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Sitapur News: चार साल से गैरहाजिर चकबंदी लेखपाल निलंबित
Wed, 16 Oct 2024 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 16 Oct 2024 12:44 AM IST
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सीतापुर। चार साल से गैरहाजिर चल रहे चकबंदी लेखपाल राजेश चंद्र सुमन को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था लेकिन लगातार अनुपस्थित रहने व अब तक जवाब न देने पर उन पर विभागीय कार्रवाई की गई है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी भारत सिंह ने बताया कि चकबंदी लेखपाल राजेश चंद्र सुमन पिता की बीमारी का हवाला देकर 13 जुलाई 2020 को अवकाश पर गए थे। उन्होंने 31 जुलाई 2020 तक अवकाश लिया था।
तय अवधि के बाद भी उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस पर 21 सितंबर 2021 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जो डाक विभाग द्वारा वितरित न होने के कारण कार्यालय में वापस आ गया था। फिर 7 मार्च 2022 को दोबारा कारण बताओ नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। यह नोटिस भी वापस आ गया।
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इसके बाद विशेष पत्रवाहक चकबंदी लेखपाल रवींद्र कुमार को राजेश के गृह जनपद आजमगढ़ के पते पर भेजा गया। आवास पर पता चला कि उनके पिता 25 वर्ष पूर्व अपनी संपत्ति बेचकर चले गए और यह जानकारी नहीं मिल सकी कि वे अब कहां निवास करते हैं। इसके बाद विभाग की ओर से निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी भारत सिंह ने बताया कि चकबंदी लेखपाल राजेश चंद्र सुमन पिता की बीमारी का हवाला देकर 13 जुलाई 2020 को अवकाश पर गए थे। उन्होंने 31 जुलाई 2020 तक अवकाश लिया था।
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तय अवधि के बाद भी उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस पर 21 सितंबर 2021 को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जो डाक विभाग द्वारा वितरित न होने के कारण कार्यालय में वापस आ गया था। फिर 7 मार्च 2022 को दोबारा कारण बताओ नोटिस देते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। यह नोटिस भी वापस आ गया।
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इसके बाद विशेष पत्रवाहक चकबंदी लेखपाल रवींद्र कुमार को राजेश के गृह जनपद आजमगढ़ के पते पर भेजा गया। आवास पर पता चला कि उनके पिता 25 वर्ष पूर्व अपनी संपत्ति बेचकर चले गए और यह जानकारी नहीं मिल सकी कि वे अब कहां निवास करते हैं। इसके बाद विभाग की ओर से निलंबन की कार्रवाई की गई है।