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रामपुर मथुरा के थानेदार पर दर्ज होगा मुकदमा
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सीतापुर। कोर्ट के आदेश के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही करने वाले थानाध्यक्ष रामपुर मथुरा के खिलाफ सीजेएम सीतापुर ने केस दर्ज करने के आदेश दिए है। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर न्यायालय को सूचित करने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सीतापुर अमर प्रताप चौधरी ने सात जनवरी को राममौज बनाम सुनीता के एक वाद में घटना को संज्ञेय अपराध पाते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए जाने के आदेश दिए थे। लेकिन थाना पुलिस द्वारा मुकदमा पंजीकृत करने में हीलाहवाली की गई।
न्यायालय ने 20 दिन बाद 27 जनवरी को एक कारण बताओ नोटिस प्रभारी निरीक्षक रामपुर मथुरा को जारी किया। पर नोटिस मिलने के बावजूद न तो प्रभारी निरीक्षक न्यायालय में उपस्थित हुए और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए पुन: दो फरवरी की तारीख तय की। उस पर भी प्रभारी निरीक्षक की ओर से कोई आख्या पेश नहीं की गई।
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न्यायालय ने इसे आपत्तिजनक पाते हुए आदेश दिया कि प्रभारी निरीक्षक का यह कृत्य उनके पदीय कर्तव्यों का उल्लंघन है। न्यायालय ने आदेश में यह भी व्यवस्था दी कि एसओ रामपुर मथुरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्रवाई करके हुए न्यायालय को सात फरवरी को अनुपालन आख्या पेश की जाए।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सीतापुर अमर प्रताप चौधरी ने सात जनवरी को राममौज बनाम सुनीता के एक वाद में घटना को संज्ञेय अपराध पाते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए जाने के आदेश दिए थे। लेकिन थाना पुलिस द्वारा मुकदमा पंजीकृत करने में हीलाहवाली की गई।
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न्यायालय ने 20 दिन बाद 27 जनवरी को एक कारण बताओ नोटिस प्रभारी निरीक्षक रामपुर मथुरा को जारी किया। पर नोटिस मिलने के बावजूद न तो प्रभारी निरीक्षक न्यायालय में उपस्थित हुए और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया। न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए पुन: दो फरवरी की तारीख तय की। उस पर भी प्रभारी निरीक्षक की ओर से कोई आख्या पेश नहीं की गई।
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न्यायालय ने इसे आपत्तिजनक पाते हुए आदेश दिया कि प्रभारी निरीक्षक का यह कृत्य उनके पदीय कर्तव्यों का उल्लंघन है। न्यायालय ने आदेश में यह भी व्यवस्था दी कि एसओ रामपुर मथुरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय कार्रवाई करके हुए न्यायालय को सात फरवरी को अनुपालन आख्या पेश की जाए।