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Sitapur News: अधर में लटका आधार कार्ड, सरकारी स्कूल में दाखिले से वंचित रह गए बच्चे

Tue, 17 Sep 2024 01:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Tue, 17 Sep 2024 01:41 AM IST
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Aadhaar card hanging in the balance, children deprived of admission in government school
सीतापुर। जिले में आधार कार्ड की व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। आधार केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े लोग एक आस लेकर सुबह आते हैं और मायूस होकर शाम को लौट जाते हैं। आधार कार्ड न होने व केवाईसी के अभाव में लोगों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। कहीं चूल्हा-चौका प्रभावित हो रहा है तो कहीं बच्चों का स्कूलों में प्रवेश अटक गया है। जिले के हर ब्लॉक व गांव से ऐसी समस्याएं अब आम हो चली हैं।
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30 सितंबर तक कोटेदार का अल्टीमेटम
खैराबाद के सुजावलपुर निवासी विजय कुमार मौर्य ने बताया कि उनका पांच यूनिट का राशन कार्ड है। पति पत्नी का तो आधार अपटेड हो गया है, लेकिन तीन बच्चों का आधार अपटेड नहीं हो पा रहा है। कोटेदार ने 30 सितंबर के बाद तीन यूनिट कम कर देने का फरमान सुनाया है। पोस्ट ऑफिस से लेकर सीतापुर बैंक के चक्कर काट रहे हैं। जाओ तो इतनी भीड़ मिलती है कि पोस्ट ऑफिस में केवल टोकन मिलते हैं। बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी अपटेड नहीं हो पा रहा है।
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पत्नी की नौकरी लटकी
नगर के माखूपुर निवासी उत्कर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2020 में गोंडा जनपद निवासी अंजली श्रीवास्तव से हुई थी। उनका आधार कार्ड गोंडा का बना है। तीन महीने से सीतापुर का आधार कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। जिस कंपनी में वह काम करते हैं, उसी में पत्नी की नौकरी की बात की है। लेकिन पत्नी का पैन कार्ड नहीं बन पा रहा है। इस वजह से नौकरी लटकी हुई है।
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बच्चों को नहीं मिला दाखिला
शाह जलालपुर निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि उनके दो बच्चे आदित्य (14) और विशाल (9) हैं। दोनों का आधार कार्ड नहीं बन पाया है। जिसकी वजह से बच्चों का सरकारी विद्यालय में दाखिला नहीं हो पाया है। इसी तरह नीलकंठ का कहना है कि उन्हें तीन बच्चों के आधार कार्ड बनवाने हैं। कई बार चक्कर काटने के बाद हार कर बैठ गए हैं। जब पोस्ट ऑफिस व बैंकों के चक्कर काटो तो वहां पर लंबे समय तक का टोकन मिलता है। कई बार तो सर्वर डाउन बताकर लौटा दिया जाता है। उन्होंने हर जगह कैंप लगाकर आधार कार्ड बनवाए जाने की अपील की है।



15 दिनों से बंद है आधार बनाने का सेंटर
मधवापुर निवासी नवल किशोर मिश्र ने बताया कि उनके यहां एक आधार कार्ड सेंटर संचालित था। वह भी पंद्रह दिन पूर्व बंद कर दिया गया। आरोप लगाया कि आधार कार्ड बनाने वाले सेंटरों पर प्रति व्यक्ति सौ रुपये की उगाही होती है। आखिर यह पैसा किसके अकाउंट में जमा हो रहा है। एक कैंप लगाकर आधार कार्ड बनवाया जाना चाहिए।
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