{"_id":"59b039f14f1c1bea7f8b46e2","slug":"synthetic-color-mix-in-tomato-sauce-and-fennel","type":"story","status":"publish","title_hn":"टोमैटो सॉस व सौंफ में सिंथेटिक कलर की मिलावट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
टोमैटो सॉस व सौंफ में सिंथेटिक कलर की मिलावट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Sep 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टोमैटो सॉस व सौंफ का नमूना प्रयोगशाला जांच में अनसेफ मिला है। दोनों में सिंथेटिक कलर की मिलावट पाई गई है। यह मानव जीवन के लिए बहुत खतरनाक है। इस पर विभाग ने दोनों व्यापारियों को नोटिस जारी किया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले की दो दुकानों से ये नमूने मई में लिए थे। आगरा की राजकीय प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान खाद्य सुरक्षाधिकारी प्रेम कुमार यादव ने पांच मई 2017 को सिधौली के राजकिशोर किराना स्टोर पर छापा मारा था। यहां से टोमैटो सॉस का नमूना भरा गया था। इसके बाद सैंपल जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला आगरा भेज दिया गया था।
विज्ञापन
यहां से आई जांच रिपोर्ट में टोमैटो सांस का नमूना अनसेफ मिला है। इसमें सिंथेटिक कलर की मिलावट पाई गई है। वहीं 29 मई 2017 को खाद्य सुरक्षाधिकारी विनय कुमार ने महमूदाबाद के नई बाजार निवासी अखिलेश कुमार के किराने की दुकान पर छापा मारा। यहां से सौंफ का नमूना भरा था। प्रयोगशाला जांच में यह भी अनसेफ मिला है। इसमें भी सिंथेटिक कलर की मिलावट पाई है। इस पर विभाग ने दोनों व्यापारियों को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. जेएन सिंह का कहना है कि खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक कलर की मिलावट शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। इसका लगातार सेवन करने से लीवर खराब हो सकता है। फेफड़े संबंधी रोग हो सकते हैं। लंबे समय तक प्रयोग करने से कैंसर भी हो सकता है।
अभिहित अधिकारी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि दोनों व्यापारियों के खाद्य पदार्थों नमूने जांच में अनसेफ मिले हैं। इनको नोटिस दिया गया है। व्यापारी एक माह के भीतर सेंट्रल लैब से दोबारा जांच कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर व्यापारी रेफरल के लिए आवेदन नहीं करते हैं तो न्यायालय में वाद दायर कराया जाएगा।