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बीएसए सीतापुर के खिलाफ होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:25 PM IST
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सरकार ने सीतापुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ जांच बैठा दी है। उन पर पदस्थापन और शिक्षकों की संबद्धता देने में अनियमितता के आरोप हैं। ये जानकारी बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने सोमवार को विधानसभा में सपा विधायक राधेश्याम जायसवाल के सवाल के लिखित जवाब में दी।
बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने कहा कि बीएसए के खिलाफ आई शिकायतों की जांच 12 फरवरी को शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद में उपशिक्षा निदेशक (सेवाएं-2) ज्ञान प्रकाश सिंह को सौंपी गई है। उन्हें एक माह में जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।
विधायक राधेश्याम जायसवाल ने कहा है कि बीएसए ने 2013-14 में बनाए गए दो कंपोजिट विद्यालयों में मूल रूप से शिक्षकों को तैनाती नहीं दी, संबद्ध शिक्षकों को स्थायी नहीं किया व पद सृजित कर इन विद्यालयों में शिक्षामित्रों को तैनाती कर दी। बीआरसी में कई शिक्षक अनियमित रूप से संबद्ध होकर लिपिकीय कार्य कर रहे हैं। इससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। संबद्धता में बड़े पैमाने पर अनियमितता भी की गई हैं। उन्होंने अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों को दंडित करने की मांग की थी।
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बेसिक शिक्षा मंत्री अहमद हसन ने कहा कि बीएसए के खिलाफ आई शिकायतों की जांच 12 फरवरी को शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद में उपशिक्षा निदेशक (सेवाएं-2) ज्ञान प्रकाश सिंह को सौंपी गई है। उन्हें एक माह में जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।
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विधायक राधेश्याम जायसवाल ने कहा है कि बीएसए ने 2013-14 में बनाए गए दो कंपोजिट विद्यालयों में मूल रूप से शिक्षकों को तैनाती नहीं दी, संबद्ध शिक्षकों को स्थायी नहीं किया व पद सृजित कर इन विद्यालयों में शिक्षामित्रों को तैनाती कर दी। बीआरसी में कई शिक्षक अनियमित रूप से संबद्ध होकर लिपिकीय कार्य कर रहे हैं। इससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। संबद्धता में बड़े पैमाने पर अनियमितता भी की गई हैं। उन्होंने अनियमितता बरतने वाले अधिकारियों को दंडित करने की मांग की थी।
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