{"_id":"5b61fb394f1c1b764d8b5f62","slug":"61533147961-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटान तेज, 8 गांव कटान के मुहाने पर, बाशिंदे भयभीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटान तेज, 8 गांव कटान के मुहाने पर, बाशिंदे भयभीत
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लीड....
कटान के मुहाने पर आठ गांव, बाशिंदे भयभीत
जिले में भयावह हो रहा घाघरा और शारदा नदियों का उफान, तंबौर और रेउसा क्षेत्र में 30 घरों पर लटक रही कटान की तलवार
फोटो-10 से 14
अमर उजाला ब्यूरो
रेउसा/ तंबौर (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में घाघरा व शारदा नदियों का कहर जारी है। इनदिनों दोनों नदियां जहां उफान पर हैं, वहीं ये तेजी से कटान भी कर रही हैं। तंबौर व रेउसा क्षेत्र में करीब आठ ऐसे गांव हैं जो कटान के मुहाने पर आ गए हैं, जबकि 30 घर ऐसे हैं जिन पर नदियों के कटान की तलवार लटक रही है। किसी भी पल नदी इन घरों को निगल सकती है। नदियों का रौद्र रूप देखकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदे बेहद सहमे हुए हैं। उधर शारदा व घाघरा बैराजों से बुधवार को पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बीते दिनों की अपेक्षा यह पानी थोड़ा कम जरूर है, लेकिन इससे मुसीबत टलती नजर नहीं आ रहा है।
रेउसा क्षेत्र के ग्राम भदम्मर पुरवा, ताहपुरवा,कोनी, लोध पुरवा, रेती, कटैला पुरवा, परमेश्वर पुरवा, गया प्रसाद पुरवा व तंबौर क्षेत्र के कोल्हुआ पुरवा व बसंतापुर के निकट घाघरा व शारदा नदी कटान कर रही हैं। भदम्मर पुरवा के निवासी पटवारी का घर कटान के मुहाने पर है, शारदा का पानी इस घर से महज 10 कदम दूर ही बह रहा है। ताहपुर गांव के निकट नदी खेतों को काट रही है। कोनी गांव में राम लोटन, बालजोति, बाबू, भगौती, मनेजर, गोकुल, कामता के घर कटान के मुहाने पर नजर आ रहे हैं। गया प्रसाद पुरवा में इंदल, कमलेश, मकऊ, राम हरख वर्मा, विजय कुमार, सूरज लाल, नरेश, बलराम, गया प्रसाद आदि के घर भी कटान के मुहाने पर हैं। इन घरों में रहने वाले परिवार बेहद भयभीत हैं। जो घरों को छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। जहां कटान का ऐसा हाल है, वहीं नदी उफान भी मार रही है। बाढ़ के पानी ने क्षेत्र के करीब 10 संपर्क मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं तंबौर से लेकर रेउसा इलाके तक करीब साढ़े तीन हजार बीघा खेत बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। बैराजों के पानी से जहां नदी उफान मार रही है। वहीं बारिश के पानी ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। बाढ़ के पानी से नाले उफनाने की वजह से बारिश का पानी गांवों से बाहर नहीं निकल पा रहा है। जिससे गांव से लेकर खेत खलिहान तक जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं।
बाक्स
डीएम ने देखे हालात, ग्रामीणों को दिया बचाव आश्वासन
फोटो नं. 16-17
तंबौर (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में शारदा नदी के कटान का हाल जानने के लिए बुधवार को डीएम शीतल वर्मा तट पर पहुंचीं। यहां उन्होंने नदी का जलस्तर देखा, कटान के बारे में जानकारी ली और वहां पर इससे बचाव के लिए चल रहे राहत कार्य को भी देखा। इस दौरान डीएम ने ग्रामीणों को बचाव का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
डीएम दोपहर के वक्त बसंतापुर पहुंचीं। यहां शारदा नदी कटान कर रही है। कुछ दिन पूर्व यहां सिंचाई विभाग द्वारा बनवाए गए स्टड नदी के वेग को रोक पाने में असहाय नजर आ रहे थे। इससे नदी तट पर बसे कोल्हुआ पुरवा व बसंतापुर के कटने के खतरा पैदा हो गया। कटान को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत कि तो डीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी दशा में गांव को कटने नही दिया जाएगा। सिंचाई विभाग की तरफ से बांस के बम्बू बनाकर तथा उसमें बोरियों में ईंट के रोड़े भरकर नदी के किनारों पर कटान रोकने के प्रयास चल रहा। डीएम ने बताया कि तहसीलदार राजस्व टीम के साथ कैंप करेंगे। इसके बाद डीएम करीब 3 बजे काशीपुर पहुंचीं। यहां भी नदी का रौद्र रूप देखने को मिला। खमरिया शेखुपुर के पास कटान हो रहा था। कटान से बचाव के लिए लगाया गया जियो बैग कटकर बह रहे थे। यहां भी बांस के बम्बुओं में ईंट के टुकड़े बोरियों में भरकर नदी में डाला जा रहा था। ग्रामीणों के साथ समाजसेवी ऋचा सिंह ने डीएम से कटान के खतरे से मौके को रूबरू कराया। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कैम्प करते हुए नदी पर नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी दशा में गांव को कटने से बचाया जाएगा । इस मौके पर एसडीएम लहरपुर पूर्णिमा सिंह, सिंचाई विभाग के दिनेश सिंह आदि मौजूद थे।
बाढ़ पीड़ितों को समय से मदद पहुंचे : विधायक
फोटो नं. 15
सीतापुर। बाढ़ पीड़ितों तक समय से राहत सामग्री पहुंच सके इसके लेकर प्रशासन अभी से ही तैयारियों को पूरा कर ले। यह बात बुधवार को सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने बुधवार को तटीय क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान कही। विधायक ने क्षेत्र के असईपुर, कमरिया, काशीपुर आदि गांवों का भ्रमण किया, वहां के बाशिंदों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना। इस मौके पर किसानों ने फसलों के नुकसान की बात कही। जिसको लेकर विधायक ने फसलों का बीमा करने की बात किसानों से कही। विधायक ने कहा कि किसान अपनी सूची बनाकर दे दें जिससे कि कृषि विभाग सभी का बीमा कर सके। उन्होंने कहा कि लोगों को पर्याप्त मात्रा में अनाज व हर जरूरी सामान प्रशासन मुहैया कराएगा। किसी को कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इसका ध्यान रखे कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद जो भी नुकसान हुआ है उसे ठीक कराया जाए। सभी विभाग अभी से कार्ययोजना तैयार कर लें। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई होंगी, उनको तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कराया जाए।
विज्ञापन
कटान के मुहाने पर आठ गांव, बाशिंदे भयभीत
जिले में भयावह हो रहा घाघरा और शारदा नदियों का उफान, तंबौर और रेउसा क्षेत्र में 30 घरों पर लटक रही कटान की तलवार
फोटो-10 से 14
अमर उजाला ब्यूरो
रेउसा/ तंबौर (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में घाघरा व शारदा नदियों का कहर जारी है। इनदिनों दोनों नदियां जहां उफान पर हैं, वहीं ये तेजी से कटान भी कर रही हैं। तंबौर व रेउसा क्षेत्र में करीब आठ ऐसे गांव हैं जो कटान के मुहाने पर आ गए हैं, जबकि 30 घर ऐसे हैं जिन पर नदियों के कटान की तलवार लटक रही है। किसी भी पल नदी इन घरों को निगल सकती है। नदियों का रौद्र रूप देखकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदे बेहद सहमे हुए हैं। उधर शारदा व घाघरा बैराजों से बुधवार को पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बीते दिनों की अपेक्षा यह पानी थोड़ा कम जरूर है, लेकिन इससे मुसीबत टलती नजर नहीं आ रहा है।
रेउसा क्षेत्र के ग्राम भदम्मर पुरवा, ताहपुरवा,कोनी, लोध पुरवा, रेती, कटैला पुरवा, परमेश्वर पुरवा, गया प्रसाद पुरवा व तंबौर क्षेत्र के कोल्हुआ पुरवा व बसंतापुर के निकट घाघरा व शारदा नदी कटान कर रही हैं। भदम्मर पुरवा के निवासी पटवारी का घर कटान के मुहाने पर है, शारदा का पानी इस घर से महज 10 कदम दूर ही बह रहा है। ताहपुर गांव के निकट नदी खेतों को काट रही है। कोनी गांव में राम लोटन, बालजोति, बाबू, भगौती, मनेजर, गोकुल, कामता के घर कटान के मुहाने पर नजर आ रहे हैं। गया प्रसाद पुरवा में इंदल, कमलेश, मकऊ, राम हरख वर्मा, विजय कुमार, सूरज लाल, नरेश, बलराम, गया प्रसाद आदि के घर भी कटान के मुहाने पर हैं। इन घरों में रहने वाले परिवार बेहद भयभीत हैं। जो घरों को छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। जहां कटान का ऐसा हाल है, वहीं नदी उफान भी मार रही है। बाढ़ के पानी ने क्षेत्र के करीब 10 संपर्क मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं तंबौर से लेकर रेउसा इलाके तक करीब साढ़े तीन हजार बीघा खेत बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। बैराजों के पानी से जहां नदी उफान मार रही है। वहीं बारिश के पानी ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। बाढ़ के पानी से नाले उफनाने की वजह से बारिश का पानी गांवों से बाहर नहीं निकल पा रहा है। जिससे गांव से लेकर खेत खलिहान तक जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
बाक्स
डीएम ने देखे हालात, ग्रामीणों को दिया बचाव आश्वासन
फोटो नं. 16-17
तंबौर (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में शारदा नदी के कटान का हाल जानने के लिए बुधवार को डीएम शीतल वर्मा तट पर पहुंचीं। यहां उन्होंने नदी का जलस्तर देखा, कटान के बारे में जानकारी ली और वहां पर इससे बचाव के लिए चल रहे राहत कार्य को भी देखा। इस दौरान डीएम ने ग्रामीणों को बचाव का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
डीएम दोपहर के वक्त बसंतापुर पहुंचीं। यहां शारदा नदी कटान कर रही है। कुछ दिन पूर्व यहां सिंचाई विभाग द्वारा बनवाए गए स्टड नदी के वेग को रोक पाने में असहाय नजर आ रहे थे। इससे नदी तट पर बसे कोल्हुआ पुरवा व बसंतापुर के कटने के खतरा पैदा हो गया। कटान को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत कि तो डीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी दशा में गांव को कटने नही दिया जाएगा। सिंचाई विभाग की तरफ से बांस के बम्बू बनाकर तथा उसमें बोरियों में ईंट के रोड़े भरकर नदी के किनारों पर कटान रोकने के प्रयास चल रहा। डीएम ने बताया कि तहसीलदार राजस्व टीम के साथ कैंप करेंगे। इसके बाद डीएम करीब 3 बजे काशीपुर पहुंचीं। यहां भी नदी का रौद्र रूप देखने को मिला। खमरिया शेखुपुर के पास कटान हो रहा था। कटान से बचाव के लिए लगाया गया जियो बैग कटकर बह रहे थे। यहां भी बांस के बम्बुओं में ईंट के टुकड़े बोरियों में भरकर नदी में डाला जा रहा था। ग्रामीणों के साथ समाजसेवी ऋचा सिंह ने डीएम से कटान के खतरे से मौके को रूबरू कराया। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कैम्प करते हुए नदी पर नजर रखने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी दशा में गांव को कटने से बचाया जाएगा । इस मौके पर एसडीएम लहरपुर पूर्णिमा सिंह, सिंचाई विभाग के दिनेश सिंह आदि मौजूद थे।
बाढ़ पीड़ितों को समय से मदद पहुंचे : विधायक
फोटो नं. 15
सीतापुर। बाढ़ पीड़ितों तक समय से राहत सामग्री पहुंच सके इसके लेकर प्रशासन अभी से ही तैयारियों को पूरा कर ले। यह बात बुधवार को सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने बुधवार को तटीय क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान कही। विधायक ने क्षेत्र के असईपुर, कमरिया, काशीपुर आदि गांवों का भ्रमण किया, वहां के बाशिंदों से मुलाकात की और उनका दर्द सुना। इस मौके पर किसानों ने फसलों के नुकसान की बात कही। जिसको लेकर विधायक ने फसलों का बीमा करने की बात किसानों से कही। विधायक ने कहा कि किसान अपनी सूची बनाकर दे दें जिससे कि कृषि विभाग सभी का बीमा कर सके। उन्होंने कहा कि लोगों को पर्याप्त मात्रा में अनाज व हर जरूरी सामान प्रशासन मुहैया कराएगा। किसी को कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इसका ध्यान रखे कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद जो भी नुकसान हुआ है उसे ठीक कराया जाए। सभी विभाग अभी से कार्ययोजना तैयार कर लें। सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई होंगी, उनको तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कराया जाए।