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नक्सलियों से दो-दो हाथ करेंगे 57 जांबाज
Sitapur
Updated Tue, 21 Oct 2014 05:31 AM IST
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सीतापुर। प्रदेश के विभिन्न इलाकों, जनपदों में आतंक फैलाने वाले नक्सलियों की अब खैर नहीं। नक्सल प्रभावित इलाकों में कानून का राज कायम करने के लिए सीतापुर पीटीसी ऐसे कमांडो तैयार कर रहा है जो नक्सलियों को उनकी ‘मांद’ में घुस कर सबक सिखाएंगे। इन जवानों को अत्याधुनिक हथियार चलाने की ट्रेनिंग के साथ ही शारीरिक रूप से भी बेहद मजबूत बनाया जा रहा है। इनको कई तरह की हाईटेक ट्रेनिंग दी जा रही है। नक्सलियों से पंगा लेने के लिए तैयार किए जा रहे इन कमांडो को सीतापुर के अलावा हैदराबाद में भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। हैदराबाद से ट्रेनिंग करने के बाद सीतापुर में इनको पास आउट किया जाएगा। जिसके बाद इनको ‘नक्सलियों’ से दो-दो हाथ करने के लिए मोर्चे पर लगाया जाएगा।
प्रदेश के एकमात्र आर्म्स ट्रेनिंग सेंटर में इस दौरान उत्तर प्रदेश पीएसी के पूर्वी जोन की विभिन्न पीएसी वाहनियों से 57 पीएसी के आरक्षी चयनित होकर आए हैं। चयनित पीएसी जवानों को यहां कमांडों ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। कमांडोज को ट्रेनिंग देने वाले उस्ताद आरके सिंह ने बताया कि जवानों को कमांडो की बेहद सख्त ट्रेनिंग दी जा रही है। उनको आउट डोर ट्रेनिंग में छह व दस फिट ऊंची दीवारें, सुरंग, रस्से पर चलना और चढ़ना आदि बाधाएं पार करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इन बाधाओं को पार करने के लिए हथियार व पीठ पर वजनी सामान लाद कर भी पार करना बताया जा रहा है। इसके अलावा कमांडोज को एसएलआर, पिस्टल, रिवाल्वर, कार्बाइन, एकेएम रायफल आदि हथियार चलाने जैसी चुनिंदा ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग के अलावा इन जवानों के खान-पान और रहन-सहन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन जवानों को शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाया जा रहा है। शारीरिक मजबूती के लिए जूड़ो आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ट्रेनर आरके सिंह ने बताया कि यूपी के पुलिस व पीएसी के जवानों को कमांडो बैच इससे पहले वर्ष 2011 में आया था। उसके बाद से कमाडो का कोर्स नहीं आया था। अब नौ अक्टूबर 2014 से यहां 57 पीएसी जवानों को कमांडो बनाने का कोर्स आया है। इन जवानों को हाईटेक अंदाज में ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि वह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून का राज कायम कर सकें। यहां के बाद सभी कमांडो हैदराबाद जाएंगे। वहां पर 84 दिन तक गुरिल्ला वार की ट्रेनिंग लेंगे। उसके बाद सीतापुर आकर पास आउट होंगे।
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प्रदेश के एकमात्र आर्म्स ट्रेनिंग सेंटर में इस दौरान उत्तर प्रदेश पीएसी के पूर्वी जोन की विभिन्न पीएसी वाहनियों से 57 पीएसी के आरक्षी चयनित होकर आए हैं। चयनित पीएसी जवानों को यहां कमांडों ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। कमांडोज को ट्रेनिंग देने वाले उस्ताद आरके सिंह ने बताया कि जवानों को कमांडो की बेहद सख्त ट्रेनिंग दी जा रही है। उनको आउट डोर ट्रेनिंग में छह व दस फिट ऊंची दीवारें, सुरंग, रस्से पर चलना और चढ़ना आदि बाधाएं पार करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इन बाधाओं को पार करने के लिए हथियार व पीठ पर वजनी सामान लाद कर भी पार करना बताया जा रहा है। इसके अलावा कमांडोज को एसएलआर, पिस्टल, रिवाल्वर, कार्बाइन, एकेएम रायफल आदि हथियार चलाने जैसी चुनिंदा ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग के अलावा इन जवानों के खान-पान और रहन-सहन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन जवानों को शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाया जा रहा है। शारीरिक मजबूती के लिए जूड़ो आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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ट्रेनर आरके सिंह ने बताया कि यूपी के पुलिस व पीएसी के जवानों को कमांडो बैच इससे पहले वर्ष 2011 में आया था। उसके बाद से कमाडो का कोर्स नहीं आया था। अब नौ अक्टूबर 2014 से यहां 57 पीएसी जवानों को कमांडो बनाने का कोर्स आया है। इन जवानों को हाईटेक अंदाज में ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि वह नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून का राज कायम कर सकें। यहां के बाद सभी कमांडो हैदराबाद जाएंगे। वहां पर 84 दिन तक गुरिल्ला वार की ट्रेनिंग लेंगे। उसके बाद सीतापुर आकर पास आउट होंगे।
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