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विमलादे गई दो के जीवन में रोशनी
Updated Thu, 19 Oct 2017 05:46 PM IST
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दिवाली पर विमला ने दो के जीवन में किया उजियारा
सीतापुर। शहर के विजय लक्ष्मी नगर निवासी विमला देवी ने सच्चे अर्थों में दो के जीवन का अंधियारा मिटाते हुए उजाला फैलाया है।
अंतिम इच्छा के रूप में दान की गईं उनकी दोनों कॉर्निया से दो लोग फिर से देख सकेंगे। गुरुवार को उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी आखिरी इच्छा पूरी करते हुए नेत्रदान कराया।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की पत्नी विमला देवी (70) ने गुरुवार को अंतिम सांस ली। मृत्यु से पहले उन्होंने नेत्रदान की इच्छा जताई थीं।
उनका देहांत होने पर परिवार ने सक्षम संस्था से संपर्क साधा और नेत्रदान की बात कही। सक्षम संस्था के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने आंख अस्पताल से संपर्क कर डॉक्टरों की टीम ली और विजय लक्ष्मी नगर आवास पर पहुंचे। यहां पर डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर कॉर्निया को सुरक्षित किया। कॉर्निया को आंख अस्पताल की आई-बैंक में सुरक्षित रखा गया है।
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सीतापुर। शहर के विजय लक्ष्मी नगर निवासी विमला देवी ने सच्चे अर्थों में दो के जीवन का अंधियारा मिटाते हुए उजाला फैलाया है।
अंतिम इच्छा के रूप में दान की गईं उनकी दोनों कॉर्निया से दो लोग फिर से देख सकेंगे। गुरुवार को उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी आखिरी इच्छा पूरी करते हुए नेत्रदान कराया।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की पत्नी विमला देवी (70) ने गुरुवार को अंतिम सांस ली। मृत्यु से पहले उन्होंने नेत्रदान की इच्छा जताई थीं।
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उनका देहांत होने पर परिवार ने सक्षम संस्था से संपर्क साधा और नेत्रदान की बात कही। सक्षम संस्था के अध्यक्ष संदीप भरतीया ने आंख अस्पताल से संपर्क कर डॉक्टरों की टीम ली और विजय लक्ष्मी नगर आवास पर पहुंचे। यहां पर डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर कॉर्निया को सुरक्षित किया। कॉर्निया को आंख अस्पताल की आई-बैंक में सुरक्षित रखा गया है।
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