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सामान्य रहा घाघरा का जलस्तर

Sun, 23 Jul 2017 09:46 PM IST
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:46 PM IST
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सामान्य रहा घाघरा का जलस्तर
सामान्य रहा घाघरा का जलस्तर, लोगों को राहत
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पचीसा टापू के लोगों को दूसरी जगह बसाने की कवायद
रेउसा(सीतापुर)। गांजरी क्षेत्र के तटीय क्षेत्र के बाशिंदों के लिए रविवार का दिन राहत देने वाला रहा। इस दिन घाघरा नदी ने कोई खास कटान नहीं किया। नदी जलस्तर भी सामान्य रहा। तटीय क्षेत्र के बाशिंदे जलस्तर और बढने की आशंका जता रहे थे, लेकिन नदी का पानी दो फीट नीचे ही रहा। इससे लोगों ने राहत की सांस ली।
मालूम हो कि बीते दो दिनों से नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा था। इससे तटीय क्षेत्र के लोग भयभीत थे लेकिन नदी का पानी किनारों से दो फीट नीचे ही आकर स्थिर हो गया। नदी के कटान में कमी देखने को मिली। नदी कोनी, दुर्गापुरवा, गोडिय़न पुरवा, रामलालपुरवा व नगीनापुरवा के निकट त्यागी बाबा आश्रम की जमीन को आहिस्ता-आहिस्ता काटती नजर आई। उधर घाघरा, शारदा व बनबसा बैराजों से 206574 क्यूसेक पानी रविवार को भी छोड़ा गया है। इस पानी से घाघरा नदी के जलस्तर में इजाफा होने की आशंका जताई जा रही थी लेकिन नदी का पानी किनारों से दो फीट ही नीचे ही रहा। इससे तटीय क्षेत्र के करीब 24 गांवों के लोगों ने राहत महसूस की। लोगों का मानना है कि नदी का पानी किसी भी समय नदी से बाहर आ सकता है। उधर अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन मुस्तैद है। तटीय क्षेत्र के लोगों की हर संभव मदद के लिए प्रशासन तैयार है
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टापू पर हुई चौपाल, पीड़ितों को समझाया
सीतापुर। रविवार की दोपहर एसडीएम स्टीमर से पचीसा टापू के लिए रवाना हुए। उनके टापू पर आने की खबर जैसे ही गांव के लोगों को मिली वे सभी एक स्थान पर जमा हो गए। एसडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि घाघरा के जलस्तर का कोई भरोसा नहीं है। कटान से टापू पर मुसीबत आ सकती है। इससे टापू पर बसे लोगों के जीवन पर संकट आ सकता है। ऐसे में टापू से बाहर बसना बेहतर विकल्प होगा। एसडीएम ने लोगों से कहा कि सरकार टापू के लोगों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने के लिए प्रयासरत है। एसडीएम की बात सुनने के बाद गांव के लोगों ने कहा कि उनका परिवार है साथ में पालतू जानवर भी हैं। ऐसे में वे अपने जानवरों को उस टापू पर छोड़कर नहीं जा सकते। एसडीएम ने भरोसा दिया कि परिवारों को टापू से बाहर निकलते वक्त जानवरों को टापू पर नहीं छोड़ा जाएगा। बल्कि हर जानवर को भी सुरक्षित टापू से बाहर निकाला जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने टापू से बाहर बसने की सहमति जताई। एसडीएम ने लोगों को भरोसा दिया कि जल्द ही सारे परिवारों का टापू से बाहर निकाला जाएगा। इस दौरान तहसीलदार सर्वरीश मिश्रा, नायब तहसीलदार प्राची त्रिपाठी, उपनिरीक्षक सलीम मलिक आदि मौजूद थे।
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जन्मदिन पर कटान पीड़ितों के बीच बांटी खुशियां
रविवार को बिसवां एसडीएम का जन्मदिन था। उनके मित्रों को इंतजार था कि ऐसे मौके पर एसडीएम साहब कोई पार्टी देंगे, लेकिन एसडीएम सुबह होते ही कटान पीड़ितों के बीच जाने की तैयारियों में जुट गए। दोपहर के वक्त एसडीएम टापू पर बसे कटान पीड़ित गांव पचीसा के बाशिंदों के पास पहुुंचे। इस दौरान मिठाई, फल व बिस्किट के पैकेट वे अपने साथ ले गए थे। यहां पर एसडीएम ने कटान पीड़ितों को फल, मिठाई व बिस्किट के पैकेट को बांटकर उनका दर्द साझा किया। गांव के लोगों का यहां तक कहना था कि आज रविवार का दिन था, इसलिए उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी उनका हाल जानने टापू पर पहुंचेगा। एसडीएम ने अपने जन्मदिन का समय कटान पीड़ितों के बीच में काटा।

सकारात्मक रही चौपाल
पचीसा गांव पहुंचा था, वहां पर ग्रामीणों को बाहर निकालने के लिए राजी कर लिया गया है। विस्थापन के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है। जल्द ही वहां बसे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया जाएगा।
दीपेंद्र यादव, एसडीएम
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