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नवजात की मौत पर भाजपा नेता का अस्पताल में हंगामा
Fri, 01 Mar 2019 12:16 AM IST
आलोक alok
news desk/sitapur
news desk/sitapur
Published by: आलोक alok
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:16 AM IST
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जिला महिला अस्पताल में हंगामा करते बीजेपी नेता।
- फोटो : amar ujala
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सीतापुर। जिला महिला चिकित्सालय में एक नवजात की मौत पर भाजपा नेता ने जमकर हंगामा किया। चिकित्सकों पर पैसा न देने पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। साथ ही आक्रोशित होकर महिला वार्ड में घुस गए और वहां चीखने-चिल्लाने लगे। इससे आसपड़ोस के मरीज परेशान हो गए। सीएमएस ने इसका विरोध किया तो उनसे भी उलझ गए।
सको लेकर सीएमएस से नोकझोंक भी हुई। सीएमएस ने भाजपा नेता साकेत मिश्रा से डिमांड करने वाले चिकित्सक का नाम पूछा तो वह नहीं बता पाए। इसके बाद उनको समझाकर शांत करा दिया। साकेत की इस कार्यशैली के खिलाफ सीएमएस ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। इसके जरिए उन्होंने भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई न होने पर अस्पताल में हड़ताल की चेतावनी दी है।
शहर कोतवाली इलाके के सिकटिहा निवासी प्रकाश ने अपनी बहू सरगम को चार दिन पहले महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां पर प्रसव के बाद सरगम ने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चे को झटके आ रहे थे। इस पर बच्चे को अस्पताल के ही एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। आरोप है चिकित्सक ने ऑपरेशन करने के नाम पर आठ हजार रुपये लिए।
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इसके बाद बच्च को वार्ड में एक दिन के हिसाब से एक हजार रुपये की डिमांड की। जब यह डिमांड पूरी नहीं की तो चिकित्सक बच्चे को देखने नहीं आए। इसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। इसकी खबर पाकर भाजपा नेता साकेत मिश्रा अस्पताल पहुंचे। वह सीधे लेबर रूम के निकट पहुंच गए। यहीं पर डॉक्टर कौन है, कहकर चिल्लाने लगे। उनके साथ अन्य साथी भी जब अंदर घुस गए तो पड़ोस के मरीज परेशान हो गए।
वह सब उठकर इनकी तरफ देखने लगे। जबकि यहां पर कई गंभीर मरीज लेटे हुए थे। इसके बाद सीएमएस ने अपने कक्ष में बुलाकर उस डॉक्टर का नाम पूछा, कहा बताओ किसने पैसे मांगे है, अभी तत्काल कार्रवाई करती हूं। लेकिन साकेत किसी डॉक्टर का नाम नहीं बता सके। इसके बाद वह वापस चले गए।
साकेत ने इस पूरे मामले की शिकायत डीएम से की है। वहीं सीएमएस ने कहा कि इनकी वजह से सरकारी कार्य में बाधा पहुंची है। मरीज भी चिल्लाने से घबरा गए थे। सीएमएस ने डीएम को इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिकायती पत्र दिया है। चेतावनी दी है अगर कार्रवाई नहीं होती है तो अस्पताल में हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
जानमाल का है खतरा
सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल का कहना है कि जन्म के बाद बच्चे को झटके आ रहे थे। चार दिन से लगातार इलाज चल रहा था। बीमारी की वजह से बच्चे की मौत हो गई है। रही बात घूसखोरी की तो हमने जब डॉक्टर व स्टाफ का नाम पूछा तो साकेत कुछ नहीं बता सके। साकेत ने जान से मारने की धमकी दी। इनके व्यवहार से मैं बहुत व्यथित हुई हूं। सीएमएस ने डीएम से सुरक्षा की मांग करते हुए साकेत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
समर्थन में उतरीं नर्स
राजकीय नर्सेस संघ सीएमएस के समर्थन में उतर आई है। कार्यवाहक अध्यक्ष नीता व शशिलता ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। जिसके जरिए कहा कि साकेत मिश्र अचानक लेबर रूम में आ धमके। इनके जोर-जोर से चिल्लाने से मरीज के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है। वहीं हम लोग भी इस व्यवहार से भयभीत हैं। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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सको लेकर सीएमएस से नोकझोंक भी हुई। सीएमएस ने भाजपा नेता साकेत मिश्रा से डिमांड करने वाले चिकित्सक का नाम पूछा तो वह नहीं बता पाए। इसके बाद उनको समझाकर शांत करा दिया। साकेत की इस कार्यशैली के खिलाफ सीएमएस ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। इसके जरिए उन्होंने भाजपा नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई न होने पर अस्पताल में हड़ताल की चेतावनी दी है।
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शहर कोतवाली इलाके के सिकटिहा निवासी प्रकाश ने अपनी बहू सरगम को चार दिन पहले महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां पर प्रसव के बाद सरगम ने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चे को झटके आ रहे थे। इस पर बच्चे को अस्पताल के ही एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। आरोप है चिकित्सक ने ऑपरेशन करने के नाम पर आठ हजार रुपये लिए।
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इसके बाद बच्च को वार्ड में एक दिन के हिसाब से एक हजार रुपये की डिमांड की। जब यह डिमांड पूरी नहीं की तो चिकित्सक बच्चे को देखने नहीं आए। इसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। इसकी खबर पाकर भाजपा नेता साकेत मिश्रा अस्पताल पहुंचे। वह सीधे लेबर रूम के निकट पहुंच गए। यहीं पर डॉक्टर कौन है, कहकर चिल्लाने लगे। उनके साथ अन्य साथी भी जब अंदर घुस गए तो पड़ोस के मरीज परेशान हो गए।
वह सब उठकर इनकी तरफ देखने लगे। जबकि यहां पर कई गंभीर मरीज लेटे हुए थे। इसके बाद सीएमएस ने अपने कक्ष में बुलाकर उस डॉक्टर का नाम पूछा, कहा बताओ किसने पैसे मांगे है, अभी तत्काल कार्रवाई करती हूं। लेकिन साकेत किसी डॉक्टर का नाम नहीं बता सके। इसके बाद वह वापस चले गए।
साकेत ने इस पूरे मामले की शिकायत डीएम से की है। वहीं सीएमएस ने कहा कि इनकी वजह से सरकारी कार्य में बाधा पहुंची है। मरीज भी चिल्लाने से घबरा गए थे। सीएमएस ने डीएम को इनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शिकायती पत्र दिया है। चेतावनी दी है अगर कार्रवाई नहीं होती है तो अस्पताल में हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
जानमाल का है खतरा
सीएमएस डॉ. सुषमा कर्णवाल का कहना है कि जन्म के बाद बच्चे को झटके आ रहे थे। चार दिन से लगातार इलाज चल रहा था। बीमारी की वजह से बच्चे की मौत हो गई है। रही बात घूसखोरी की तो हमने जब डॉक्टर व स्टाफ का नाम पूछा तो साकेत कुछ नहीं बता सके। साकेत ने जान से मारने की धमकी दी। इनके व्यवहार से मैं बहुत व्यथित हुई हूं। सीएमएस ने डीएम से सुरक्षा की मांग करते हुए साकेत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
समर्थन में उतरीं नर्स
राजकीय नर्सेस संघ सीएमएस के समर्थन में उतर आई है। कार्यवाहक अध्यक्ष नीता व शशिलता ने डीएम को शिकायती पत्र दिया है। जिसके जरिए कहा कि साकेत मिश्र अचानक लेबर रूम में आ धमके। इनके जोर-जोर से चिल्लाने से मरीज के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है। वहीं हम लोग भी इस व्यवहार से भयभीत हैं। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।