{"_id":"6a72367e6bcd0a996b0f4e98","slug":"clouds-play-hard-to-get-during-sawan-the-sultry-heat-is-causing-restlessness-sitapur-news-c-102-1-stp1002-161447-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: सावन में बादल रूठे, उमस कर रही बैचैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: सावन में बादल रूठे, उमस कर रही बैचैन
Wed, 05 Aug 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 05 Aug 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। सावन का एक सप्ताह बीतने को है। शहर व आसपास इलाके में बादल मानो रूठ गए हैं। बारिश न होने से उमस भरी गर्मी लोगों को बेचैन कर रही है। बादल छाने पर उम्मीद जगाते हैं लेकिन बरसे बिना ही चले जाते हैं। इससे लोगों को मायूस होना पड़ता है।
मंगलवार को सुबह से आसमान पर बादलों ने डेरा जमा लिया। करीब 10 बजे कई इलाकों में बौछारें भी पड़ीं, लेकिन बारिश नहीं हुई। दिनभर बादल उमड़ते-घुमड़ते रहे पर बरसे नहीं। राहत यह रही कि धूप नहीं निकली। इससे सोमवार की तुलना में अधिकतम तापमान दो डिग्री नीचे खिसक गया। हालांकि, बारिश न होने से उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रही। गोविंद ने बताया कि सावन में बादल खूब उमड़ रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे हैं। इससे उमस बनी रहती है। किसान राजेश्वर ने बताया कि बारिश न होने से खेतों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। टुकड़ों में बौछारें पड़ने से धान की फसल को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि बादल अगर रूठे रहे तो धान की फसल को बचाए रखना मुश्किल हो जाएगा। उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री दर्ज किया गया। अगले 24 घंटाें के दरम्यान हल्की तो कहीं अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। समय पर बादलों ने दगा नहीं दिया तो झमाझम बारिश का लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को सुबह से आसमान पर बादलों ने डेरा जमा लिया। करीब 10 बजे कई इलाकों में बौछारें भी पड़ीं, लेकिन बारिश नहीं हुई। दिनभर बादल उमड़ते-घुमड़ते रहे पर बरसे नहीं। राहत यह रही कि धूप नहीं निकली। इससे सोमवार की तुलना में अधिकतम तापमान दो डिग्री नीचे खिसक गया। हालांकि, बारिश न होने से उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रही। गोविंद ने बताया कि सावन में बादल खूब उमड़ रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे हैं। इससे उमस बनी रहती है। किसान राजेश्वर ने बताया कि बारिश न होने से खेतों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। टुकड़ों में बौछारें पड़ने से धान की फसल को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि बादल अगर रूठे रहे तो धान की फसल को बचाए रखना मुश्किल हो जाएगा। उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री दर्ज किया गया। अगले 24 घंटाें के दरम्यान हल्की तो कहीं अच्छी बारिश के संकेत मिल रहे हैं। समय पर बादलों ने दगा नहीं दिया तो झमाझम बारिश का लोगों का इंतजार खत्म हो सकता है।
विज्ञापन