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Sitapur News: कटान के खौफ से खुद तोड़ रहे अपना आशियाना

Wed, 23 Aug 2023 09:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Wed, 23 Aug 2023 09:33 PM IST
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Due to the fear of erosion, they themselves are breaking their homes
सीतापुर। पहाड़ों पर बारिश से सरयू और शारदा फिर उफान पर हैं। बुधवार को सरयू का जलस्तर 10 सेमी इजाफे के साथ 118.60 मीटर पर पहुंच गया। तटवर्ती क्षेत्र में कटान भी तेज हो गई है। रेउसा इलाके में लगभग 15 बीघा खेत कटकर सरयू में समा गए हैं। अब लहरों के निशाने पर गौढ़ी बजहा के 15 मकान हैं। कटान के डर से ग्रामीणों ने अपने हाथों से पक्का मकान तोड़ना शुरू कर दिया है। सामान समेटकर लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
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तंबौर क्षेत्र के रतनगंज और रामपुर मथुरा क्षेत्र में भी कटान जारी है। जिले के गांजरी इलाके में बाढ़ व कटान कहर बरपा रही है। पिछले तीन दिनों से शारदा व सरयू नदी का जलस्तर कम होने के बाद बुधवार से फिर बढ़ने लगा है। कटान तेज होने से नदी के किनारे बसे गांवों के लोग भयभीत हैं।
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रेउसा क्षेत्र का गौढ़ी बजहा गांव लहरों के निशाने पर है। यहां के जवाहिर और रामेश्वर का मकान नदी से सबसे करीब हैं। कटान के डर से बुधवार को इन लोगों ने अपने ही हाथों से पक्का मकान तोड़ दिया। जवाहिर का कहना है बड़ी मेहनत कर घर बनवाया था। अब इसे मजबूरी में तोड़ना पड़ रहा है। रामेश्वर ने बताया कि कटान की जद में आकर घर नदी में समा जाएगा तो सब बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में मकान तोड़कर ईंट, सरिया इत्यादि तो सुरक्षित निकाल लेंगे। यहां के अवधेश, संतोष, सुरेश, रामानंद, रमेश, कुलेराज, सिपाही, छत्रपाल समेत 15 लोगों के घर भी लहरों के निशाने पर हैं। कटान से भयभीत ग्रामीण सामान समेटकर पलायन कर रहे हैं।
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कटान रोकने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए गए हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया गया है। मकान कटने की स्थिति में पूरी मदद पीड़ितों को दी जाएगी।
- पीएल मौर्या, एसडीएम बिसवां



रतनगंज में नहीं थम रही कटान
तंबौर/सीतापुर। रतनगंज गांव में कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। गांव के पूरब व पश्चिम दोनों ओर से शारदा नदी की तेज धारा कटान करती हुई आबादी की तरफ बढ़ रही है। मस्जिद से रामखेलावन के मकान तक आठ मकानों से लहरें महज 10 मीटर दूर हैं। सड़क का कटान करते हुए शारदा ने बुधवार को 2 बीघा खेत भी काट दिया है।




ग्रामीण बोले-रोजी-रोटी का संकट, काम भी नहीं मिल रहा
रामपुर मथुरा/सीतापुर। सरयू में उफान आने से एक माह के अंतराल पर दो बार करीब 35 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। खेतों से लेकर घरों के अंदर तक पानी भरने से ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। हांलाकि, इस समय बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है पर बाढ़ पीड़ितों के सामने जीविका चलाने का संकट बना हुआ है। अंगरौरा तटबंध पर शरण लेने वाले नरेश, राजू व रमदेई आदि ने बताया कि हमारी सारी खेती नदी की धारा में समा चुकी है। इस बार अभी तक अनाज नहीं बांटा गया है। इस समय कहीं मजदूरी भी नहीं मिल रही है। ऐसे में परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। महमूदाबाद एसडीएम शिखा शुक्ला का कहना है, कि इस बार बाढ़ आई किंतु अधिक दिनों तक ठहरी नहीं। जिससे ऐसी स्थिति नहीं आई कि खाद्यान्न का वितरण किया जाए। बाढ़ में फंसे लोगों को लंच पैकेट वितरित कराए गए थे।
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