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सुरैंचा गांव के हैंडपंप से आ रहा दूषित पानी
सीतापुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:50 PM IST
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कमलापुर के सुरैंचा गांव में लगे हैंडपंप से मटमैला पानी आ रहा है। कुछ देर रखने पर बाल्टी में रखे पानी में थक्के जम रहे हैं। इसके चलते गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। उधर, जलनिगम के अधिकारी लैब टेस्ट के बाद ही कुछ कहने की बात कह रहे हैं।
सुरैंचा निवासी विष्णु, रामकुमार शर्मा, बबिता, चौहान, बालक राम आदि ग्रामीण मंगलवार सुबह गांव के हैंडपंप पर पानी भरने गए। नल से पानी निकाला तो उसके रंग में फर्क नजर आया। पानी से भरी बाल्टी लेकर घर पहुंचे और तो कुछ ही देर के बाद पानी पर पीले पीले थक्के जम गए। यह देख वे सभी हैरत में पड़ गए। इस पर उन्होंने गांव के अन्य हैंडपंपों से पानी निकाला, वहां भी लगभग यही हाल रहा।
इसी गांव के मुन्ना लाल, आनंद, मोती लाल का कहना है कि जब उनके घर के पास के हैंडपंपों से पीला पानी निकला, तब वे बाल्टी लेकर गांव के अन्य हैंडपंपों पर पहुंचे। एक-एक करके गांव में लगे करीब 12 हैंडपंपों से पानी निकाला, सभी हैंडपंप इसी तरह का पानी उगल रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने योग्य पानी को तो छोड़ो, बर्तन मांजने व कपड़े धोने भर जैसा साफ पानी हैंडपंप से नहीं निकल रहा है। भय है कि इस पानी को पीकर वे बीमार पड़ सकते हैं।
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सुरैंचा निवासी विष्णु, रामकुमार शर्मा, बबिता, चौहान, बालक राम आदि ग्रामीण मंगलवार सुबह गांव के हैंडपंप पर पानी भरने गए। नल से पानी निकाला तो उसके रंग में फर्क नजर आया। पानी से भरी बाल्टी लेकर घर पहुंचे और तो कुछ ही देर के बाद पानी पर पीले पीले थक्के जम गए। यह देख वे सभी हैरत में पड़ गए। इस पर उन्होंने गांव के अन्य हैंडपंपों से पानी निकाला, वहां भी लगभग यही हाल रहा।
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इसी गांव के मुन्ना लाल, आनंद, मोती लाल का कहना है कि जब उनके घर के पास के हैंडपंपों से पीला पानी निकला, तब वे बाल्टी लेकर गांव के अन्य हैंडपंपों पर पहुंचे। एक-एक करके गांव में लगे करीब 12 हैंडपंपों से पानी निकाला, सभी हैंडपंप इसी तरह का पानी उगल रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने योग्य पानी को तो छोड़ो, बर्तन मांजने व कपड़े धोने भर जैसा साफ पानी हैंडपंप से नहीं निकल रहा है। भय है कि इस पानी को पीकर वे बीमार पड़ सकते हैं।
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