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निलंबित सफाईकर्मी की संदिग्ध हालात में मौत

Tue, 05 Apr 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 05 Apr 2016 11:35 PM IST
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youth died
गोंदलामऊ क्षेत्र में सफाईकर्मी की मौत के बाद प्रदर्शन करते साथी कर्मचारी व ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मिश्रिख कोतवाली इलाके के भोपालपुर गांव में सफाईकर्मी की मंगलवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना को लेकर पत्नी ने एडीएम पंचायत गोंदलामऊ व मछरेहटा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

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उधर, सफाईकर्मी की मौत से गुस्साए ग्रामीणों व साथी कर्मचारियों ने मिश्रिख-सिधौली मार्ग जाम कर दिया। हंगामे की खबर पाकर पहुंचे एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन देकर किसी तरह लोगों को शांत किया। जिसके बाद ग्रामीणों ने रास्ता खोला। परिवारीजनों के मुताबिक सफाईकर्मी निलंबित चल रहा था, इसी वजह से उसे हार्टअटैक पड़ा।
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मिश्रिख के भोपालपुर निवासी ज्ञानेंद्र कुमार (30) पुत्र नत्थाराम नि:शक्त कोटे से सफाईकर्मी पद पर नियुक्त हुआ था। उसकी तैनाती मरेली गांव में थी लेकिन इस दौरान वह निलंबित चल रहा था। मंगलवार को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
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पत्नी पूनम का आरोप है कि उसके पति को बहाल कराने के लिए विभाग के ही कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने 70 हजार रुपये की डिमांड की थी। जिसके चलते उसने अपने जेवर बेच दिए थे, लेकिन फिर भी पैसे पूरे नहीं हो रहे थे। उसका आरोप है कि इसी गम में उसके पति को हार्टअटैक पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई।

पत्नी ने एडीओ पंचायत गोंदलामऊ व मछरेहटा पर आरोप लगाया है। ज्ञानेंद्र की मौत की खबर पाकर सफाईकर्मी संगठन के लोग भी पहुंच गए। संगठन के विजय यादव, राजेंद्र श्रीवास्तव, श्रीप्रकाश व कमलेश आदि के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मिलकर सिधौली-मिश्रिख मार्ग जाम कर दिया।

उधर, खबर पाकर पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह, सीओ मिश्रिख कपिल देव सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। साथ ही इंस्पेक्टर मिश्रिख को मामले में केस दर्ज करने का निर्देश दिया। इस पर लोग मान गए और रास्ता खोल दिया।


पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं आरोपों को लेकर एडीओ पंचायत गोंदलामऊ रामपाल वर्मा का कहना है कि उनको मामले में बेवजह फंसाया जा रहा है। वह न ही जांच अधिकारी थे और न ही उनसे कोई वास्ता है। लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह गलत हैं। 

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