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हत्यारोपी दो सगे भाईयों को उम्रकैद
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:49 AM IST
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सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश पीके सिंह ने हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास व छह-छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र कुमार अवस्थी ने की।
सकरन थानाक्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर निवासी रघुनाथ शरण ने 7 अप्रैल 2014 को अपने पुत्र महेंद्र कुमार उर्फ विजय की हत्या की एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में विवेचना करते हुए पुलिस ने गांव के ही सुरेश यादव व उसके भाई राम रहीस के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था।
वादी के मुताबिक विजय घटना वाली रात अपने घर में सो रहा था। रंजिश के चलते गांव के ही दोनों आरोपी उसे बुला ले गए। बाद में विजय की लाश गांव के बाहर खेत में पड़ी मिली।
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मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा कुल सात साक्षी अपने कथन के समर्थन में न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। जिनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने दोनों को घटना का दोषी पाया। कोर्ट ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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सकरन थानाक्षेत्र के ग्राम सुल्तानपुर निवासी रघुनाथ शरण ने 7 अप्रैल 2014 को अपने पुत्र महेंद्र कुमार उर्फ विजय की हत्या की एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में विवेचना करते हुए पुलिस ने गांव के ही सुरेश यादव व उसके भाई राम रहीस के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था।
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वादी के मुताबिक विजय घटना वाली रात अपने घर में सो रहा था। रंजिश के चलते गांव के ही दोनों आरोपी उसे बुला ले गए। बाद में विजय की लाश गांव के बाहर खेत में पड़ी मिली।
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मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा कुल सात साक्षी अपने कथन के समर्थन में न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। जिनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने दोनों को घटना का दोषी पाया। कोर्ट ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।