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डाक अधीक्षक ने खजाना खोल बदल लिए नोट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:21 PM IST
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डाकघर
- फोटो : demo pic
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प्रधान डाकघर के अधीक्षक ए. के. अवस्थी बड़े नोट बंदी के दिन चोरी-छिपे खजाना खोलकर 500 व 1000 के नोट बदलने के आरोप के घेरे में आ गए हैं। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष बचान प्रसाद यादव का आरोप है कि आठ नवंबर को नोट बंदी का एलान होते ही डाक अधीक्षक ने खजांची की मदद से देर रात खजाना खुलवाया और घर में रखे लाखों रुपये बदलकर 500 व 1000 के नोट रखवा दिए।
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बचान ने प्रधानमंत्री, जिलाधिकारी व एसपी समेत डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। पुलिस अधिकारी विभागीय जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं। कर्मचारी नेताओं की मानें तो जांच के लिए डाक विभाग के निदेशक विवेक कुमार दक्ष शनिवार को सीतापुर पहुंच रहे हैं।
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बीएमएस के जिलाध्यक्ष बचान प्रसाद का आरोप है कि आठ नवंबर की रात जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 व 1000 रुपये के नोट बंद करने का एलान किया, तो डाकघर का खजाना बंद हो चुका था। उसके बाद डाक अधीक्षक ने खजांची को फोन कर बुलाया और देर रात डाकघर का खजाना खोला।
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खजाने में मौजूद छोटे नोटों को 500 व 1000 रुपये के नोटों से बदल दिया। जिस समय नोट बदले गए खजाने में करीब 55 लाख कैश था। बचान प्रसाद ने पुलिस को सौंपे शिकायती पत्र में बताया है कि चौकीदार सिद्धनाथ शुक्ला इस पूरे मामले का गवाह है।
डाकघर में लगे सीसीटीवी फुटेज से भी सच्चाई पता लगाया जा सकता है। बचान प्रसाद ने डाक अधीक्षक व खजांची की कॉल डिटेल निकालकर जांच कराने व रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि डाक अधीक्षक लखीमपुर खीरी की मोहम्मदी सीट से विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के सगे भाई हैं, जिसकी वजह से वह दबाव बना रहे हैं।
होगी कार्रवाई
बचान प्रसाद यादव ने डाक अधीक्षक के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस विभागीय जांच का इंतजार कर रही है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
-सौमित्र यादव, एसपी
आरोप बेबुनियाद
मेरे ऊपर लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। आरोप लगाने वाले बचान प्रसाद डाकघर के खजाने के पास बैठे थे। मैंने उन्हें बाहर जाने को कहा तो उन्होंने देख लेने की धमकी दी थी। जब तत्काल डीएम को इसकी जानकारी दी तो वह मौके से भाग निकले थे। खजाने के पास किसी भी व्यक्ति का जाना पूरी तरह से निषेध है। 12 नवंबर को इस मामले में सीतापुर शहर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। दबाव बनाने के लिए ऐसे आरोप लगाए गए हैं।
ए. के. अवस्थी, डाक अधीक्षक