फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Eagerly waiting for the sun and daughter to come

लाडलों के आने का बेसब्री से इंतजार

Sat, 05 Mar 2022 12:08 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 12:08 AM IST
विज्ञापन
Eagerly waiting for the sun and daughter to come
सीतापुर। यूक्रेन में फंसे जिले के छात्र-छात्राएं सुरक्षित स्थानों पर फिलहाल पनाह लिए हुए हैं। कोई यूक्रेन का बार्डर पार करके स्लोवाकिया पहुंच गया है तो कोई वहां से निकलकर घर वापसी कर रहा है। इनके परिजन विदेश में फंसे होने से चिंतित जरूर हैं लेकिन खतरे की जगह से लाडलों के दूर होने से परिवार के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन

परिवारीजन अपने लाडलों की घर वापसी के लिए भगवान से लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। सिधौली का छात्र फैज खान एक दिन पहले ही घर पहुंच चुका है। वहीं जिला प्रशासन भी इनके परिवार से बराबर संपर्क बनाए हुए है। बच्चों की फोटो व उनकी लोकेशन की जानकारी ली जा रही है। यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों से उनके परिवारीजन बराबर फोन करके वहां के हालात की पल-पल की जानकारी कर रहे हैं। पल-पल की अपडेट लेकर अपने लाडलों से बात कर सुकून की सांस ले रहे हैं।
विज्ञापन

तंबौर इलाके के ग्राम रिहार की तान्या पांडेय शुक्रवार को सकुशल यूक्रेन से बॉर्डर पार करके स्लोवाकिया पहुंच गई है। तान्या की शुक्रवार सुबह मम्मी व पापा से फोन पर बात हुई है जिससे वह काफी खुश नजर आई। यह बात उसके पापा पंकज पांडेय ने बताई। उन्होंने कहा कि अब सरकार के जो भी नियम होंगे, उसके तहत शनिवार तक फ्लाइट से स्वदेश वापसी की उम्मीद की जा रही है। दूतावास से लगातार मेसेज द्वारा स्थित का आदान-प्रदान किया जा रहा है। बॉर्डर पार करके सुरक्षित स्लोवाकिया पहुंचने पर परिवारीजन काफी संतुष्ट हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूक्रेन में युद्ध के चलते सिधौली इलाके के तीन विद्यार्थी वहां फंस गए थे। इनमें से एक गुरुवार को सकुशल घर वापसी कर चुका है। सिधौली का फैज खान घर आ चुका है। दूसरा मृत्युंजय चौरसिया यूक्रेन से निकलकर दिल्ली तक फ्लाइट से आने के बाद सड़क मार्ग से सिधौली के लिए निकल चुका है। देर रात तक घर पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। इससे उसके परिवारीजन काफी खुश हैं।
वहीं तीसरा युवक अभी स्लोवाकिया के कोसिस शहर में फ्लाइट मिलने के इंतजार में बैठा हुआ है। स्लोवाकिया में फ्लाइट मिलने का इंतजार कर रहे कस्बा निवासी आदित्य ने बताया कि भारतीय छात्राओं को पहले फ्लाइट मुहैया करवाई जा रही है। मुझे भी शायद जल्द ही फ्लाइट मिल जाएगी और मैं वतन वापसी कर सकूंगा।
बिसवां इलाके के चंदनपुर निवासी शादाब अब हंगरी में ठहरकर भारत वापसी की राह देख रहे हैं। शादाब के परिजनों ने बताया वह फिलहाल हंगरी में रहकर अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा है। जल्द ही भारत वापस आ जाएगा। शादाब के चाचा हसीब अख्तर ने बताया कि शादाब से फोन पर वार्ता हुई है। उसने बताया कि भारतीय दूतावास द्वारा हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में एक आश्रम में रोका गया है। भारत सरकार के प्रयासों से उन्हें जल्द ही भारत बुला लिया जाएगा। शादाब 2019 में मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए थे।
शहर के घूरामऊ बंगला निवासी कौटिल्य विष्णु भी सुरक्षित है। पिता भरत नारायण ने बताया कि कौटिल्य से बराबर बात हो रही है। हां खतरा जरूर है लेकिन वह पूरी तरीके से सुरक्षित है। इस समय कौटिल्य स्लोवाकिया व हंगरी बॉर्डर के पास है। कौटिल्य की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। वह वहां पर एक कंपनी में जॉब करता है। जिला प्रशासन द्वारा भी बराबर हालचाल लिया जा रहा है।
यूक्रेन में फंसी भतीजी के सकुशल भारत लौटने पर चाचा ने प्रधानमंत्री को बधाई दी है। महमूदाबाद के मोहल्ला कैथी टोला निवासी राजकुमार वर्मा की भतीजी यशी वर्मा अक्तूबर 2021 में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गई थी। वहां चल रहे युद्ध के दौरान वह फंस गई थी। इससे परिवार के लोग बहुत ही चिंतित थे। वह बराबर यशी से फोन पर संपर्क बनाए हुए थे।

शुक्रवार को यशी भारत लौट आई। यशी के चाचा ने बताया कि वह सकुशल दिल्ली पहुंच गई है। परिवार के लोग भोपाल में रहते हैं। भतीजी वहीं जा रही है। राजकुमार ने कहा कि भारत सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई के पात्र हैं जिन्होंने कठिन समय में यूक्रेन से छात्रों को निकालकर अपने देश को लौटा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed