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बारहसिंगा का शव चोरी
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:08 PM IST
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वन विभाग द्वारा दफनाए गए बारहसिंगा का शव संदिग्ध हालात में जमीन से गायब हो गया है। दो दिन पहले शिकारियों के हाथों मारे गए बारहसिंगा के शव को वन कर्मियों ने बगैर पोस्टमार्टम के दफनाया था। ग्रामीणों का कहना है कि खाल के लिए शिकारियों ने ही जमीन खोदकर बारहसिंगा का शव गायब किया है।
रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में ग्राम सिरकुंडा के पास गुरुवार रात शिकारियों ने गोली मारकर बारहसिंगा का शिकार किया था। इसके बाद शिकारी उसकी सींग काटकर भाग गए थे। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि बारहसिंगा के शव को सिरकुंडा में ही पुलिया के करीब जमीन में दफना दिया गया था।
‘अमर उजाला’ ने शिकार के बावजूद बारहसिंगा को बगैर पोस्टमार्टम कराए दफनाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर रविवार को वनकर्मी दोबारा उस स्थान पर पहुंचे, जहां को शव दफनाया था। मगर जहां पर बारहसिंगा को दफनाया गया था, वहां जमीन खुदी पड़ी मिली और शव गायब था।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शिकारी हिरन व बारहसिंगा की खाल का भी कारोबार करते हैं। ऐसे में आशंका है कि शिकारियों ने ही खाल के लिए जमीन खोदकर शव गायब कर दिया हो। मामले में वन विभाग के अफसरों की लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीण इस मामले में वन कर्मियों व शिकारियों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगा रहे हैं।
महमूदाबाद के फारेस्ट रेंजर डीके सिंह का कहना है कि, जिस स्थान पर बारहसिंगा को दफनाया गया था, वहां वन विभाग की टीम गई थी। जमीन खुदी पड़ी मिली और शव गायब था। मामले में छानबीन करके आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।
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रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में ग्राम सिरकुंडा के पास गुरुवार रात शिकारियों ने गोली मारकर बारहसिंगा का शिकार किया था। इसके बाद शिकारी उसकी सींग काटकर भाग गए थे। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि बारहसिंगा के शव को सिरकुंडा में ही पुलिया के करीब जमीन में दफना दिया गया था।
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‘अमर उजाला’ ने शिकार के बावजूद बारहसिंगा को बगैर पोस्टमार्टम कराए दफनाने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर रविवार को वनकर्मी दोबारा उस स्थान पर पहुंचे, जहां को शव दफनाया था। मगर जहां पर बारहसिंगा को दफनाया गया था, वहां जमीन खुदी पड़ी मिली और शव गायब था।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शिकारी हिरन व बारहसिंगा की खाल का भी कारोबार करते हैं। ऐसे में आशंका है कि शिकारियों ने ही खाल के लिए जमीन खोदकर शव गायब कर दिया हो। मामले में वन विभाग के अफसरों की लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीण इस मामले में वन कर्मियों व शिकारियों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगा रहे हैं।
महमूदाबाद के फारेस्ट रेंजर डीके सिंह का कहना है कि, जिस स्थान पर बारहसिंगा को दफनाया गया था, वहां वन विभाग की टीम गई थी। जमीन खुदी पड़ी मिली और शव गायब था। मामले में छानबीन करके आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।