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हर तरफ गणेश उत्सव की धूम
Amarujala Bureau
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:10 PM IST
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ganesha
- फोटो : amarujala
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गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भगवान गणेश का दरबार सजाने का काम रविवार से ही शुरू कर दिया गया है। इनमें सबसे चर्चित झांकी लालबाग के राजा की होगी। व्यापारी वर्ग के सहयोग से यहां पर गणपति बप्पा का दरबार सजाया जाएगा। इसके अलावा शहर के होली नगर, आलम नगर व दुर्गा पुरवा में भी गणेश पूजा की धूम है।
होली नगर में शिव मंदिर पर गणेश जी की प्रतिमा लखनऊ से मंगाई गई है। आयोजन मंडल के सोनू ने बताया कि सोमवार की शाम प्रतिमा को स्थान दे दिया जाएगा। पूजा अर्चना के साथ 15 सितंबर तक गणपति बप्पा का दरबार सजा रहेगा। इसी मोहल्ले में प्रमोद कश्यप भी गणेश जी का दरबार सजा रहे हैं। ये कार्यक्रम भी जन सहयोग से हो रहा है।
दिनेश कनौजिया का संगठन भी होली नगर में ही गणपति बप्पा का दरबार सजा रहा है। इसके अलावा महारष्ट्र से आए अमूल रस्तोगी भी गणपत्ति बप्पा का दरबार सजाने में मशगूल थे। होली नगर में चार स्थानों पर भगवान गणेश की झांकी सजाई जाएगी। दुर्गापुरवा सरायन पुल के निकट भी गणपत्ति बप्पा का दरबार लगाया जाएगा।
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इसके अलावा आलम नगर दुर्गा मंदिर के निकट गणेश जी का दरबार लगेगा। सबसे प्रमुख कार्यक्रम लालबाग पार्क में होगा। यहां पर लालबाग के राजा गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जहां-जहां पर प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं, वहां के आयोजकों ने बताया कि प्रतिमा स्थापित होने के साथ ही भजन पूजन का दौर चलेगा। समय-समय पर सजीव झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। सबसे अहम बात ये है कि इस बार इको फ्रेंडली प्रतिमाओं पर अधिक जोर दिया गया है।
आयोजकों का कहना है कि आस्था के बीच प्रतिमाओं से पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे, इस पर खासा जोर दिया गया है। मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी गई है। आयोजकों का कहना र्है कि इस बात का अधिक ध्यान रखा गया है कि जब प्रतिमा नदी में विसर्जित की जाए, तब जल प्रदूषित न होने पाए। वहीं प्रतिमा आसानी से पानी में घुलकर नदी के पानी में मिल जाए। इससे न तो आस्था को चोट पहुंचेगी और न ही प्रदूषण फैलेगा।
सभी प्रतिमाओं की अंतिम पूजा-अर्चना 15 सितंबर को धूमधाम से की जाएगी। जिसके बाद गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई नदियों की तरफ प्रस्थान करेगी। नदी तट पर पहुंचने के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसी तरह महमूदाबाद, बिसवां आदि कस्बों में भी गणपति बप्पा का दरबार सजाने की तैयारियां चल रही हैं। दस दिनों तक पंडाल में पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जित करने का कार्यक्रम चलेगा।
अमूल रस्तोगी ने शुरू की परंपरा
होली नगर के नागरिकों की मानें तो उनके मोहल्ले में सबसे पहले गणेश पूजा अमूल रस्तोगी ने की थी। लोगों का कहना है कि अमूल रस्तोगी मूल रूप से मुम्बई के रहने वाले हैं। वे करीब 20 वर्ष पूर्व मुम्बई से होली नगर आए, तब उन्होंने गणपत्ति बप्पा का दरबार सजाया। जहां पहले एक पंडाल सजता था, वहां अब चार-चार दरबार सजते हैं।
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होली नगर में शिव मंदिर पर गणेश जी की प्रतिमा लखनऊ से मंगाई गई है। आयोजन मंडल के सोनू ने बताया कि सोमवार की शाम प्रतिमा को स्थान दे दिया जाएगा। पूजा अर्चना के साथ 15 सितंबर तक गणपति बप्पा का दरबार सजा रहेगा। इसी मोहल्ले में प्रमोद कश्यप भी गणेश जी का दरबार सजा रहे हैं। ये कार्यक्रम भी जन सहयोग से हो रहा है।
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दिनेश कनौजिया का संगठन भी होली नगर में ही गणपति बप्पा का दरबार सजा रहा है। इसके अलावा महारष्ट्र से आए अमूल रस्तोगी भी गणपत्ति बप्पा का दरबार सजाने में मशगूल थे। होली नगर में चार स्थानों पर भगवान गणेश की झांकी सजाई जाएगी। दुर्गापुरवा सरायन पुल के निकट भी गणपत्ति बप्पा का दरबार लगाया जाएगा।
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इसके अलावा आलम नगर दुर्गा मंदिर के निकट गणेश जी का दरबार लगेगा। सबसे प्रमुख कार्यक्रम लालबाग पार्क में होगा। यहां पर लालबाग के राजा गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जहां-जहां पर प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं, वहां के आयोजकों ने बताया कि प्रतिमा स्थापित होने के साथ ही भजन पूजन का दौर चलेगा। समय-समय पर सजीव झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। सबसे अहम बात ये है कि इस बार इको फ्रेंडली प्रतिमाओं पर अधिक जोर दिया गया है।
आयोजकों का कहना है कि आस्था के बीच प्रतिमाओं से पर्यावरण को कोई नुकसान न पहुंचे, इस पर खासा जोर दिया गया है। मिट्टी की प्रतिमाओं को प्राथमिकता दी गई है। आयोजकों का कहना र्है कि इस बात का अधिक ध्यान रखा गया है कि जब प्रतिमा नदी में विसर्जित की जाए, तब जल प्रदूषित न होने पाए। वहीं प्रतिमा आसानी से पानी में घुलकर नदी के पानी में मिल जाए। इससे न तो आस्था को चोट पहुंचेगी और न ही प्रदूषण फैलेगा।
सभी प्रतिमाओं की अंतिम पूजा-अर्चना 15 सितंबर को धूमधाम से की जाएगी। जिसके बाद गाजे-बाजे के साथ विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई नदियों की तरफ प्रस्थान करेगी। नदी तट पर पहुंचने के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसी तरह महमूदाबाद, बिसवां आदि कस्बों में भी गणपति बप्पा का दरबार सजाने की तैयारियां चल रही हैं। दस दिनों तक पंडाल में पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जित करने का कार्यक्रम चलेगा।
अमूल रस्तोगी ने शुरू की परंपरा
होली नगर के नागरिकों की मानें तो उनके मोहल्ले में सबसे पहले गणेश पूजा अमूल रस्तोगी ने की थी। लोगों का कहना है कि अमूल रस्तोगी मूल रूप से मुम्बई के रहने वाले हैं। वे करीब 20 वर्ष पूर्व मुम्बई से होली नगर आए, तब उन्होंने गणपत्ति बप्पा का दरबार सजाया। जहां पहले एक पंडाल सजता था, वहां अब चार-चार दरबार सजते हैं।