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पंचायत चुनाव की मतगणना में प्रशासन फेल
अमर उजाला ब्यूरो/सीतापुर
Updated Tue, 03 Nov 2015 11:09 PM IST
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पंचायत चुनाव की मतगणना में जिला प्रशासन फेल साबित हुआ। डीडीसी की तीन सीटों पर फंसे पेंच से अफसर हलाकान रहे। काफी उठापटक के बाद इन सीटों का विवाद मंगलवार देर शाम किसी तरह निपटाया जा सका।
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इसके अलावा बीडीसी की सभी सीटों के नतीजे घोषित नहीं किए जा सके हैं। अफसरों की सुस्त कार्यशैली ने चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलम ये रहा कि राज्य निर्वाचन आयुक्त तक को डीएम से बात कर नाराजगी जतानी पड़ी।
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आयोग ने पंचायत चुनाव की मतगणना को लेकर बिंदुवार निर्देश दिए थे। चुनाव की व्यवस्था ऑनलाइन होने से लोग समय से नतीजे आने को लेकर आश्वस्त थे।
पर आलम यह रहा कि मतगणना शुरू होने के तीसरे दिन मंगलवार को भी बीडीसी व डीडीसी के सभी नतीजे घोषित नहीं हो सके। जिले में डीडीसी के 79 पद हैं। इसके सापेक्ष मंगलवार शाम तक 76 नतीजे ही घोषित किए जा सके।
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डीडीसी के वार्ड 21, 32 व 15 पर विवाद होने से पूरा दिन अफसरों के पसीने छूटते रहे। वेबसाइट पर वार्ड 21 के विजयी प्रत्याशी को तीसरे नंबर पर फीड कर दिया गया। जबकि वार्ड 32 पर 24 हजार मत पड़ने की दशा में भी महज 10 हजार मत फीड थे।
इसके अलावा वार्ड 15 पर दो प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे थे। इससे संबंधित वार्ड के उम्मीदवारों ने हंगामा भी किया। वार्ड 21 व 32 में वेबसाइट पर फीड गलत जानकारी को दुरुस्त करने के बाद विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र जारी किया गया।
जबकि वार्ड 15 के विवाद को काफी माथापच्ची के बाद देर शाम सुलटाते हुए राशिद को विजयी घोषित किया गया। खामियों का आलम यह रहा कि जो परिणाम जारी किए गए, उनमें भी विजयी उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र तक नहीं दिए जा सके।
जीते प्रत्याशी व समर्थक प्रमाणपत्र के इंतजार में दो दिनों से तहसील में डेरा जमाए हैं। काफी जद्दोजहद के बाद मंगलवार दोपहर से प्रमाण पत्र वितरण का कार्य शुरू किया जा सका। देर शाम तक महज 50 लोगों को ही प्रमाणपत्र मिल सके।