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Sitapur News: गोमती किनारे मिला ग्रामीण का शव
Mon, 28 Oct 2024 02:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 28 Oct 2024 02:05 AM IST
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सीतापुर। नैमिषारण्य के राजघाट में रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में एक ग्रामीण का शव पड़ा मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की। हरदोई के संडीला थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर भरवा गांव निवासी श्याम नारायण (55) का रविवार को गोमती नदी के किनारे राजघाट पर शव पड़ा मिला।
स्थानीय लोगों के मुताबिक श्याम नारायण पिछले एक सप्ताह से राजघाट पर गोमती नदी के किनारे निवास कर रहे थे। रविवार को लोगों ने उनका शव नदी के किनारे पड़ा देखा। थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है।
दो से तीन दिन पुराना लग रहा शव
पुलिस के मुताबिक शव दो से तीन दिन पुराना लग रहा है। ऐसे में सवाल है कि आखिर स्थानीय लोगों की शव पर नजर क्यों नहीं पड़ी। वहीं, ग्रामीण घर छोड़कर गोमती नदी के किनारे क्यों रहने लगा, इस संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।
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4 अक्तूबर को मिला था लखनऊ निवासी शिक्षक का शव
राजघाट इलाके में 4 अक्तूबर को लखनऊ निवासी एक शिक्षक का शव मिला था। पुलिस ने उनके भी आत्महत्या करने की आशंका जताई थी। बताया था कि शिक्षक पर काफी कर्ज था, जिस वजह से जंगल में आकर उन्होंने आत्महत्या की थी।
शव के पास मिली धार्मिक पुस्तक
पुलिस के मुताबिक छानबीन करने पर श्याम नारायण का आधार कार्ड मिला। पता चला कि श्याम नारायण साधू बन गया था। पिछले कई हफ्तों से राजघाट नदी किनारे रह रहे थे। शव के पास से कई धार्मिक पुस्तकें भी मिली हैं। वहीं, परिजन सत्य नारायण वाजपेयी ने बताया कि वह कई वर्षों से नैमिषारण्य में रह रहे थे। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिजनों के लिखित निवेदन पर स्थानीय पुलिस ने शव परिवार वालों को सौंप दिया है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक श्याम नारायण पिछले एक सप्ताह से राजघाट पर गोमती नदी के किनारे निवास कर रहे थे। रविवार को लोगों ने उनका शव नदी के किनारे पड़ा देखा। थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है।
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दो से तीन दिन पुराना लग रहा शव
पुलिस के मुताबिक शव दो से तीन दिन पुराना लग रहा है। ऐसे में सवाल है कि आखिर स्थानीय लोगों की शव पर नजर क्यों नहीं पड़ी। वहीं, ग्रामीण घर छोड़कर गोमती नदी के किनारे क्यों रहने लगा, इस संबंध में भी पुलिस जांच कर रही है।
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4 अक्तूबर को मिला था लखनऊ निवासी शिक्षक का शव
राजघाट इलाके में 4 अक्तूबर को लखनऊ निवासी एक शिक्षक का शव मिला था। पुलिस ने उनके भी आत्महत्या करने की आशंका जताई थी। बताया था कि शिक्षक पर काफी कर्ज था, जिस वजह से जंगल में आकर उन्होंने आत्महत्या की थी।
शव के पास मिली धार्मिक पुस्तक
पुलिस के मुताबिक छानबीन करने पर श्याम नारायण का आधार कार्ड मिला। पता चला कि श्याम नारायण साधू बन गया था। पिछले कई हफ्तों से राजघाट नदी किनारे रह रहे थे। शव के पास से कई धार्मिक पुस्तकें भी मिली हैं। वहीं, परिजन सत्य नारायण वाजपेयी ने बताया कि वह कई वर्षों से नैमिषारण्य में रह रहे थे। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिजनों के लिखित निवेदन पर स्थानीय पुलिस ने शव परिवार वालों को सौंप दिया है।