खड़िया से बना रहे मिलावटी गुड़, बिगड़ सकती सेहत

अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 13 Jan 2017 11:29 PM IST
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अगर आप सर्दी से बचने के लिए इन दिनों गुड़ का सेवन कर रहे हैं तो जरा संभल जाइए। हो सकता है कि आप जो गुड़ खा रहे हों उसे हानिकारक केमिकल व खड़िया का इस्तेमाल कर बनाया गया हो।
जिले में गुड़बेलों में तैयार हो रहे गुड़ में इन दिनों हानिकारक हाइड्रोजन का उपयोग हो रहा है। ठंड व त्योहार के सीजन में मांग बढ़ने से इसमें मिलावट जोरों से हो रही है। चिकित्सकों की मानें तो यह मिलावटी गुड़ पेट संबंधी कई बीमारियों का कारण बन सकता है।

जिले में इस समय करीब दो हजार से अधिक गुड़बेल चल रहीं हैं। यहां बड़े पैमाने पर गुड़ बनाने में मिलावट की जा रही है। गुड़ बनाने में हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। केमिकल से बना ये गुड़ सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है।

जानकारों की माने तो गुड़ निर्माता गुड़ को साफ करने व चमकीला बनाने में केमिकल का प्रयोग कर रहे हैं। इसके लिए हाइड्रोजन व अन्य केमिकल गन्ने के रस में डाल दिए जाते हैं। मंशा रहती है कि रस को इस कदर रंग दे दिया जाए कि गुड़ स्वच्छ, चमकीला व पीले रंग का नजर आए।

थानगांव के एक गुड़ व्यापारी की मानें तो गुड़ बनाते समय अगर केमिकल का प्रयोग न किया जाए तो इसका रंग साफ नहीं होगा और यह काला रंग लिए होगा। इस वजह से लोग इसे लेना पसंद नहीं करते हैं। यही वजह है कि गुड़ निर्माता केमिकल मिलाने से परहेज नहीं करते हैं।

व्यापारी गुड़ को जमाने व उसका वजन बढ़ाने के लिए उसमें खड़िया भी मिला देते हैं। इससे गुड़ का रंग साफ होता है और उसका वजन भी बढ़ जाता है। जिले के कई गुड़बेलों पर इन रसायनों का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है लेकिन प्रशासन आंखें मूंदें हुए है। डॉक्टरों की मानें तो ऐसा मिलावटी आपको नुकसान पहुंचा सकता है। बच्चों के लिए तो यह बेहद हानिकारक है।

हाइड्रोजन युक्त गुड़ से हो सकता अल्सर
हाइड्रोजन शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। यदि हाइड्रोजन केमिकल मिश्रित गुड़ रोज खाया जाए तो अल्सर भी हो सकता है। आंतों में घाव होने से अन्य बीमारियां भी जकड़ सकती हैं। 
पंकज अवस्थी, फिजीशियन, जिला अस्पताल

काला गुड़ ज्यादा लाभकारी
जानकारों की माने तो गुड़ को खरीदते समय उसकी सफेदी न देखें। इसे केमिकल से भी चमकाया जा सकता है। काले रंग का गुड़ असली होता है। इसके सेवन से शरीर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है। 

स्वाद में फर्क
जानकारों का कहना है कि केमिकल युक्त गुड़ का स्वाद फीका होता है। वह कम मीठा होता है। असली गुड़ काफी मीठा होता है। केमिकल से तैयार गुड़ दो दिन रखने पर पिघलने लगता है। जबकि बगैर केमिकल का गुड़ काफी कठोर होता है।

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