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दो लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Amar ujala Bureau
Updated Tue, 05 Jul 2016 12:03 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सोमवती अमावस्या पर सोमवार को तीर्थ नैमिषारण्य में करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने आदिगंगा गोमती और चक्रतीर्थ में स्नान किया। इसके बाद ललिता देवी मंदिर समेत तीर्थ के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर मनौतियां मांगी।
सोमवार तड़के से नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ समेत गोमती नदी पर श्रद्धालुओं के स्नान करने का दौर शुरू हो गया। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस व प्रशासन सतर्क रहा।
सोमवती अमावस्या को लेकर रविवार देर शाम को ही दूर-दराज से श्रद्धालुओं का नैमिषारण्य पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। सोमवार भोर चार बजे से ही श्रद्धालुओं का रेला आदिगंगा गोमती व पवित्र चक्रतीर्थ की ओर बढ़ चला।
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स्नान के बाद श्रद्धालु मां ललिता देवी के मंदिर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने धार्मिक नगरी के प्रमुख स्थलों कालीपीठ, हनुमान गढ़ी, सूत गद्दी, व्यासगद्दी, देवपुरी मंदिर बाला जी मंदिर देवदेवेश्वर इत्यादि में भी माथा टेका।
इस दौरान नगर में लगने वाले मेले की सुरक्षा के प्रति इस बार पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद दिखी। मेले में क्षेत्राधिकारी मिश्रिख कपिलदेव सिंह और कोतवाल रामकुमार गुप्ता सुरक्षा व्यवस्था की बागडोर संभाले नजर आए। बस स्टॉप पर बसों का आवागमन न होने से सन्नाटा पसरा रहा।
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सोमवार तड़के से नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ समेत गोमती नदी पर श्रद्धालुओं के स्नान करने का दौर शुरू हो गया। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस व प्रशासन सतर्क रहा।
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सोमवती अमावस्या को लेकर रविवार देर शाम को ही दूर-दराज से श्रद्धालुओं का नैमिषारण्य पहुंचने का दौर शुरू हो गया था। सोमवार भोर चार बजे से ही श्रद्धालुओं का रेला आदिगंगा गोमती व पवित्र चक्रतीर्थ की ओर बढ़ चला।
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स्नान के बाद श्रद्धालु मां ललिता देवी के मंदिर पहुंचे, जहां पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने धार्मिक नगरी के प्रमुख स्थलों कालीपीठ, हनुमान गढ़ी, सूत गद्दी, व्यासगद्दी, देवपुरी मंदिर बाला जी मंदिर देवदेवेश्वर इत्यादि में भी माथा टेका।
इस दौरान नगर में लगने वाले मेले की सुरक्षा के प्रति इस बार पुलिस प्रशासन काफी मुस्तैद दिखी। मेले में क्षेत्राधिकारी मिश्रिख कपिलदेव सिंह और कोतवाल रामकुमार गुप्ता सुरक्षा व्यवस्था की बागडोर संभाले नजर आए। बस स्टॉप पर बसों का आवागमन न होने से सन्नाटा पसरा रहा।