{"_id":"690b9806c904e4b54806485e","slug":"after-dismissal-the-panch-member-will-be-given-the-responsibility-of-the-head-sitapur-news-c-102-1-slko1052-143602-2025-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: बर्खास्तगी के बाद पंच सदस्य को प्रधान की जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: बर्खास्तगी के बाद पंच सदस्य को प्रधान की जिम्मेदारी
Thu, 06 Nov 2025 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 06 Nov 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। परसेंडी ब्लॉक की ग्राम पंचायत रिखौना की प्रधान कमरजहां की बर्खास्तगी के बाद ग्राम पंचायत सदस्य बिट्टो देवी को प्रधान पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ताकि पंचायत से जुड़े विकास कार्यों को सुचारू तौर पर कराया जा सके। इसके साथ ही विकास मद की धनराशि हड़पने के मामले में प्रधान के साथ तीन पूर्व सचिवों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की गई है।
वर्ष 2023 में ग्राम पंचायत रिखौना निवासी ध्रुव कुमार शुक्ला और नरेश अवस्थी ने ग्राम पंचायत की धनराशि के दुरुपयोग करने की शिकायत डीएम से की थी। इसकी जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से कराई गई थी। इसमें दोषी पाए जाने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर डीएम ने काम काज संचालित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था।
प्रकरण की अंतिम जांच जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी से कराई गई। इसमें भी प्रधान और सचिव को दोषी पाने के साथ ही कूट रचित दस्तावेज तैयार करने में भी संलिप्त पाया गया।
विज्ञापन
इसके बाद प्रधान की बर्खास्तगी करते हुए संबंधित सचिवों के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश भी डीएम ने दिए थे। एडीओ पंचायत ने संंबंधित आरोपियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। साथ ही पंचायत के विकास कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायत सदस्य बिट्टों देवी को प्रधान पद के कार्य करने के लिए नामित किया है।
विज्ञापन
वर्ष 2023 में ग्राम पंचायत रिखौना निवासी ध्रुव कुमार शुक्ला और नरेश अवस्थी ने ग्राम पंचायत की धनराशि के दुरुपयोग करने की शिकायत डीएम से की थी। इसकी जांच जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से कराई गई थी। इसमें दोषी पाए जाने प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर डीएम ने काम काज संचालित करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था।
विज्ञापन
प्रकरण की अंतिम जांच जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी से कराई गई। इसमें भी प्रधान और सचिव को दोषी पाने के साथ ही कूट रचित दस्तावेज तैयार करने में भी संलिप्त पाया गया।
विज्ञापन
इसके बाद प्रधान की बर्खास्तगी करते हुए संबंधित सचिवों के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश भी डीएम ने दिए थे। एडीओ पंचायत ने संंबंधित आरोपियों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है। साथ ही पंचायत के विकास कार्य कराने के लिए ग्राम पंचायत सदस्य बिट्टों देवी को प्रधान पद के कार्य करने के लिए नामित किया है।