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मक्का उगाएं, मालामाल हो जाएं
Sitapur
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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सीतापुर। खरीफ, रबी और जायद तीनों मौसम में उगाया जाने वाला मक्का किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार बन रहा है। खरीफ और जायद के मौसम में तो इसकी बोआई तेजी से होती है। लेकिन रबी के मौसम में कम किसान इसे बोते हैं। इसके क्षेत्रफल में विस्तार करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय (कटिया) कुछ चुनिंदा किसानों को मुफ्त बीज उपलब्ध कराएगा।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय के प्रभारी एवं कार्यक्रम समन्वयक डा. आनंद सिंह ने बताया कि किसानों को मक्के की उन्नतिशील प्रजातियों एवं खेती की उन्नत तकनीकी की पूरी जानकारी नहीं है। कुछ क्षेत्रों में नीलगायों की समस्या के चलते किसान इसकी बुवाई नहीं करते हैं। कृषि वैज्ञानिक डा. अम्बरीश सिंह यादव ने बताया कि मक्का खाद्यान्न की एक महत्वपूर्ण फसल है। इसकी उत्पादन क्षमता अन्य खाद्यान्न फसलों से अधिक है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि कुक्कुट आहार के रूप में सर्वाधिक 44 प्रतिशत मक्के का उपयोग होता है, जबकि मानव आहार के रूप में इसका 24 प्रतिशत उपयोग होता है। स्टार्च के रूप में 14 प्रतिशत एवं अल्कोहल तथा बीज बनाने में इसका एक-एक प्रतिशत उपयोग होता है। इसक अलावा दाना, बेबीकॉर्न, पापकॉर्न और चारे के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि रबी मक्का के साथ अंत:फसली खेती करना लाभदायक साबित होता है। अंत:फसल के रूप में मेथी, मूली, आलू, हरी मटर, पालक, पत्ता गोभी, फूल गोभी, चुकंदर, गाजर, राजमा, हरी प्याज, ब्रोकली, शलजम तथा ग्लैडिओजलस (फूल) इत्यादि सर्दी के मौसम में मक्का के साथ सफलतापूर्वक उगाई जा सकती हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र द्वितीय के प्रभारी एवं कार्यक्रम समन्वयक डा. आनंद सिंह ने बताया कि किसानों को मक्के की उन्नतिशील प्रजातियों एवं खेती की उन्नत तकनीकी की पूरी जानकारी नहीं है। कुछ क्षेत्रों में नीलगायों की समस्या के चलते किसान इसकी बुवाई नहीं करते हैं। कृषि वैज्ञानिक डा. अम्बरीश सिंह यादव ने बताया कि मक्का खाद्यान्न की एक महत्वपूर्ण फसल है। इसकी उत्पादन क्षमता अन्य खाद्यान्न फसलों से अधिक है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि कुक्कुट आहार के रूप में सर्वाधिक 44 प्रतिशत मक्के का उपयोग होता है, जबकि मानव आहार के रूप में इसका 24 प्रतिशत उपयोग होता है। स्टार्च के रूप में 14 प्रतिशत एवं अल्कोहल तथा बीज बनाने में इसका एक-एक प्रतिशत उपयोग होता है। इसक अलावा दाना, बेबीकॉर्न, पापकॉर्न और चारे के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि रबी मक्का के साथ अंत:फसली खेती करना लाभदायक साबित होता है। अंत:फसल के रूप में मेथी, मूली, आलू, हरी मटर, पालक, पत्ता गोभी, फूल गोभी, चुकंदर, गाजर, राजमा, हरी प्याज, ब्रोकली, शलजम तथा ग्लैडिओजलस (फूल) इत्यादि सर्दी के मौसम में मक्का के साथ सफलतापूर्वक उगाई जा सकती हैं।
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