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बुखार से एक और महिला की मौत
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जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में बच्ची को तेज बुखार होने पर ठंडे पानी से बच्ची के बदन को पोछती ?
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिला अस्पताल में बुखार से एक महिला की मौत हो गई। बुखार सहित अन्य बीमारियों के चलते नौ बच्चे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती किए गए है। वहां पर मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। गुरुवार को पुराना सीतापुर निवासी सबेश्वरी (74) को तेज बुखार व सांस लेने में दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां पर इलाज के बाद दोपहर में उनकी मौत हो गई।
बुखार सहित अन्य बीमारियों के चलते नौ बच्चे भर्ती किए गए है। इनमें परसेंडी इलाके की पूनम (10), महमूदाबाद इलाके के मयंक (1), शहर कोतवाली इलाके के नगरा निवासी रेशमा (5) को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कई बच्चों को जन्म के बाद झटका आ रहे थे। जिनमें चौखड़िया निवासी पिसावां काजल (7), महोली इलाके के मढ़ियाकलां निवासी रिया शुक्ला (5) शामिल है।
इसके अलावा सांस की बीमारी के चलते रामकोट इलाके के अहलादपुर निवासी अल्सिफा (4 माह), बिजवार निवासी अन्नया (8 माह) व महमूदाबाद इलाके के आर्य (1 माह) को भर्ती कराया गया है। डायरिया के चलते मधवापुर निवासी काजल (10) को भर्ती कराया गया है। अस्पताल में इन बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चों की तादाद बढ़ने से वार्ड के बेड फुल हो गए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है रोजाना आठ से 10 बच्चे बुखार सहित अन्य बीमारियों के चलते भर्ती कराए जा रहे हैं।
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अभी एहतियात बरतने की जरूरत
सितंबर माह समाप्त हो गया है। पर वायरल फीवर कम होने का नाम नहीं ले रहे है। हालात इतने खराब है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ढाई हजार से अधिक मरीज आ रहे है। इसमें अधिकांश बुखार के होते है। इतने अधिक मरीज आने से अस्पताल में रोजाना अव्यवस्थाएं फैल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अब जब मौसम में थोड़ा सर्दी आएगी तभी हालात काबू में आएंगे। इसको आने में करीब 20 से 25 दिन लग सकते है। उसके बाद ही वायरल फीवर के मामले कम होंगे। तब तक बहुत ही
बुखार के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। अधिक मरीज आने से बेड की दिक्कतें आती रहती है।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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बुखार सहित अन्य बीमारियों के चलते नौ बच्चे भर्ती किए गए है। इनमें परसेंडी इलाके की पूनम (10), महमूदाबाद इलाके के मयंक (1), शहर कोतवाली इलाके के नगरा निवासी रेशमा (5) को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कई बच्चों को जन्म के बाद झटका आ रहे थे। जिनमें चौखड़िया निवासी पिसावां काजल (7), महोली इलाके के मढ़ियाकलां निवासी रिया शुक्ला (5) शामिल है।
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इसके अलावा सांस की बीमारी के चलते रामकोट इलाके के अहलादपुर निवासी अल्सिफा (4 माह), बिजवार निवासी अन्नया (8 माह) व महमूदाबाद इलाके के आर्य (1 माह) को भर्ती कराया गया है। डायरिया के चलते मधवापुर निवासी काजल (10) को भर्ती कराया गया है। अस्पताल में इन बच्चों का इलाज चल रहा है। बच्चों की तादाद बढ़ने से वार्ड के बेड फुल हो गए हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है रोजाना आठ से 10 बच्चे बुखार सहित अन्य बीमारियों के चलते भर्ती कराए जा रहे हैं।
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सितंबर माह समाप्त हो गया है। पर वायरल फीवर कम होने का नाम नहीं ले रहे है। हालात इतने खराब है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना ढाई हजार से अधिक मरीज आ रहे है। इसमें अधिकांश बुखार के होते है। इतने अधिक मरीज आने से अस्पताल में रोजाना अव्यवस्थाएं फैल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अब जब मौसम में थोड़ा सर्दी आएगी तभी हालात काबू में आएंगे। इसको आने में करीब 20 से 25 दिन लग सकते है। उसके बाद ही वायरल फीवर के मामले कम होंगे। तब तक बहुत ही
बुखार के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल आने वाले मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। अधिक मरीज आने से बेड की दिक्कतें आती रहती है।
- डॉ. अनिल अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल