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हंगरी तक पहुंचने में अटकी रहीं सांसें
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तंबौर से स्वदेश वापसी पर सांसद राजेश वर्मा ने उसके घर जाकर पुष्प गुच्छ भेंट करते हुए। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
बिसवां (सीतापुर)। यूक्रेन में कई दिनों से फंसे शादाब सोमवार को सकुशल घर लौट आए। इनके लौटते ही परिवार में खुशियां छा गई। शादाब ने बताया कि यूक्रेन की ओर से सुरक्षा देने से इंकार पर अपने रिस्क पर किसी तरह हंगरी पहुंचे थे। हंगरी तक पहुंचने में सांसे अटक गई थी। हर तरफ बमबारी की आवाजें आ रही थी। उसके बाद भारत सरकार से मदद मिलते ही घर वापसी का अवसर मिला।
बिसवां के ग्राम चंदनपुर निवासी शादाब आलम सोमवार तड़के अपने घर पहुंच गए। बेटे को गले से लगाकर माता-पिता रो पड़े। आसपास के लोग व रिश्तेदार शादाब से मिलने पहुंच रहे हैं। इस बीच बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह शादाब से मिलने पहुंचे और फूल माला पहनाकर उसका स्वागत किया। शादाब ने बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था। दिन तो जैसे तैसे गुजार लेते थे लेकिन रात में बंकर में छिपकर रहते थे।
जब यूक्रेन में युद्ध की एडवाइजरी जारी की तो सहम गए थे। यूक्रेन ने कह दिया था कि अगर आपको कही जाना है तो आप अपने रिस्क पर जाइए। इसलिए साथियों ने हिम्मत जुटाई और किसी तरह हंगरी बॉर्डर पहुंचे। वहां पर भारतीय दूतावास ने साथ दिया। खाने पीने व बस ट्रेन की व्यवस्था करवाकर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट भेजा। जहां पर तीन दिन रुकने के बाद भारत सरकार के प्रयासों से फ्लाइट से भारत लाया गया। दिल्ली से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उनके घर तक पहुंचाया गया।
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शादाब ने बताया कि युद्ध के बीच भारतीय छात्रों को वहां से निकलने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। लेकिन बॉर्डर को पार करते ही भारतीय दूतावास ने वापस लाने में पूरी मदद की है। शादाब व उसके परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।
लखनऊ से तंबौर पहुंची तान्या
तंबौर (सीतापुर)। तंबौर क्षेत्र के रिहार निवासी तान्या के घर वापसी की खबरें एक दिन पहले ही आ गई थी। इससे वह रविवार देर रात यूक्रेन से लखनऊ पहुंचते ही सीधे अपने पिता के मकान पर लखनऊ पहुंची। जानकारी होते ही सांसद सीतापुर राजेश वर्मा ने लखनऊ में घर जाकर उसकी हौसला अफजाई की। उन्होंने उससे वहां से देश लौटने के बीच की हुई दिक्कतों की जानकारी ली। जिस पर तान्या ने कहा कि भारत सरकार के सराहनीय प्रयासों से ही वह सकुशल वापस आकर परिवार से मिल सकी है। इसके लिए वह परिवार सहित मोदी सरकार की आभारी हैं।
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बिसवां के ग्राम चंदनपुर निवासी शादाब आलम सोमवार तड़के अपने घर पहुंच गए। बेटे को गले से लगाकर माता-पिता रो पड़े। आसपास के लोग व रिश्तेदार शादाब से मिलने पहुंच रहे हैं। इस बीच बिसवां तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह शादाब से मिलने पहुंचे और फूल माला पहनाकर उसका स्वागत किया। शादाब ने बताया कि यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था। दिन तो जैसे तैसे गुजार लेते थे लेकिन रात में बंकर में छिपकर रहते थे।
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जब यूक्रेन में युद्ध की एडवाइजरी जारी की तो सहम गए थे। यूक्रेन ने कह दिया था कि अगर आपको कही जाना है तो आप अपने रिस्क पर जाइए। इसलिए साथियों ने हिम्मत जुटाई और किसी तरह हंगरी बॉर्डर पहुंचे। वहां पर भारतीय दूतावास ने साथ दिया। खाने पीने व बस ट्रेन की व्यवस्था करवाकर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट भेजा। जहां पर तीन दिन रुकने के बाद भारत सरकार के प्रयासों से फ्लाइट से भारत लाया गया। दिल्ली से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उनके घर तक पहुंचाया गया।
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शादाब ने बताया कि युद्ध के बीच भारतीय छात्रों को वहां से निकलने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। लेकिन बॉर्डर को पार करते ही भारतीय दूतावास ने वापस लाने में पूरी मदद की है। शादाब व उसके परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।
लखनऊ से तंबौर पहुंची तान्या
तंबौर (सीतापुर)। तंबौर क्षेत्र के रिहार निवासी तान्या के घर वापसी की खबरें एक दिन पहले ही आ गई थी। इससे वह रविवार देर रात यूक्रेन से लखनऊ पहुंचते ही सीधे अपने पिता के मकान पर लखनऊ पहुंची। जानकारी होते ही सांसद सीतापुर राजेश वर्मा ने लखनऊ में घर जाकर उसकी हौसला अफजाई की। उन्होंने उससे वहां से देश लौटने के बीच की हुई दिक्कतों की जानकारी ली। जिस पर तान्या ने कहा कि भारत सरकार के सराहनीय प्रयासों से ही वह सकुशल वापस आकर परिवार से मिल सकी है। इसके लिए वह परिवार सहित मोदी सरकार की आभारी हैं।