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अफसरों को कार्य में सुधार की हिदायत
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:34 AM IST
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अफसरों को कार्यशैली में सुधार की हिदायत दी
सीतापुर। केंद्रीय सचिव देवेंद्र चौधरी ने शनिवार को जिले का दौरा किया। सीडीओ दफ्तर में गन्ना भुगतान के संबंध में जानकारी ली। पशुओं का गर्भाधान सरकारी उपक्रम से दस फीसदी और प्राइवेट से 90 फीसदी पाए जाने पर नराजगी जताई। किसानों को समय से गन्ना पर्चियां न मिलने और मृदा परीक्षण न होने की शिकायत पर अफसरों को कार्य में सुधार की हिदायत दी।
केंद्रीय सचिव देवेन्द्र चौधरी शनिवार की दोपहर सबसे पहले शहर स्थित पराग डेरी पहुंचे। वहां दुध की गुणवत्ता परखी। साफ-सफाई का जायजा लिया। इसके बाद विकास भवन में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के दफ्तर का निरीक्षण किया। सीडीओ ऑफिस में गन्ना भुगतान के बारे में जानकारी ली।
यहां से पशु चिकित्सालय पहुंचकर गहनता से जायजा लिया। पशु चिकित्सालय में सरकारी उपक्रम से गर्भाधान महज दस फीसदी और प्राइवेट उपक्रम से 90 फीसदी देख नाराजगी व्यक्त की। सरकारी उपक्रम से गर्भाधन ज्यादा कराए जाने के निर्देश दिए।
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इसके बाद उनका काफिला बीहट गौड़ पहुंचा। गांव में किसानों ने बताया कि समय पर गन्ने की पर्ची नहीं मिलती है। छोटे किसानों को पर्ची मिलने में ज्यादा परेशानी आ रही है। किसानों के मुताबिक मृदा परीक्षण भी नहीं कराया गया है। इस पर उन्होंने अफसरों को कार्यशैली में सुधार के निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ अरविंद चौरसिया भी मौजूद रहे।
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सीतापुर। केंद्रीय सचिव देवेंद्र चौधरी ने शनिवार को जिले का दौरा किया। सीडीओ दफ्तर में गन्ना भुगतान के संबंध में जानकारी ली। पशुओं का गर्भाधान सरकारी उपक्रम से दस फीसदी और प्राइवेट से 90 फीसदी पाए जाने पर नराजगी जताई। किसानों को समय से गन्ना पर्चियां न मिलने और मृदा परीक्षण न होने की शिकायत पर अफसरों को कार्य में सुधार की हिदायत दी।
केंद्रीय सचिव देवेन्द्र चौधरी शनिवार की दोपहर सबसे पहले शहर स्थित पराग डेरी पहुंचे। वहां दुध की गुणवत्ता परखी। साफ-सफाई का जायजा लिया। इसके बाद विकास भवन में मुख्य पशुचिकित्साधिकारी के दफ्तर का निरीक्षण किया। सीडीओ ऑफिस में गन्ना भुगतान के बारे में जानकारी ली।
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यहां से पशु चिकित्सालय पहुंचकर गहनता से जायजा लिया। पशु चिकित्सालय में सरकारी उपक्रम से गर्भाधान महज दस फीसदी और प्राइवेट उपक्रम से 90 फीसदी देख नाराजगी व्यक्त की। सरकारी उपक्रम से गर्भाधन ज्यादा कराए जाने के निर्देश दिए।
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इसके बाद उनका काफिला बीहट गौड़ पहुंचा। गांव में किसानों ने बताया कि समय पर गन्ने की पर्ची नहीं मिलती है। छोटे किसानों को पर्ची मिलने में ज्यादा परेशानी आ रही है। किसानों के मुताबिक मृदा परीक्षण भी नहीं कराया गया है। इस पर उन्होंने अफसरों को कार्यशैली में सुधार के निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ अरविंद चौरसिया भी मौजूद रहे।