीक्षा में 34 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसमें से मात्र दो छात्रा ही उत्तीर्ण हो सकीं। इसी प्रकार इंटर का परिणाम भी खराब रहा है। आधे से अधिक छात्राएं अनुत्तीर्ण हुई हैं। इसकी पुष्टि करते हुए समाज कल्याण अधिकारी ने बताया की प्रभारी प्रधानाचार्य मिथिलेश रावत की इस लापरवाही के कारण उन्हें हटाते हुए इतिहास की प्रवक्ता राधा बाजपेई को प्रभारी प्रधानाचार्य का कार्यभार दिया गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि बिना सीबीएसई की मान्यता लिए कक्षा 11 में समाजशास्त्र विषय में छात्राओं का प्रवेश लेकर शिक्षा कार्य कराए जाने पर तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता समाजशास्त्र को कठोर चेतावनी देते हुए विस्तार से जवाब मांगा गया है। अन्यथा की स्थिति में इनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसकी प्रति निदेशक, उप निदेशक, डीएम को भेजी गई है।
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राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय रहीमाबाद शिक्षा सत्र 2017-18 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होकर जवाहर नवोदय विद्यालय का पैटर्न पर संचालित हो रहा है। जिसमें तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य मिथिलेश रावत एवं अधिकारी द्वारा विभिन्न विषयों की मान्यता सीबीएसई से ली गई। लेकिन शिक्षा सत्र 2019-20 में समाजशास्त्र की मान्यता सीबीएसई से नहीं ली गई। इनके द्वारा समाजशास्त्र की संविदा प्रवक्ता शशि यादव से समाज शास्त्र विषय का शिक्षण कार्य अनाधिकृत रूप से पूर्ण सहभागिता से कराया गया।
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कक्षा 11 में समाजशास्त्र विषय में छात्राओं का प्रवेश लेकर अध्ययन कार्य कराया गया जो कि चालू शिक्षा सत्र में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगी। लेकिन मान्यता न होने के कारण उन्हें सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में वंचित होना पड़ेगा। जिससे संबंधित छात्राओं का भविष्य अंधकारमय होगा।
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आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय में 11 टीचर कार्यरत हैं। इसके बाद भी शिक्षा का स्तर ठीक नहीं है। शिक्षा सत्र 2019-20 में सीबीएसई हाई स्कूल की परीक्षा में 34 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसमें से मात्र दो छात्रा ही उत्तीर्ण हो सकीं। इसी प्रकार इंटर का परिणाम भी खराब रहा है। आधे से अधिक छात्राएं अनुत्तीर्ण हुई हैं। इसकी पुष्टि करते हुए समाज कल्याण अधिकारी ने बताया की प्रभारी प्रधानाचार्य मिथिलेश रावत की इस लापरवाही के कारण उन्हें हटाते हुए इतिहास की प्रवक्ता राधा बाजपेई को प्रभारी प्रधानाचार्य का कार्यभार दिया गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि बिना सीबीएसई की मान्यता लिए कक्षा 11 में समाजशास्त्र विषय में छात्राओं का प्रवेश लेकर शिक्षा कार्य कराए जाने पर तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य एवं प्रवक्ता समाजशास्त्र को कठोर चेतावनी देते हुए विस्तार से जवाब मांगा गया है। अन्यथा की स्थिति में इनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसकी प्रति निदेशक, उप निदेशक, डीएम को भेजी गई है।