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पहले सिर्फ चार जिलों को मिलती थी बिजली, अब सभी वीआईपी
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कंदुनी में कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलित करते ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और विधायक महेंद्र सिं?
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले के कंदुनी में 220 केवी उपकेंद्र, कसरैला और काजी कमालपुर उपकेंद्र का शिलान्यास बुधवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने किया। 174.19 करोड़ से निर्मित होने वाले उपकेंद्रों से सीतापुर के साथ ही लखीमपुर और शाहजहांपुर के लोगों को भी बिजली सप्लाई बेहतर होने का फायदा मिलेगा।
शिलान्यास समारोह में जिले को नए उपकेंद्रों की सौगात देते हुए ऊर्जा मंत्री ने पूर्ववर्ती गैर भाजपाई सरकारों पर सीधा निशाना साधा। कहा कि पहले सिर्फ आस पास के चार जिलों को ही बिजली मिलती थी। अब सभी जिले बिजली सप्लाई की नजर से वीआईपी हो गए हैं। सीतापुर के बिसवां स्थित कंदुनी पहुंचे ऊर्जा मंत्री ने 220 केवी कंदुनी उपकेंद्र, 33/11 केवी कसरैला उपकेंद्र, 33/11 केवी उपकेंद्र काजी कमालपुर का शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि सीतापुर में आजादी के बाद यह दूसरा पारेषण उपकेंद्र बन रहा है। वर्ष 2017 से पहले मोबाइल भी चार्ज करने के लिए गांव वालों को जिला मुख्यालय पर आना पड़ता था। कहा कि 174.19 करोड़ के इस उपकेंद्र का काम पूरा होने पर सीतापुर ही नहीं लखनऊ, शाहजहांपुर और लखीमपुर की 80 लाख आबादी को गुणवत्तायुक्त बिजली सप्लाई मिलेगी।
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इसके साथ ही बिसवां, महमूदाबाद क्षेत्र को द्वितीय स्रोत से भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रदेश सरकार ने गठन के दिन ही वीआईपी कल्चर खत्म कर सभी क्षेत्रों को समान और आवश्यक रूप से बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का लक्ष्य तय किया था। वर्तमान में गांवों को 18, तहसील को 20 व जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सीतापुर जिले में बिजली वितरण के साथ इसकी उपलब्धता बेहतर बनाने को ढांचात्मक सुधार पर ही 650 करोड़ का खर्च किया जा चुका है। इससे जिले में 8 नए 33/11 केवी बिजलीघर बनाए गए, 9 बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाने के साथ अन्य कई कार्य कराए गए। बताया कि पहले प्रदेश में ग्रिड की क्षमता केवल 16348 मेगावाट थी। अब यह बढ़कर 25000 मेगावाट हो चुकी है। 2022 तक यह 28000 मेगावाट हो जाएगी।
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शिलान्यास समारोह में जिले को नए उपकेंद्रों की सौगात देते हुए ऊर्जा मंत्री ने पूर्ववर्ती गैर भाजपाई सरकारों पर सीधा निशाना साधा। कहा कि पहले सिर्फ आस पास के चार जिलों को ही बिजली मिलती थी। अब सभी जिले बिजली सप्लाई की नजर से वीआईपी हो गए हैं। सीतापुर के बिसवां स्थित कंदुनी पहुंचे ऊर्जा मंत्री ने 220 केवी कंदुनी उपकेंद्र, 33/11 केवी कसरैला उपकेंद्र, 33/11 केवी उपकेंद्र काजी कमालपुर का शिलान्यास किया।
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उन्होंने कहा कि सीतापुर में आजादी के बाद यह दूसरा पारेषण उपकेंद्र बन रहा है। वर्ष 2017 से पहले मोबाइल भी चार्ज करने के लिए गांव वालों को जिला मुख्यालय पर आना पड़ता था। कहा कि 174.19 करोड़ के इस उपकेंद्र का काम पूरा होने पर सीतापुर ही नहीं लखनऊ, शाहजहांपुर और लखीमपुर की 80 लाख आबादी को गुणवत्तायुक्त बिजली सप्लाई मिलेगी।
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इसके साथ ही बिसवां, महमूदाबाद क्षेत्र को द्वितीय स्रोत से भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रदेश सरकार ने गठन के दिन ही वीआईपी कल्चर खत्म कर सभी क्षेत्रों को समान और आवश्यक रूप से बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का लक्ष्य तय किया था। वर्तमान में गांवों को 18, तहसील को 20 व जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सीतापुर जिले में बिजली वितरण के साथ इसकी उपलब्धता बेहतर बनाने को ढांचात्मक सुधार पर ही 650 करोड़ का खर्च किया जा चुका है। इससे जिले में 8 नए 33/11 केवी बिजलीघर बनाए गए, 9 बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाने के साथ अन्य कई कार्य कराए गए। बताया कि पहले प्रदेश में ग्रिड की क्षमता केवल 16348 मेगावाट थी। अब यह बढ़कर 25000 मेगावाट हो चुकी है। 2022 तक यह 28000 मेगावाट हो जाएगी।