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एक सप्ताह बाद भी दुरूस्त नहीं हो सकी नहर
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फोटो-18 सीतापुर में लहरपुर इलाके के नेवादा गांव में नहर पटरी दुरुस्त न होने से खेतों में भरा पानी। -
- फोटो : SITAPUR
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लहरपुर (सीतापुर)। लहरपुर के नेवादा गांव में कटी माइनर एक सप्ताह बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी है। इसकी वजह से नहर का पानी खेत व गांव के अंदर भरा हुआ है। इससे एक तो लोगों की फसल खराब हो रही है, वहीं निकलने में दुश्वारियां उठानी पड़ रही है।
लहरपुर क्षेत्र से गुजरने वाली लहरपुर माइनर नहर 27 दिसंबर को ग्राम नेवादा के सामने फट गई थी। जिसके चलते जहां किसानों की खड़ी फसल पानी में डूब गई। वही गांव में पानी भर जाने से कई ग्रामीणों के मकानों में पानी भर गया है। जिसके चलते ग्रामीणों व किसानों में भारी रोष है। समाजसेवी नुसरत अली ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर गांव के किसानों को उनकी नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
आरोप लगाया कि नहर विभाग की लापरवाही के चलते कमजोर नहर पटरियां अक्सर फट जाती है। किसानों की फसल पानी में डूब जाती है। अवर अभियंता शिव प्रताप ने बताया कि नहर को हेड से बंद करा दिया गया है। मिट्टी न मिल पाने के कारण मरम्मत नहीं हो सकी है। मिट्टी बाहर से लाकर शीघ्र ही मरम्मत करा कर नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।
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लहरपुर क्षेत्र से गुजरने वाली लहरपुर माइनर नहर 27 दिसंबर को ग्राम नेवादा के सामने फट गई थी। जिसके चलते जहां किसानों की खड़ी फसल पानी में डूब गई। वही गांव में पानी भर जाने से कई ग्रामीणों के मकानों में पानी भर गया है। जिसके चलते ग्रामीणों व किसानों में भारी रोष है। समाजसेवी नुसरत अली ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर गांव के किसानों को उनकी नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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आरोप लगाया कि नहर विभाग की लापरवाही के चलते कमजोर नहर पटरियां अक्सर फट जाती है। किसानों की फसल पानी में डूब जाती है। अवर अभियंता शिव प्रताप ने बताया कि नहर को हेड से बंद करा दिया गया है। मिट्टी न मिल पाने के कारण मरम्मत नहीं हो सकी है। मिट्टी बाहर से लाकर शीघ्र ही मरम्मत करा कर नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।
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