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महायोजना में आरक्षित जमीनों पर बन गए भवन
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सीतापुर। साल 1999 में महायोजना-2021 स्वीकृत की गई थी, जिससे शहर व उसके आसपास आबादी होने से लोगों को मूलभूत सुविधाओं में दिक्कत न हो। इसे लेकर महायोजना में पार्क, लघु उद्योग, हरित पट्टी, दफ्तर सहित अन्य उपयोग के लिए जमीन को आरक्षित किया गया था, जिससे संबंधित भूमि पर उसी के अनुरूप निर्माण कार्य किया जाए।
बावजूद इसके जिम्मेदारों की मिलीभगत से कुछ लोगों ने शहर से लेकर गांव तक मुख्य सड़कों के पास अवैध प्लॉटिंग कर दी है। कई कॉलोनियां अवैध रूप से विकसित हो गई है। इनका निर्माण आरक्षित भूमि पर किया गया है।
शहर और संबद्ध क्षेत्रों में हो रहे अनियंत्रित, अनियोजित व मिश्रित भू-प्रयोग पर अंकुश लगाने व नगर के विकास की दिशा में सही व नियोजित रूप देने के लिए सीतापुर विनियमित क्षेत्र की महायोजना- 2021 साल 1999 में तत्कालीन डीएम/अध्यक्ष नियंत्रक-प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र द्वारा जारी की गई थी। महायोजना के नक्शे में संबंधित जमीनों को विभिन्न उपयोगों के लिए दर्शाते हुए अंकित किया गया था। कई स्थानों पर यह जमीन जिस कार्य के लिए आरक्षित की गई थी, उसके विपरीत वहां पर प्लॉटिगं करने के साथ ही कॉलोनी बनाई जा रही हैं। कुछ कॉलोनी बन गई हैं।
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सूत्रों के अनुसार नैपालापुर चौराहे से बिजवार रोड पर प्रकाश सिटी बनी है। मास्टर प्लान में इसे स्मॉल स्केल इंडस्ट्री लैंड यूज दर्शाया गया है। इसी रोड पर दूसरे स्थान पर नई प्लॉटिंग की जा रही है। वह भी लघु उद्योगो के लिए सुरक्षित है। कांशीराम कॉलोनी के सामने पार्क के लिए आरक्षित भूमि पर आवासीय व कॉमर्शियल भवन बन रहे हैं।
कनवाखेड़ा में हनमंतपुरम कॉलोनी विकसित हुई है। यह जमीन कृषि कार्य के लिए सुरक्षित है। सीतापुर-लखनऊ बाईपास पर जमैयतपुर में पार्क, ग्रीन बेल्ट के लिए सुरक्षित जमीन का कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा है। नैपालापुर चौराहे से कसरैला रोड पर एसएमडी कॉलोनी भी अवैधानिक रूप से बनी है। इसी प्रकार कुछ अन्य स्थानों पर की जा रही प्लॉटिंग व बन रही कॉलोनी का भू उपयोग दूसरे कार्यों के लिए सुरक्षित है।
सिटी मजिस्ट्रेट, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र पूजा मिश्रा से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि यह कॉलोनी अवैध रूप से बनी हैं। इनके नक्शे नहीं स्वीकृत किए गए हैं।
जिम्मेदारों के विरुद्ध की जाए कार्रवाई
बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव व जिलाध्यक्ष भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति विजय अवस्थी ने बताया कि जिम्मेदारों की मिलीभगत से भूमि का उपयोग बदलकर अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। इससे आने वाले वक्त में आम आदमी अपने को ठगा महसूस करेगा। जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। शीघ्र ही समिति डीएम से शिकायत करेगी।
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बावजूद इसके जिम्मेदारों की मिलीभगत से कुछ लोगों ने शहर से लेकर गांव तक मुख्य सड़कों के पास अवैध प्लॉटिंग कर दी है। कई कॉलोनियां अवैध रूप से विकसित हो गई है। इनका निर्माण आरक्षित भूमि पर किया गया है।
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शहर और संबद्ध क्षेत्रों में हो रहे अनियंत्रित, अनियोजित व मिश्रित भू-प्रयोग पर अंकुश लगाने व नगर के विकास की दिशा में सही व नियोजित रूप देने के लिए सीतापुर विनियमित क्षेत्र की महायोजना- 2021 साल 1999 में तत्कालीन डीएम/अध्यक्ष नियंत्रक-प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र द्वारा जारी की गई थी। महायोजना के नक्शे में संबंधित जमीनों को विभिन्न उपयोगों के लिए दर्शाते हुए अंकित किया गया था। कई स्थानों पर यह जमीन जिस कार्य के लिए आरक्षित की गई थी, उसके विपरीत वहां पर प्लॉटिगं करने के साथ ही कॉलोनी बनाई जा रही हैं। कुछ कॉलोनी बन गई हैं।
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सूत्रों के अनुसार नैपालापुर चौराहे से बिजवार रोड पर प्रकाश सिटी बनी है। मास्टर प्लान में इसे स्मॉल स्केल इंडस्ट्री लैंड यूज दर्शाया गया है। इसी रोड पर दूसरे स्थान पर नई प्लॉटिंग की जा रही है। वह भी लघु उद्योगो के लिए सुरक्षित है। कांशीराम कॉलोनी के सामने पार्क के लिए आरक्षित भूमि पर आवासीय व कॉमर्शियल भवन बन रहे हैं।
कनवाखेड़ा में हनमंतपुरम कॉलोनी विकसित हुई है। यह जमीन कृषि कार्य के लिए सुरक्षित है। सीतापुर-लखनऊ बाईपास पर जमैयतपुर में पार्क, ग्रीन बेल्ट के लिए सुरक्षित जमीन का कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा है। नैपालापुर चौराहे से कसरैला रोड पर एसएमडी कॉलोनी भी अवैधानिक रूप से बनी है। इसी प्रकार कुछ अन्य स्थानों पर की जा रही प्लॉटिंग व बन रही कॉलोनी का भू उपयोग दूसरे कार्यों के लिए सुरक्षित है।
सिटी मजिस्ट्रेट, नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र पूजा मिश्रा से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि यह कॉलोनी अवैध रूप से बनी हैं। इनके नक्शे नहीं स्वीकृत किए गए हैं।
जिम्मेदारों के विरुद्ध की जाए कार्रवाई
बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव व जिलाध्यक्ष भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति विजय अवस्थी ने बताया कि जिम्मेदारों की मिलीभगत से भूमि का उपयोग बदलकर अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है। इससे आने वाले वक्त में आम आदमी अपने को ठगा महसूस करेगा। जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। शीघ्र ही समिति डीएम से शिकायत करेगी।