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Sitapur News: 65 गांवों के 700 घरों में भरा बाढ़ का पानी, मुश्किल में जिंदगानी

Sun, 15 Sep 2024 02:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sun, 15 Sep 2024 02:30 AM IST
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700 houses in 65 villages filled with flood water
रामपुर मथुरा क्षेत्र के एक गांव में घुसा बाढ़ का पानी।
रामपुर मथुरा/रेउसा।
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सरयू और शारदा नदियों में उफान से बेकाबू लहरों ने तराई इलाके में तबाही मचानी शुरू कर दी है। खेतों से लेकर रास्तों और घरों में तेजी से बाढ़ का पानी भर रहा है। तटवर्ती 65 गांवों के 700 मकानों के भीतर तक पानी पहुंच गया है। करीब 25 गांव बाढ़ के पानी से घिरकर टापू सरीखे नजर आ रहे हैं।
बाढ़ से लगभग 55 हजार आबादी प्रभावित है। घरों में पानी भरने से लोगों के सामने रहने और खाने का संकट खड़ा हो गया है। रास्ते बाढ़ की चपेट में आने से कई गांवों का संपर्क कट गया है। सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं।
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सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उधर, बैराजों से शनिवार को 7 लाख 41 हजार 330 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। यह पानी पहुंचने पर गांजर में तबाही मचा सकता है।
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पहाड़ों पर भारी बारिश और बैराजों के पानी से सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को 118.50 मीटर पर पहुंच गया। शुक्रवार की तुलना में पानी 70 सेमी बढ़ा है। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी सिर्फ 50 सेमी नीचे है। सरयू में उफान से तटवर्ती परमगोंडा, निरंजन पुरवा, अंगरौरा, प्यारेपुरवा, बाबाकुटी, फतेपुरवा, बक्सीपुरवा, खुन्ना पुरवा, कोठार, अहिरनपुरवा व लोधनपुरवा समेत 25 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
इन गांवों के करीब 300 घरों में पानी घुस गया है। करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित है। अंगरौरा में सड़क पर 2 से 3 फीट पानी बह रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग तटबंध पर शरण ले रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घरों में पानी भर जाने से खाना बनाने की समस्या होने लगी है। ऊंचे स्थान पर चूल्हा रखकर किसी तरह खाना बना रहे हैं। पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है, इससे कई तरह की समस्याएं खड़ी होने लगी हैं।
रास्तों पर पानी का तेज बहाव है। पैदल आना-जाना जोखिम भरा होने से ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं। वहीं, जगरूप पुरवा, बक्सी पुरवा, केवड़ा, मिश्रनपुरवा, सोतीपुरवा, निरंजन पुरवा, बगस्ती, बंगालीघाट, बक्सीपुरवा, अटौरा, चंद्रिका पुरवा समेत 25 गांवों के आसपास तेजी से पानी भर रहा है। यह गांव टापू बन गए हैं। अखरी के पास तटबंध पर कैंप लगाकर दवा और लंच पैकेट का वितरण किया गया। उधर, रेउसा इलाके में निर्मल पुरवा, संबारी पुरवा, मरैली, जिन्ना पुरवा, सलामत पुरवा, रतनगंज, जट पुरवा, ताहपुर, बजहा, दर्जिन रेती, चौकी पुरवा, पासिनपुरवा, गार्गी पुरवा, लाला पुरवा, श्याम नगर, सुंदर नगर, नगीना पुरवा समेत 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
यहां के करीब 400 घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे लगभग 40 हजार आबादी प्रभावित है। बाढ़ बेकाबू होने से लोग सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। कई परिवार घर की छतों पर पहुंच गए हैं। सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। बिसवां तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि प्रभावित गांवों में नावें लगाई गई हैं। बाढ़ पीड़ितों को चार हजार लंच पैकेट बांटे गए हैं। लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।


जानें, किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 3,12,812 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 2,63,816 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,64,702 क्यूसेक


शौचालयों में भरा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी घरों से लेकर शौचालयों तक में भी भर गया है। जबकि गांव के बाहर खेत भी बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं, जानवरों के रहने के स्थान पर पानी भरने से भी समस्या खड़ी हो गई है।



लंच पैकेट और दवा वितरित कराई
सरयू के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम दवा का वितरण और तहसील प्रशासन लंच पैकेट वितरित कर रहा है। तहसीलदार की निगरानी में कानूनगो, लेखपाल लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं। पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।

- शिखा शुक्ला, एसडीएम महमूदाबाद


कारागार राज्यमंत्री रतौली पहुंचे, ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा
लहरपुर (सीतापुर)। शारदा नदी के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर शनिवार को कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने रतौली का दौरा किया। राज्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए आप सभी जागरूक और सतर्क रहें। बच्चों और जानवरों को नदी से दूर रखें। यदि कोई भी समस्या है तो तुरंत तहसील प्रशासन को सूचना दें। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मनोज यादव ने बताया कि लगातार निगरानी की जा रही है। लहरपुर एसडीएम आकांक्षा गौतम ने नकहा, मीतमऊ, परेवा, रतौली, बरेती, गौर चौखड़िया, सेतुही आदि का दौरा कर ग्रामीणों से सजग रहने व किसी भी अपरिहार्य स्थिति में बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबर 9651389091 पर सूचना देने अपील की। संबंधित गांव के प्रधानों को डुग्गी मुनादी करवाते हुए अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए।
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