{"_id":"23a125532444cabd13ae0f3dee3bd92a","slug":"90-thousand-farmers-will-be-paid-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"90 हजार गन्ना किसानों को मिलेगा भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
90 हजार गन्ना किसानों को मिलेगा भुगतान
सीतापुर/अमर उजाला
Updated Mon, 07 Sep 2015 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मालूम हो कि सीतापुर जनपद में सात चीनी मिलें हैं, इनमें लक्ष्मी शुगर मिल महोली, दि अवध शुगर मिल हरगांव, सेक्सरिया शुगर मिल बिसवां, दि सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद, डालमिया शुगर मिल रामगढ़, डालमिया शुगर मिल जवाहरपुर, मैग्ना शुगर मिल कमलापुर शामिल हैं।
लक्ष्मी शुगर मिल महोली और मैग्ना शुगर मिल कमलापुर कई बरसों से बंद हैं। पांच चीनी मिलें चालू हैं। जिले की चीनी मिलों पर 90 हजार गन्ना किसानों का 360 करोड़ रुपये बकाया है।
भुगतान के लिए केंद्र ने मिलों को ब्याज मुक्त लोन देने का फैसला लिया है। इसके िलए केंद्र ने प्रदेश के लिए 1600 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
केंद्र ने दि सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद को छोड़कर सेक्सरिया शुगर मिल बिसवां को 22.90 करोड़, अवध शुगर मिल हरगांव को 34.90 करोड़, डालमिया शुगर मिल रामगढ़ को 19.45 करोड़, डालमिया शुगर मिल्स जवाहरपुर को 21.07 करोड़ रुपये का बजट बतौर लोन स्वीकृत किया है।
विज्ञापन
इनमें से सेक्सरिया शुगर मिल बिसवां को 22.90 करोड़ रुपये अवमुक्त भी किया जा चुका है। शेष चीनी मिलों को यह लोन मिलना बाकी है।
विज्ञापन
लक्ष्मी शुगर मिल महोली और मैग्ना शुगर मिल कमलापुर कई बरसों से बंद हैं। पांच चीनी मिलें चालू हैं। जिले की चीनी मिलों पर 90 हजार गन्ना किसानों का 360 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन
भुगतान के लिए केंद्र ने मिलों को ब्याज मुक्त लोन देने का फैसला लिया है। इसके िलए केंद्र ने प्रदेश के लिए 1600 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
केंद्र ने दि सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद को छोड़कर सेक्सरिया शुगर मिल बिसवां को 22.90 करोड़, अवध शुगर मिल हरगांव को 34.90 करोड़, डालमिया शुगर मिल रामगढ़ को 19.45 करोड़, डालमिया शुगर मिल्स जवाहरपुर को 21.07 करोड़ रुपये का बजट बतौर लोन स्वीकृत किया है।
विज्ञापन
इनमें से सेक्सरिया शुगर मिल बिसवां को 22.90 करोड़ रुपये अवमुक्त भी किया जा चुका है। शेष चीनी मिलों को यह लोन मिलना बाकी है।