{"_id":"62a785d215119b6bcb1c676c","slug":"complete-flood-projects-on-time-sitapur-news-lko635064338","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ परियोजनाओं को समय से करें पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ परियोजनाओं को समय से करें पूरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। बाढ़ परियोजनाओं को समय से पूरा किया जाए। जिला व तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए। रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाते हुए बाढ़ की आशंका को देखते हुए नजर रखी जाए। ये निर्देश डीएम अनुज सिंह ने बाढ़ से संबंधित स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में दिए।
डीएम ने कहा कि कटान की आशंका वाले स्थलों पर रह रहे लोगों के मोबाइल नंबरों की सूची तैयार की जाए। जिससे आपात स्थिति में तेजी से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। कार्यों में लापरवाही बरतने पर राहत लिपिक को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उचित स्थान का चयन कर गेज लगाए जाएं, जिससे जल स्तर की सही जानकारी हो सके। इसकी सूचना संबंधित उप जिलाधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जाए।
जिला पूर्ति अधिकारी को बाढ़ क्षेत्रों के लिए सिलेंडर, डीजल, पेट्रोल आदि का रिजर्व स्टाक रखने को कहा। चिकित्सा, पंचायती राज, पशुपालन, विभाग के अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूर्व करने को कहा। पीडब्ल्यूडी से क्षतिग्रस्त मार्गों व इनकी रिपेयरिंग की रिपोर्ट तलब की। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बिजली के ढीले तारों को कसवाने के साथ जर्जर पोल भी ठीक कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
हर गांव के 10 लोगों को आपदा से बचाव का देें प्रशिक्षण
डीएम ने कहा कि राहत कार्य में सहयोग के लिए एनजीओ, स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स व एनएसएस के सदस्यों से भी समन्वय रखा जाए। इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम विकसित कराते हुए इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाए। तहसील स्तर पर जोन बनाते हुए समस्त कार्यों को 20 जून तक पूरा कराया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक गांव के 10 लोगों को संबंधित तहसील में प्रशिक्षण देकर राहत बचाव कार्य का प्रशिक्षण दिया जाए।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि कटान की आशंका वाले स्थलों पर रह रहे लोगों के मोबाइल नंबरों की सूची तैयार की जाए। जिससे आपात स्थिति में तेजी से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। कार्यों में लापरवाही बरतने पर राहत लिपिक को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उचित स्थान का चयन कर गेज लगाए जाएं, जिससे जल स्तर की सही जानकारी हो सके। इसकी सूचना संबंधित उप जिलाधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
जिला पूर्ति अधिकारी को बाढ़ क्षेत्रों के लिए सिलेंडर, डीजल, पेट्रोल आदि का रिजर्व स्टाक रखने को कहा। चिकित्सा, पंचायती राज, पशुपालन, विभाग के अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूर्व करने को कहा। पीडब्ल्यूडी से क्षतिग्रस्त मार्गों व इनकी रिपेयरिंग की रिपोर्ट तलब की। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बिजली के ढीले तारों को कसवाने के साथ जर्जर पोल भी ठीक कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
हर गांव के 10 लोगों को आपदा से बचाव का देें प्रशिक्षण
डीएम ने कहा कि राहत कार्य में सहयोग के लिए एनजीओ, स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स व एनएसएस के सदस्यों से भी समन्वय रखा जाए। इमरजेंसी सपोर्ट सिस्टम विकसित कराते हुए इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाए। तहसील स्तर पर जोन बनाते हुए समस्त कार्यों को 20 जून तक पूरा कराया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक गांव के 10 लोगों को संबंधित तहसील में प्रशिक्षण देकर राहत बचाव कार्य का प्रशिक्षण दिया जाए।