फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Damage bridge in sitapur

बांस की खपच्चियों पर डगमगाता पुल बना खतरा

Fri, 24 Feb 2017 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 24 Feb 2017 10:25 PM IST
विज्ञापन
Damage bridge in sitapur
bridge

अज्जेपुर झील पर बांस की खपच्चियों से बना डगमगाता पुल अब लोगों के लिए खतरा बन चुका है। झील के पार बसे सैकड़ों ग्रामीण जान हथेली पर लेकर प्रतिदिन इस पुल से झील को पार करते हैं।

विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि यदि वे इस झील को बांस से बने पुल से पार न करें, तो उन्हें 12 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। रोजाना छह से अधिक गांवों के लोग इस पुल से होकर निकलते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लकड़ी का यह पुल करीब आधा किलोमीटर लंबा है।
विज्ञापन


रेउसा के ग्राम कबरियन पुरवा, टपरा, तकिया, बरुआ, मधवापुर, सरवन पुरवा आदि गांव अज्जेपुर झील के पार बसे हैं। इन ग्रामीणों की जरूरत अज्जेपुर बाजार से पूरी होती है। बात चाहे बेहतर शिक्षा की हो, स्वास्थ्य सेवा और घरेलू सामान की खरीददारी की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन सबकी पूर्ति करने के लिए ग्रामीणों को झील पार कर या तो अज्जेपुर जाना पड़ेगा, या फिर रेउसा जाना पड़ता है। झील काफी बड़ी है, इस वजह से लोगों ने इस झील पर बांस व लकड़ी के पटरों की मदद से पुल तैयार किया है। यह पुल करीब आधा किलोमीटर लंबा है।

इसी पुल से झील पार बसे ग्रामीण तो गुजरते ही हैं, वहीं स्कूली बच्चे भी इसी जान जोखिम में डालकर पुल से झील पार करते हैं और उसके बाद वे बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। इस पुल के जर्जर होने पर गांव के लोग ही मरम्मत करते हैं।

झील पार बसे ग्रामीणों का कहना है कि लोग लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठे हैं, कि सरकार इस झील पर पक्के पुल का निर्माण कर दे, जिससे लोगों को सहूलियत मिले लेकिन चुनाव बाद मुद्दा ठंडा पड़ जाता है। गांव के लोगों का कहना है कि इस पुल से गुजरने पर अज्जेपुर बाजार महज एक किलोमीटर पड़ती है।


यदि वे घूमकर जाएं तो करीब 12 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। यही वजह है कि लोग इस पुल का अधिक से अधिक इस्तेमाल करते आ रहे हैं। हालांकि यह कोई नहीं बता पा रहा है कि सबसे पहले इस पुल का निर्माण किसने और कब किया। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह लकड़ी का पुल लोगों को झील पार करने में मदद कर रहा है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed