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Sitapur News: नहीं चलीं बसें, दिनभर इधर-उधर भटकते रहे यात्री
Mon, 01 Jan 2024 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 01 Jan 2024 11:54 PM IST
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रोडवेज बस स्टॉप के सामने निजी वाहन चालक को रोककर पीटते बस चालक व अन्य। स्रोत: वीडियो ग्रैब।
हिट एंड रन मामले में सजा बढ़ाने के खिलाफ सीतापुर डिपो और निजी वाहनों के चालकों ने जताया विरोध, कई स्थानों पर पुलिस से हुई झड़प
संवाद न्यूज एजेंसी
सीतापुर। मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के खिलाफ सोमवार को जिले भर में निजी ट्रांसपोर्ट चालक हड़ताल पर चले गए। इनके साथ परिवहन निगम के चालकों ने भी हड़ताल की। जिले भर में कई स्थानों से जाम, विरोध और मामूली झड़प की भी सूचना मिली। सबसे अधिक परेशानी निगम की बसों से सफर करने वाले यात्रियों को हुई। सुबह से ही बसों के पहिए जाम हो गए। जिसके बाद लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी साथ ही राजस्व को भी नुकसान हुआ। दरअसल सड़क हादसों को कम करने के लिए हिट एंड रन मामले में केंद्र सरकार ने कानून में बदलाव किया है। इसके तहत चालकों के लिए 10 साल की सजा व 7 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसको लेकर ट्रक व बस चालक विरोध में चले गए। इधर बस चालकों ने सुबह होते ही विरोध शुरू करते हुए बसों का संचालन बंद कर दिया।
जिले में कुल 166 बसों का संचालन हो रहा है। यह बसें लखीमपुर, लखनऊ, दिल्ली, हरदोई, बरेली ,जयपुर व अन्य रूटों पर संचालित होती हैं। इन बसों पर कुल 235 चालक और 300 परिचालक तैनात हैं। सुबह से जब बसों के पहिए जाम हो गए तो यात्री काफी देर तक लखनऊ, लखीमपुर आदि रूटों पर जाने के लिए इंतजार करते रहे। जब उनको हड़ताल की जानकारी हुई तो उन्होंने डग्गामार बस, वैन आदि वाहनों का सहारा लिया।
वहीं कई लोग अपने निजी वाहन से गंतव्य को चले गए। चालक पंकज गुप्ता और संजय रस्तोगी व अन्य ने बताया कि चालक वर्ग मध्यम परिवार का है। दस साल की सजा और सात लाख जुर्माना देना उनके लिए आम बात नहीं है। इसके साथ उनको यह भी डर है कि अगर वह बसों का संचालन हड़ताल के दौर में करेंगे। तो इस दौरान उनकी बस पर पथराव भी हो सकता है। उसका जिम्मेदार कौन होगा।
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24 घंटे में आता है 22 लाख का राजस्व
24 घंटे के भीतर निगम को 22 लाख से अधिक की आय होती है। अगर हड़ताल 24 घंटा तक चलेगी तो इतना ही नुकसान होगा। चालकों की सुरक्षा के लिए डीएम और एसपी से वार्ता की जाएगी।
-राकेश कुमार, एआरएम, सीतापुर डिपो
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सीतापुर। मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के खिलाफ सोमवार को जिले भर में निजी ट्रांसपोर्ट चालक हड़ताल पर चले गए। इनके साथ परिवहन निगम के चालकों ने भी हड़ताल की। जिले भर में कई स्थानों से जाम, विरोध और मामूली झड़प की भी सूचना मिली। सबसे अधिक परेशानी निगम की बसों से सफर करने वाले यात्रियों को हुई। सुबह से ही बसों के पहिए जाम हो गए। जिसके बाद लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी साथ ही राजस्व को भी नुकसान हुआ। दरअसल सड़क हादसों को कम करने के लिए हिट एंड रन मामले में केंद्र सरकार ने कानून में बदलाव किया है। इसके तहत चालकों के लिए 10 साल की सजा व 7 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसको लेकर ट्रक व बस चालक विरोध में चले गए। इधर बस चालकों ने सुबह होते ही विरोध शुरू करते हुए बसों का संचालन बंद कर दिया।
जिले में कुल 166 बसों का संचालन हो रहा है। यह बसें लखीमपुर, लखनऊ, दिल्ली, हरदोई, बरेली ,जयपुर व अन्य रूटों पर संचालित होती हैं। इन बसों पर कुल 235 चालक और 300 परिचालक तैनात हैं। सुबह से जब बसों के पहिए जाम हो गए तो यात्री काफी देर तक लखनऊ, लखीमपुर आदि रूटों पर जाने के लिए इंतजार करते रहे। जब उनको हड़ताल की जानकारी हुई तो उन्होंने डग्गामार बस, वैन आदि वाहनों का सहारा लिया।
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वहीं कई लोग अपने निजी वाहन से गंतव्य को चले गए। चालक पंकज गुप्ता और संजय रस्तोगी व अन्य ने बताया कि चालक वर्ग मध्यम परिवार का है। दस साल की सजा और सात लाख जुर्माना देना उनके लिए आम बात नहीं है। इसके साथ उनको यह भी डर है कि अगर वह बसों का संचालन हड़ताल के दौर में करेंगे। तो इस दौरान उनकी बस पर पथराव भी हो सकता है। उसका जिम्मेदार कौन होगा।
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24 घंटे में आता है 22 लाख का राजस्व
24 घंटे के भीतर निगम को 22 लाख से अधिक की आय होती है। अगर हड़ताल 24 घंटा तक चलेगी तो इतना ही नुकसान होगा। चालकों की सुरक्षा के लिए डीएम और एसपी से वार्ता की जाएगी।
-राकेश कुमार, एआरएम, सीतापुर डिपो