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जल्द खराब होने वाली फसलें अब आसानी से बेच सकेंगे किसान
Updated Mon, 11 Sep 2017 12:19 AM IST
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ग्रामीण अंचलों में लगेगी छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट
सीतापुर। किसानों को अब जल्द खराब होने वाली फसलों को बेचने में आसानी होगी। प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों में छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की कवायद में है।
इस यूनिट की स्थापना से किसान अपनी जल्द खराब होने वाली फसलें यहां बेच सकेंगे। जिले में इस तहर की यूनिट लगने से आम, टमाटर, केला व अचार मिर्च की खेती करने वाले करीब 15 हजार किसानों को फायदा होगा। हालांकि इसके लिए सड़क और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना होगा।
जिले में 18 हजार हेक्टेयर में आम व केला की खेती होती है। जबकि 1600 एकड़ में टमाटर और अचार मिर्च की खेती की जाती है।
इसमें करीब 15 हजार किसान शामिल हैं। यह ऐसी फसलें हैं, जो टूट होने के बाद ज्यादा दिनों तक बचाई नहीं जा सकती हैं। मजबूरी में किसानों को अपनी इन फसलों को औने-पौने दामों पर स्थानीय बाजारों में बेचना पड़ता है।
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किसानों की यह समस्या देखते हुए प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचलों में छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने जा रही है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और बिजली आपूर्ति एक बड़ी समस्या है। यूनिट की स्थापना से पहले सरकार को सड़क तथा बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना होगा।
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सीतापुर। किसानों को अब जल्द खराब होने वाली फसलों को बेचने में आसानी होगी। प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों में छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की कवायद में है।
इस यूनिट की स्थापना से किसान अपनी जल्द खराब होने वाली फसलें यहां बेच सकेंगे। जिले में इस तहर की यूनिट लगने से आम, टमाटर, केला व अचार मिर्च की खेती करने वाले करीब 15 हजार किसानों को फायदा होगा। हालांकि इसके लिए सड़क और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना होगा।
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जिले में 18 हजार हेक्टेयर में आम व केला की खेती होती है। जबकि 1600 एकड़ में टमाटर और अचार मिर्च की खेती की जाती है।
इसमें करीब 15 हजार किसान शामिल हैं। यह ऐसी फसलें हैं, जो टूट होने के बाद ज्यादा दिनों तक बचाई नहीं जा सकती हैं। मजबूरी में किसानों को अपनी इन फसलों को औने-पौने दामों पर स्थानीय बाजारों में बेचना पड़ता है।
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किसानों की यह समस्या देखते हुए प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अंचलों में छोटी फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने जा रही है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और बिजली आपूर्ति एक बड़ी समस्या है। यूनिट की स्थापना से पहले सरकार को सड़क तथा बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करना होगा।