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तय समय में नहीं हो सकी कबाड़ वाहनों की नीलामी

Sun, 26 Jun 2022 12:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 12:12 AM IST
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Auction of junk vehicles could not be done in due time
शहर कोतवाली में खड़ी बाइकें। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। अपर मुख्य सचिव के निर्देश के बावजूद थानों में खड़े करीब 3400 वाहनों की नीलामी नहीं हो सकी है। इन वाहनों को 60 दिन के अंदर नीलामी करने के हिदायत दी गई थी। समय सीमा निकल जाने के बावजूद एक भी वाहन की नीलामी नहीं हो पाई है। केवल कागजी कार्रवाई ही अमल में लाई जा सकी है। इससे थानों में ऐसे वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। थानों में वाहनों को खड़ा करने की जगह कम पड़ती जा रही है।
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अप्रैल में अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने निर्देश दिए थे कि 60 दिनों के भीतर थानों में खडे़ कबाड़ वाहनों का निस्तारण कराया जाए। इसके बावजूद भी उनका निस्तारण नहीं हो सका है। जिले के 28 थानों में अलग-अलग मामलों में करीब 3400 वाहनों को पकड़कर बंद किया गया है। इनमें दो पहिया व चार पहिया वाहन शामिल हैं। 60 दिन बाद भी 2551 वाहनों को मात्र प्रक्रिया में लाया जा सका है। इनमें से अधिकांश वाहन ऐसे हैं जो काफी समय से थाने में बारिश, धूप झेलते हुए अब कंडम हो चुके हैं।
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कई थानों में तो 30 सालों से वाहन खड़े है न तो इनके जिम्मेदारों को इनकी सुध है और न ही पुलिस विभाग को कोई चिंता दिख रही है। जिम्मेदारों का कहना है कि ऐसे वाहनों को निस्तारित करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। यह वाहन कभी लावारिस मिले तो कभी प्रपत्रों के अभाव में सीज किए गए थे।
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ऑनलाइन होती है नीलामी
पहले पुलिस विभाग खुद ही वाहनों का निस्तारण करने में सक्षम था। बोली लगाकर इनकी नीलामी कर दी जाती थी। लेकिन अब प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है। अब इस्पात मंत्रालय की एक साइट पर इन वाहनों की जानकारी भेजी जाती है। ऑनलाइन साइट पर दर्ज कबाड़ के व्यापारी बोली लगाकर वाहनों को खरीदने का काम करते है। जिले में सीसीटीएनएस के जरिए सारा डेटा डीजी लग्जिस्टिक पर भेजा जाता है। इस्पात मंत्रालय की साइट एमएसपीसी पर सारी जानकारी लोड की जाती है।
एडीजी जोन ने भी जताई थी नाराजगी
कुछ दिन पूर्व एडीजी जोन ने जिले का निरीक्षण कर वाहनों के निस्तारण करने में हीलाहवाली करने को लेकर सख्त रुख अपनाया था। लापरवाही बरतने पर शहर कोतवाल को फटकार लगाई थी। इसके बावजूद भी थानों से वाहनों को हटाया नहीं जा सका है। एडीजी के निर्देश के बाद कुछ उम्मीद जगी थी कि लेकिन वाहनों के निस्तारण में एक भी कदम आगे पुलिस विभाग नहीं बढ़ सका है।
थानों में बढ़ रही कबाड़ वाहनों की संख्या
कोतवाली महोली में 113 वाहन खडे़ हैं। इनमें 14 वाहन ऐसे हैं जो लावारिस हैं। जिनके मालिकों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। इसके अलावा 21 वाहन 1989 से थाने में खड़े हैं। इन वाहनों के मालिकों ने अब तक उनकी कोई सुध नहीं ली है। 78 वाहन ऐसे हैं जो प्रपत्रों के अभाव में सीज कर दिए गए हैं। इनको नीलामी की प्रक्रिया में डाला जा चुका है। कोतवाली तालगांव में 75 वाहन खडे़ हैं। इनमें 63 दो पहिया वाहन हैं। 12 बडे चौपहिया वाहन हैं। लावारिस वाहनों की संख्या 51 है। सीज वाहनों की संख्या आठ है। ऐसे में थानों में कबाड़ वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है।

3400 वाहनों में से 2551 वाहनों को इस्पात मंत्रालय की साइट पर अपलोड किया जा चुका है। उनको निस्तारित करने की प्रकिया जारी है। साइट पर रजिस्टर्ड कंपनियां ही बोली लगा सकती हैं। जल्द ही वाहनों का निस्तारण हो सकेगा।
- एनपी सिंह, एएसपी साउथ
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